Gold Silver: सोना 100% शुद्ध क्यों नहीं होता? 25 अगस्त को भाव ने छुआ नया स्तर, जानिए 24 कैरेट की असली कहानी

भारत में सोने की कीमत इस समय काफी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। 25 अगस्त, मंगलवार को देश में 24 कैरेट सोने का औसत भाव करीब 1,67,941 रुपये प्रति 10 ग्राम बताया गया है। वहीं 22 कैरेट सोना लगभग 1,54,607 रुपये प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट सोना करीब 1,22,940 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। सोना महंगा होने के बावजूद भारत में इसकी मांग लगातार बनी रहती है। इसकी वजह सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि लोगों का इससे जुड़ा भावनात्मक और सांस्कृतिक रिश्ता भी है। शादी-ब्याह और दूसरे पारिवारिक आयोजनों में सोने के आभूषणों की खास भूमिका रहती है।

25 अगस्त को प्रमुख शहरों में सोने-चांदी के भाव

शहरों में सोने और चांदी की कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। नीचे दिए गए भाव 25 अगस्त 2026 के उपलब्ध खुदरा बाजार आंकड़ों पर आधारित हैं

शहर 24 कैरेट सोना (10 ग्राम) 22 कैरेट सोना (10 ग्राम) चांदी (1 किलो)
दिल्ली ₹1,63,900 ₹1,50,250 ₹2,60,000
मुंबई ₹1,63,750 ₹1,50,100 ₹2,60,000
कोलकाता ₹1,63,750 ₹1,50,100 ₹2,60,000
चेन्नई ₹1,63,750 ₹1,50,100 ₹2,65,000
बेंगलुरु ₹1,63,750 ₹1,50,100 ₹2,60,000
हैदराबाद ₹1,63,750 ₹1,50,100 ₹2,60,000
भोपाल ₹1,63,800 ₹1,50,150 ₹2,60,000

 

नोट: अलग-अलग स्रोत, बाजार, ज्वेलर, जीएसटी और मेकिंग चार्ज के कारण वास्तविक खरीद कीमत अलग हो सकती है। भोपाल में 25 अगस्त को 24 कैरेट सोना ₹16,380 प्रति ग्राम और 22 कैरेट ₹15,015 प्रति ग्राम दर्ज किया गया।

आखिर सोना 100 प्रतिशत शुद्ध क्यों नहीं होता?

बहुत से लोगों के मन में सवाल रहता है कि जब 24 कैरेट सोने को सबसे शुद्ध माना जाता है तो फिर इसकी शुद्धता 100 प्रतिशत क्यों नहीं होती। दरअसल प्राकृतिक रूप से मिलने वाले सोने को पूरी तरह शुद्ध करने की भी एक सीमा होती है। सोने को साफ करने के लिए आधुनिक रिफाइनिंग तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है, जिनमें मिलर क्लोरीनेशन प्रक्रिया और वोहलविल इलेक्ट्रोलाइटिक प्रक्रिया प्रमुख हैं।

इन प्रक्रियाओं के जरिए सोने की शुद्धता आमतौर पर 99.99 प्रतिशत तक पहुंचाई जा सकती है और बेहद खास परिस्थितियों में यह 99.999 प्रतिशत तक भी हो सकती है। इसके बावजूद बेहद सूक्ष्म मात्रा में दूसरी धातुओं या अशुद्धियों के कण मौजूद रह सकते हैं। इसी वजह से बाजार में 24 कैरेट सोने को 99.9 प्रतिशत शुद्धता के साथ बताया जाता है, न कि 100 प्रतिशत।

24 कैरेट सोने से आभूषण क्यों नहीं बनाए जाते?

24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध होने के साथ-साथ काफी नरम भी होता है। यही कारण है कि इससे सीधे चूड़ी, अंगूठी, चेन या दूसरे रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले आभूषण बनाना आसान नहीं होता। दबाव पड़ने पर यह आसानी से मुड़ सकता है और इसकी सतह पर खरोंच भी आ सकती है।

आभूषणों में डिजाइन और मजबूती दोनों जरूरी होती हैं। खासकर जब किसी अंगूठी या हार में हीरा अथवा दूसरा कीमती पत्थर लगाया जाता है, तो धातु का मजबूत होना जरूरी होता है ताकि वह पत्थर को मजबूती से पकड़े रख सके। इसी वजह से आभूषण बनाने में 22 कैरेट जैसे मिश्रित सोने का इस्तेमाल ज्यादा किया जाता है। 22 कैरेट में सोने के साथ थोड़ी मात्रा में दूसरी धातुएं मिलाई जाती हैं, जिससे इसकी मजबूती बढ़ती है।

सोना खरीदते समय शुद्धता के साथ इन बातों का भी रखें ध्यान

सोने की कीमत चाहे कितनी भी हो, खरीदारी के समय सिर्फ भाव देखना पर्याप्त नहीं है। खरीदार को सोने की शुद्धता, हॉलमार्क, वजन और बिल की जानकारी जरूर जांचनी चाहिए। 24 कैरेट सोना निवेश के लिए अधिक शुद्ध माना जाता है, जबकि आभूषणों के लिए 22 कैरेट ज्यादा व्यावहारिक रहता है।

सबसे जरूरी बात यह है कि सोना खरीदते समय ज्वेलर से शुद्धता और कीमत का पूरा विवरण लिखित बिल में लिया जाए। क्योंकि सोने के भाव में रोज बदलाव हो सकता है और अलग-अलग शहरों या दुकानों में कीमत अलग हो सकती है। इसलिए खरीदारी से पहले उस दिन का स्थानीय भाव और अतिरिक्त शुल्क जरूर जांच लेना समझदारी है।

नोट- हमारे द्वारा दी गई सोने-चांदी की दरें सांकेतिक हैं और इसमें जीएसटी, टीसीएस और मेकिंग चार्ज जैसे अन्य शुल्क शामिल नहीं हैं. सटीक दरों के लिए अपने स्थानीय जौहरी या ज्वैलर्स शॉप से संपर्क करें.

 

 

 

 

 

 

 

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