शीत्सांग के नगारी क्षेत्र में स्थित रेनबो ट्राउट मछली फार्म जल्द ही इस्तेमाल में लाया जाएगा

हाल ही में, चीन के शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश के नगारी क्षेत्र की गार काउंटी में रेनबो
ट्राउट मछली पालन के लिए भूमि आधारित पुनर्चक्रण मत्स्यपालन प्रदर्शन और
अनुसंधान परियोजना काफी हद तक पूरी हो चुकी है। योजना के अनुसार, इस
फार्म का उपयोग सितंबर की शुरुआत में शुरू हो जाएगा। व्यवस्थित तकनीकी
सफलताओं और एकीकृत नवाचार के माध्यम से, इस परियोजना ने नगारी क्षेत्र
की गार काउंटी में रेनबो ट्राउट के लिए एक पूर्ण पठार-अनुकूल भूमि-आधारित
पुनर्चक्रण मत्स्य पालन प्रणाली स्थापित की है, जिससे शीत्सांग के नगारी क्षेत्र में
खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित होती है और सीमावर्ती क्षेत्रों को स्थिर करने और
विकसित करने की रणनीति में योगदान मिलता है।

स्थानीय सरकार के अनुसार, नगारी क्षेत्र ने 800 वर्ग मीटर की कार्यशाला को
उन्नत करके लगभग 300 घन मीटर की प्रभावी जल क्षमता वाली पठारी
पुनर्चक्रण मत्स्य पालन प्रणाली का निर्माण किया है। यह प्रणाली दोहरी परत
वाली इन्सुलेटेड कार्यशाला और उच्च दक्षता वाले जल उपचार उपकरणों से
सुसज्जित है, और पूर्ण स्वचालन और दूरस्थ निगरानी के लिए एक केंद्रीय
नियंत्रण प्रणाली स्थापित की गई है।

उल्लेखनीय बात यह है कि इस परियोजना ने 4,300 मीटर से अधिक ऊंचाई पर
रेनबो ट्राउट मछली पालन की तकनीकी बाधा को दूर कर लिया है। ऊष्मा संरक्षण
डिजाइन, कुशल ऑक्सीजनीकरण, जल गुणवत्ता नियंत्रण और ऊर्जा बचत एवं
खपत में कमी जैसी नवीन तकनीकों के माध्यम से, परियोजना ने जल तापमान,
घुलित ऑक्सीजन और अमोनिया नाइट्रोजन जैसे प्रमुख संकेतकों पर स्थिर
नियंत्रण हासिल किया है, साथ ही ऊर्जा खपत को भी कम किया है, जिससे पठारी
वातावरण में प्रणाली का स्थिर संचालन संभव हो पाया है। वहीं, पारिस्थितिक
पर्यावरण संरक्षण के संदर्भ में, यह फार्म बहुत कम अपशिष्ट जल उत्सर्जित
करता है, और जल संसाधन उपयोग दर 95 प्रतिशत से अधिक तक पहुंच जाती
है, जिससे प्रति इकाई उत्पादन में ऊर्जा की खपत कम हो जाती है।

(साभार-चाइना मीडिया ग्रुप,पेइचिंग)

 

 

 

 

 

 

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