Sunday, August 30, 2026
  • Contact
India News
  • मुख्य समाचार
  • राजनीति
  • संपादक की पसंद
  • शहर और राज्य
    • उत्तर प्रदेश
      • आगरा
      • कानपुर
      • लखनऊ
      • मेरठ
    • छत्तीसगढ
      • जगदलपुर
      • बिलासपुर
      • भिलाई
      • रायपुर
    • दिल्ली
    • बिहार
      • पटना
    • मध्य प्रदेश
      • इंदौर
      • ग्वालियर
      • जबलपुर
      • भोपाल
    • महाराष्ट्र
      • नागपुर
      • नासिको
      • पुणे
      • मुंबई
    • राजस्थान
      • अजमेर
      • कोटा
      • जयपुर
      • जैसलमेर
      • जोधपुर
  • स्टार्टअप
  • कृषि
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • धर्म
  • ऑटो
  • सरकारी नौकरी
  • वीडियो
No Result
View All Result
India News
Home स्पेशल

नेपाल में मौत के मलबे से निकल रही लाशें, नदियां फिर उफान पर… 734 मौतों के बाद नई आफत का अलर्ट

DigitalDesk by DigitalDesk
August 30, 2026
in स्पेशल
0
nepal crisis
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterWhatsapp

Related posts

Switzerland really depressing An American woman spent 10 days

क्या स्विट्जरलैंड सच में है ‘डिप्रेसिंग’? 10 दिन रही अमेरिकी महिला, जो देखा उसने बदल दी पूरी सोच

August 30, 2026
Startup India 2026

Startup India 2026: नौकरी ढूंढने से नौकरी देने तक… युवाओं के लिए खुल रहा उद्यमिता का नया दरवाजा

August 30, 2026

नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के पांच दिन बाद भी तबाही का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा। एक तरफ नदियों का पानी फिर बढ़ने लगा है, दूसरी तरफ मलबे के ढेरों से शव और मानव अवशेष बरामद हो रहे हैं। हजारों परिवार अब भी अपने लापता परिजनों की खबर का इंतजार कर रहे हैं। नेपाल सरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 734 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 2,498 लोग अब भी लापता हैं।  और अब सबसे बड़ा डर यह है कि राहत और खोज अभियान के बीच एक और बाढ़ की स्थिति पैदा न हो जाए। भोटेकोशी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने तटवर्ती इलाकों में लोगों को सतर्क रहने को कहा है। सुनकोशी नदी भी सिंधुली में चेतावनी स्तर के ऊपर पहुंच गई। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल निचले इलाकों में बड़े पैमाने पर बाढ़ का खतरा नहीं है।

2,498 लोग अब भी लापता, हजारों परिवार अपनों की तलाश में

भोटेकोशी का बढ़ा जलस्तर, सुरंगों में फंसे लोगों को बचाने की जंग

भारत ने भेजी 68.5 टन राहत सामग्री, सुरंग रेस्क्यू और फोरेंसिक टीम भी पहुंची

734 मौतें… लेकिन असली चिंता 2,498 लापता लोगों की

नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के रविवार सुबह के आंकड़ों ने तबाही की भयावह तस्वीर सामने रखी है। चितवन में सबसे ज्यादा 259 शव बरामद हुए हैं। नवलपरासी ईस्ट में 184, नवलपरासी वेस्ट में 82, गोरखा में 58, नुवाकोट में 52, धादिंग में 50, तनहूं में 36 और रसुवा में 13 शव मिलने की जानकारी दी गई है। कई स्थानों पर शवों के बजाय मानव अवशेष मिल रहे हैं, जिससे मृतकों की पहचान करना भी बड़ी चुनौती बन गया है।

लेकिन आंकड़ों के पीछे जो मानवीय त्रासदी छिपी है, वह और भयावह है।

करीब 2,500 लोग अब भी लापता हैं। इनमें नेपाली नागरिकों के साथ विदेशी नागरिक और बड़ी संख्या में हाइड्रोपावर परियोजनाओं में काम करने वाले लोग शामिल हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए भारतीयों को लेकर भी परिवारों की चिंता बनी हुई है।

यानी नेपाल में अभी राहत अभियान का सबसे मुश्किल चरण शुरू हुआ है—मलबे में जिंदगी तलाशने का।

नदी फिर बढ़ी… बचाव दल भी खतरे में

बाढ़ से पहले ही तबाह हो चुके इलाकों में अब नदियों का बढ़ता जलस्तर बचाव अभियान के लिए नई चुनौती बन गया है। रसुवा में भोटेकोशी का बहाव रात के दौरान अचानक बढ़ा। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क किया। सुनकोशी भी चेतावनी स्तर के ऊपर पहुंची। बचावकर्मियों के सामने अब दोहरी चुनौती है—मलबे में फंसे लोगों को निकालना और खुद को अचानक आने वाली बाढ़ से बचाना। यही वजह है कि कई इलाकों में राहत दलों को ऊंचे स्थानों पर रहने और हालात पर लगातार नजर रखने की चेतावनी दी गई है।

सुरंगों के अंदर जिंदगी और मौत के बीच जंग

नेपाल की इस त्रासदी का सबसे भयावह अध्याय हाइड्रोपावर परियोजनाओं की सुरंगों में लिखा जा रहा है। रसुवा में त्रिशूली क्षेत्र की एक जलविद्युत परियोजना की सुरंग में 100 से ज्यादा लोगों के फंसे होने की आशंका है। बचाव दल कीचड़ और मलबे को हटाकर सुरंग के अंदर रास्ता बनाने की कोशिश कर रहे हैं। रविवार को बचाव अभियान में एक महत्वपूर्ण सफलता भी मिली। सुरंग तक एक पाइप पहुंचाकर उसके जरिए अंदर हवा भेजने की कोशिश की गई। लेकिन लगातार बारिश और नदी के बढ़ते पानी ने अभियान को और जोखिम भरा बना दिया है। यहां हर मिनट महत्वपूर्ण है, क्योंकि सुरंग के भीतर फंसे लोगों तक ऑक्सीजन, पानी और भोजन पहुंचाना और उनके लिए सुरक्षित रास्ता बनाना सबसे बड़ी चुनौती है।

भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ

नेपाल की इस आपदा में भारत राहत और बचाव के मोर्चे पर लगातार सहायता पहुंचा रहा है। भारत ने राहत सामग्री की चौथी खेप के तौर पर 11 टन सामान लेकर भारतीय वायुसेना का C-130J विमान नेपाल भेजा। इसमें सुरंग बचाव उपकरण, तकनीकी टीम, फोरेंसिक विशेषज्ञ और DNA पहचान के लिए जरूरी उपकरण शामिल हैं।

भारत अब तक नेपाल को कुल 68.5 टन राहत सामग्री भेज चुका है। इसमें दवाइयां, भोजन, पानी शुद्ध करने वाली गोलियां, पोर्टेबल जनरेटर और दूसरे जरूरी उपकरण शामिल हैं। भारत की मदद केवल राहत सामग्री तक सीमित नहीं है। नेपाल में सुरंगों की स्थिति का आकलन करने के लिए विशेषज्ञ टीम पहुंच चुकी है और विशेष सुरंग-रेस्क्यू टीम को भी उपकरणों के साथ भेजा जा रहा है।

भारतीयों की तलाश भी जारी

इस आपदा में भारतीय नागरिकों को लेकर भी चिंता बड़ी है। भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक 108 भारतीय नागरिकों को बचाया जा चुका है, जबकि 275 से ज्यादा भारतीयों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। भारत लगातार नेपाल और चीन के अधिकारियों के संपर्क में है। चीन की ओर से भी कई भारतीयों के सुरक्षित होने और नेपाल की तरफ आने की प्रक्रिया जारी है। यानी एक तरफ नेपाल अपने नागरिकों को खोज रहा है, तो दूसरी तरफ भारत अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए लगातार अभियान चला रहा है।

टूटे पुल, बह गई सड़कें… राहत पहुंचाना सबसे बड़ा इम्तिहान

बाढ़ ने सिर्फ लोगों की जान नहीं ली। इसने नेपाल की परिवहन व्यवस्था को भी बुरी तरह तोड़ दिया है। सड़कें बह गईं। पुल टूट गए। कई गांवों का संपर्क मुख्य शहरों से कट गया। ऐसे इलाकों में राहत सामग्री ट्रकों से पहुंचाना संभव नहीं है। इसलिए हेलिकॉप्टरों के जरिए लोगों को निकाला और जरूरी सामान पहुंचाया है। भारत ने नेपाल में अस्थायी संपर्क बहाल करने के लिए 230 फुट लंबे स्टील ब्रिज का सामान भेजा है। 16 ट्रक इसके उपकरण लेकर पहुंच चुके हैं और सात अन्य बेली ब्रिज के लिए उपकरण भेजने की तैयारी है। यह इसलिए अहम है क्योंकि सड़क संपर्क बहाल हुए बिना राहत अभियान को व्यापक स्तर पर चलाना बेहद मुश्किल होगा।

अस्पतालों पर भी संकट

बाढ़ के बाद दूसरी बड़ी चुनौती अब स्वास्थ्य संकट की है। कई इलाकों में अस्पतालों तक दवाइयां और ईंधन पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। पानी की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से साफ पेयजल की समस्या बढ़ रही है। गंदा पानी, सड़ते शव, कीचड़ और बिजली-पानी की व्यवस्था में टूटन के कारण संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। यानी नेपाल अब सिर्फ बाढ़ से बचने की लड़ाई नहीं लड़ रहा, बल्कि बाढ़ के बाद पैदा होने वाली बीमारियों और मानवीय संकट से भी जूझ रहा है।

मौत के आंकड़े से बड़ी है तबाही की तस्वीर

इस त्रासदी को केवल 734 मौतों के आंकड़े से समझना मुश्किल है। हर शव के पीछे एक परिवार है। हर लापता व्यक्ति के पीछे किसी का इंतजार है। हर टूटे पुल के पीछे किसी गांव की रोजमर्रा की जिंदगी है। हर बंद सड़क के पीछे अस्पताल, बाजार और राहत केंद्र से कटा हुआ एक इलाका है। और सबसे बड़ी चिंता यह है कि तबाही खत्म होने के बाद भी संकट खत्म नहीं होगा। नेपाल के वित्त मंत्री के अनुसार पुनर्निर्माण की लागत अरबों डॉलर तक पहुंच सकती है। बाढ़ ने बुनियादी ढांचे, जलविद्युत परियोजनाओं, सड़कों और सीमावर्ती व्यापारिक संपर्कों को भारी नुकसान पहुंचाया है।

नेपाल के सामने अब तीन मोर्चों की जंग

आज नेपाल तीन मोर्चों पर एक साथ लड़ रहा है।

पहला—मलबे में जिंदगी तलाशने की जंग।
दूसरा—बढ़ती नदियों और नई बाढ़ से लोगों को बचाने की जंग।
तीसरा—टूटे हुए नेपाल को दोबारा खड़ा करने की जंग। 

और इन तीनों मोर्चों के बीच भारत की सहायता एक महत्वपूर्ण सहारा बनकर सामने आई है। लेकिन फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है— क्या मलबे के नीचे अभी भी कोई जिंदगी सांस ले रही है? सुरंगों के भीतर फंसे लोग, हजारों लापता नागरिक और नदी किनारे बसे परिवार इस सवाल का जवाब तलाश रहे हैं। नेपाल में राहत अभियान का पांचवां दिन है, लेकिन इस त्रासदी की कहानी अभी खत्म नहीं हुई। मलबा अभी हटना बाकी है… हजारों अपनों का इंतजार अभी बाकी है… और नेपाल के सामने सबसे कठिन इम्तिहान अभी बाकी है।

Tags: #Deaths in Nepal #Bodies being recovered from debris #Rivers surging again #734 deaths #Alert for fresh crisis#nepal crisis#Nepal Crisis LIVE
LIVE India News

लाइव इंडिया न्यूज 2016 से आप तक खबरें पंहुचा रहा है। लाइव इंडिया वेबसाइट का मकसद ब्रेकिंग, नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, बिजनेस और अर्थतंत्र से जुड़े हर अपडेट्स सही समय पर देना है। देश के हिंदी भाषी राज्यों से रोजमर्रा की खबरों से लेकर राजनीति नेशनल व इंटरनेशनल मुद्दों से जुडी खबरें और उनके पीछे छुपे सवालों को बेधड़क सामने लाना, देश-विदेश के राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों का विश्लेषण बेबाकी से करना हमारा मकसद है।

Vihan Limelite Event & Entertainment Pvt Ltd
Regd Office Flat No 1
Mig 3 E 6
Arera Colony Bhopal

Branch Office
Main Road. Tikraparaa
Raipur CG

Director Deepti Chaurasia
Mobile No 7725016291

Email id - liveindianewsandviews@gmail.com

Currently Playing

Nepal Flood Updates: नेपाल बॉर्डर पर बाढ़ पीड़ितों की मदद में उतरा ₹15 लाख का ड्रोन! फंसे लोगों तक पहुंचा रहा जरूरी सामान

Nepal Flood Updates: नेपाल बॉर्डर पर बाढ़ पीड़ितों की मदद में उतरा ₹15 लाख का ड्रोन! फंसे लोगों तक पहुंचा रहा जरूरी सामान

Nepal Flood Updates: नेपाल बॉर्डर पर बाढ़ पीड़ितों की मदद में उतरा ₹15 लाख का ड्रोन! फंसे लोगों तक पहुंचा रहा जरूरी सामान

मुख्य समाचार
Saayoni Ghosh

चार महीने में बदले सियासी तेवर: मोदी सरकार पर शायरी से वार करने वाली सायोनी घोष अब बनेंगी सरकार की आवाज़

मुख्य समाचार
Drone Technology: चीन में हर काम कर रहे हैं ड्रोन! देखकर रह जाएंगे हैरान

Drone Technology: चीन में हर काम कर रहे हैं ड्रोन! देखकर रह जाएंगे हैरान

मुख्य समाचार

RSS Unknown Feed

  • Contact

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

No Result
View All Result
  • Home
  • मुख्य समाचार
  • शहर और राज्य
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • संपादक की पसंद
  • मनोरंजन
  • स्टार्टअप
  • धर्म
  • कृषि

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

Go to mobile version