ईरान पर अमेरिका का बड़ा सैन्य अभियान, 5 घंटे तक कई ठिकानों पर हमले; होर्मुज को लेकर ट्रंप के नए ऐलान से बढ़ा तनाव

मध्य-पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है। अमेरिका ने लगातार तीसरे दिन ईरान के कई सामरिक ठिकानों पर व्यापक सैन्य कार्रवाई की। करीब 5 घंटे तक चले इस अभियान में समुद्री सुरक्षा से जुड़े ठिकानों, मिसाइल अड्डों और नौसैनिक सुविधाओं को निशाना बनाया गया। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर नई नीति का संकेत दिया, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

पांच घंटे चले अभियान में कई नौसैनिक और सैन्य ठिकानों पर हुए हमले

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ताजा अभियान के दौरान बुशहर, चाबहार, जास्क, कोनार्क, अबू मूसा और बंदर अब्बास स्थित सैन्य ठिकानों पर सटीक कार्रवाई की गई। अमेरिका का दावा है कि इस ऑपरेशन में ईरान की तटीय रक्षा प्रणाली, मिसाइल लॉन्चिंग क्षमता, ड्रोन बेस और नौसैनिक ढांचे को निशाना बनाया गया। बंदर अब्बास स्थित पनडुब्बी और नौसैनिक मरम्मत केंद्र भी हमले की जद में रहे।

जवाबी कार्रवाई में ईरान ने अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना

अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान की ओर से भी जवाबी हमलों का दावा किया गया। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि बहरीन के अल जुफैर क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन दागे गए। ईरान का दावा है कि इस कार्रवाई में ईंधन भंडारण केंद्र, पैट्रियट रडार, एयर कंट्रोल रडार, सी-रैम अर्ली वार्निंग सिस्टम और मानवरहित समुद्री नियंत्रण केंद्र को नुकसान पहुंचा है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ट्रंप का बड़ा प्रस्ताव सामने आया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका भविष्य में होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों से 20 प्रतिशत शुल्क लिया जाएगा, ताकि सुरक्षा व्यवस्था पर होने वाला खर्च पूरा किया जा सके। ट्रंप ने कहा कि इस व्यवस्था को लागू करने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी और सभी देशों को सुरक्षित व निष्पक्ष आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी।

ईरान ने शुल्क पर जताई आपत्ति, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था पर दिया जवाब

ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा का महत्व सभी जानते हैं, लेकिन 20 प्रतिशत शुल्क बेहद अधिक है। उन्होंने कहा कि ईरान लंबे समय से इस रणनीतिक समुद्री मार्ग की सुरक्षा में अपनी भूमिका निभाता आया है और आगे भी निभाता रहेगा। दोनों देशों के बयानों के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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