स्थानीय समयानुसार 2 सितंबर की दोपहर को, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और उनकी
पत्नी फेंग लियुआन ने मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी और उनकी पत्नी
इंतिसार आमेर के साथ ग्रैंड इजिप्शियन म्यूजियम का दौरा किय।
दोनों राष्ट्रपतियों और उनकी पत्नियों ने रामसेस द्वितीय की प्रतिमा के सामने फोटो
खिंचवाई और म्यूजियम और प्राचीन मिस्र के इतिहास के बारे में जानकारी सुनी।
शी चिनफिंग ने कहा कि चीन और मिस्र दोनों ही प्राचीन सभ्यताएं और विश्व धरोहर के
प्रमुख देश हैं। दोनों सभ्यताओं ने समय और स्थान की सीमाओं को पार करते हुए
दीर्घकालिक, पारस्परिक रूप से लाभकारी आदान-प्रदान किया है और निरंतर दोनों देशों के
बीच मित्रता के नये अध्याय लिखे हैं। दोनों पक्षों को सभ्यता के प्रति अपने दृष्टिकोण में
समानता, पारस्परिक सीख , संवाद और समावेशिता के सिद्धांतों को बनाए रखना चाहिए,
वैश्विक सभ्यता पहल को लागू करना चाहिए और विभिन्न सभ्यताओं के बीच सामंजस्यपूर्ण
सह-अस्तित्व और पारस्परिक सीख को संयुक्त रूप से बढ़ावा देना चाहिए, जिससे मानव
जाति के लिए एक साझा भविष्य वाले समुदाय के निर्माण के लिए अधिक सांस्कृतिक शक्ति
का संचय हो सके।
सिसी ने पिछले वर्ष ग्रैंड इजिप्शियन म्यूजियम के उद्घाटन पर राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा
भेजे गए बधाई पत्र के लिए उन्हें धन्यवाद दिया और कहा कि प्राचीन मिस्र और चीनी
सभ्यताओं की "समावेश और विविधता में सह-अस्तित्व" की विशेषताएं राष्ट्रपति शी
चिनफिंग द्वारा प्रस्तावित वैश्विक सभ्यता पहल के साथ अत्यधिक संगत हैं। मिस्र चीन के
साथ लोगों की आवाजाही और सांस्कृतिक आदान प्रदान को मजबूत करने, सभ्यताओं
की पारस्परिक सीख को बढ़ावा देने और विश्व को अधिक सामंजस्यपूर्ण और समावेशी
बनाने के लिए तत्पर है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)





