नेपाल बॉर्डर पर बाढ़ में फंसे लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए करीब 18 हजार डॉलर यानी लगभग ₹15 लाख का ड्रोन इस्तेमाल किया जा रहा है। अमेरिकी कंपनी का यह ड्रोन उन इलाकों में मदद पहुंचाने में जुटा है, जहां बाढ़ और मलबे के कारण पहुंचना मुश्किल हो गया है।
ड्रोन से पहुंचाई जा रही राहत सामग्री
ड्रोन की मदद से प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है। इस तकनीक से राहत दलों को कठिन इलाकों तक पहुंच बनाने में मदद मिल रही है और बचाव अभियान को तेजी दी जा रही है।
रासुवा में फिर बढ़ा बाढ़ का खतरा
26 अगस्त की आपदा के दो दिन बाद रासुवा जिले में दोबारा बाढ़ की चेतावनी जारी की गई। अधिकारियों के मुताबिक, आपदा वाले इलाके में बनी एक झील का तट टूट चुका है और नदी का पानी फिर बढ़ने लगा है।
चीन ने बचाव अभियान फिलहाल रोका
चीन ने तिब्बत के ग्यिंरोग और नेपाल सीमा से लगे क्षेत्र में राहत-बचाव अभियान फिलहाल रोक दिया है। मलबे से नदियों का रास्ता रुकने के कारण बनी झीलों में से एक से तेजी से पानी निकल रहा है। ऐसे में आगे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।




