उत्तर प्रदेश सरकार ने होमगार्ड जवानों और सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों के कल्याण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा की नई सौगात दी है। अब प्रदेश के होमगार्डों को 5 लाख रुपये तक का कैशलेस मेडिकल बीमा उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे सूचीबद्ध अस्पतालों में बिना जेब से खर्च किए इलाज करा सकेंगे। यह घोषणा प्रदेश सरकार में स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री धर्मवीर प्रजापति ने लखनऊ स्थित हिंदी भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की।
- होमगार्डों को मुफ्त इलाज की सुविधा
- 5 लाख तक का कैशलेस बीमा
- हर जिले में खुलेंगे सिविल डिफेंस कार्यालय
- स्वयंसेवकों की भूमिका होगी मजबूत
- राज्यमंत्री धर्मवीर प्रजापति ने किया ऐलान
राज्यमंत्री ने कहा कि होमगार्ड और सिविल डिफेंस के स्वयंसेवक आपदा, कानून-व्यवस्था, चुनाव, धार्मिक आयोजनों और अन्य सार्वजनिक सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे कर्मियों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से पांच लाख रुपये तक के कैशलेस मेडिकल बीमा की व्यवस्था लागू की जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
उन्होंने बताया कि सरकार केवल बीमा सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि सिविल डिफेंस के ढांचे को भी मजबूत किया जा रहा है। अब उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले में सिविल डिफेंस कार्यालय स्थापित किए जा चुके हैं। इससे स्वयंसेवकों को स्थानीय प्रशासन और पुलिस के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने में सुविधा मिलेगी और आपदा या आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्य अधिक प्रभावी ढंग से किए जा सकेंगे।
धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि सिविल डिफेंस स्वयंसेवक समाज और प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनका प्रशिक्षण, संसाधन और संगठनात्मक व्यवस्था जितनी मजबूत होगी, उतनी ही तेजी से लोगों तक मदद पहुंचाई जा सकेगी। उन्होंने स्वयंसेवकों से अपील की कि वे जिला प्रशासन और पुलिस के साथ मिलकर जनसेवा के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
अपने संबोधन के दौरान मंत्री ने अपने पूर्व कार्यकाल का भी उल्लेख किया, जब उनके पास कारागार विभाग का दायित्व था। उन्होंने बताया कि उस दौरान अंग्रेजों के समय से लागू पुराने जेल मैनुअल में बदलाव की प्रक्रिया शुरू की गई। जेलों में रहने वाली महिला बंदियों के बच्चों की शिक्षा के लिए शिक्षकों की व्यवस्था की गई, ताकि वे शिक्षा से वंचित न रहें।
उन्होंने यह भी कहा कि कारागारों में बंद कैदियों से लगातार संवाद स्थापित कर उनके पुनर्वास और बेहतर भविष्य की दिशा में प्रयास किए गए। कई ऐसे कैदी, जो केवल जुर्माने की राशि जमा न कर पाने के कारण जेल में बंद थे, उन्हें आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर रिहा कराया गया। मंत्री के अनुसार, ऐसे छह हजार से अधिक कैदियों को इस पहल का लाभ मिला।
अब सिविल डिफेंस और होमगार्ड विभाग का कार्यभार संभालने के बाद भी उनका फोकस कर्मचारियों और स्वयंसेवकों की समस्याओं के समाधान पर है। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारियों और होमगार्ड जवानों से नियमित संवाद कर उनकी आवश्यकताओं को समझा जा रहा है और चरणबद्ध तरीके से सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने सिविल डिफेंस के पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों को बेहतर कार्य के लिए सम्मानित भी किया। उन्होंने कहा कि सम्मान से कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ता है और वे अधिक समर्पण के साथ जनसेवा में जुटते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि होमगार्डों के लिए स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधा लंबे समय से अपेक्षित थी। होमगार्ड अक्सर पुलिस के साथ जोखिम भरे अभियानों, भीड़ नियंत्रण, प्राकृतिक आपदाओं, चुनाव ड्यूटी और अन्य संवेदनशील परिस्थितियों में कार्य करते हैं। ऐसे में यदि उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी तो उनका आत्मविश्वास और कार्यक्षमता दोनों बढ़ेंगे।
कैशलेस मेडिकल बीमा योजना का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि गंभीर बीमारी या दुर्घटना की स्थिति में होमगार्ड जवानों को इलाज के लिए तत्काल धन की व्यवस्था नहीं करनी पड़ेगी। इससे आर्थिक बोझ कम होगा और समय पर उपचार मिल सकेगा।
सरकार का यह फैसला केवल एक कल्याणकारी योजना नहीं, बल्कि उन हजारों होमगार्ड जवानों के योगदान का सम्मान भी माना जा रहा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और आपदा प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। स्वास्थ्य सुरक्षा, सिविल डिफेंस नेटवर्क के विस्तार और विभागीय सुधारों के जरिए उत्तर प्रदेश सरकार होमगार्ड और स्वयंसेवकों की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ उनकी सामाजिक सुरक्षा को भी मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ती दिखाई दे रही है।