28 अगस्त को बिश्केक में किर्गिस्तान की अपनी राजकीय यात्रा और 2026 शांगहाई सहयोग
संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेने से पहले, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने "स्लोवो
किर्गिज़स्ताना" और "ख़बर किर्गिज़ राष्ट्रीय समाचार एजेंसी" में एक हस्ताक्षरित लेख प्रकाशित
किया।
"हाथ मिलाकर चीन-किर्गिस्तान संबंधों में उच्च गुणवत्ता वाले विकास का नया अध्याय रचें" शीर्षक
वाले इस लेख में शी चिनफिंग ने कहा कि इस खूबसूरत धरती की यह उनकी तीसरी यात्रा होगी। वह
राष्ट्रपति सादिर जापारोव के साथ मिलकर चीन-किर्गिस्तान संबंधों के विकास के लिए नई योजना
तैयार करना चाहते हैं और साझा भविष्य वाले SCO समुदाय के निर्माण को एक नए स्तर पर ले
जाने के लिए तत्पर हैं।
शी चिनफिंग ने कहा कि इस वर्ष किर्गिस्तान की स्वतंत्रता की 35वीं वर्षगांठ है। चीन और
किर्गिस्तान घनिष्ठ पड़ोसी, साझा भाग्य वाले साझेदार और आपसी लाभ वाले मित्र हैं। राजनयिक
संबंध स्थापित होने के बाद से दोनों देशों ने हमेशा पारस्परिक सम्मान, अच्छे पड़ोसी संबंध, आपसी
सीख, पारस्परिक लाभ वाले सहयोग और उभय जीत के सिद्धांतों का पालन करते हुए आपसी
विश्वास और सहयोग को मजबूत किया है। द्विपक्षीय संबंध बदलती अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों की
कसौटी पर खरे उतरे हैं और अच्छे पड़ोसी संबंधों से रणनीतिक साझेदारी और फिर नए युग में
व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक ऐतिहासिक छलांग लगाते हुए लगातार नई ऊर्जा हासिल कर रहे
हैं।
अपने लेख में शी चिनफिंग ने यह भी कहा कि फरवरी 2025 में उन्होंने राष्ट्रपति जापारोव के साथ
नए युग में चीन-किर्गिस्तान व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने तथा अच्छे पड़ोसी
संबंधों और साझा समृद्धि पर आधारित साझा भविष्य वाले चीन-किर्गिस्तान समुदाय के निर्माण को
बढ़ावा देने पर महत्वपूर्ण सहमति व्यक्त की थी। इससे द्विपक्षीय संबंधों में एक नया अध्याय खुला।
शी चिनफिंग ने कहा कि चीन और किर्गिस्तान आपसी विश्वास और एक-दूसरे के दृढ़ समर्थन के
जरिए पड़ोसी देशों के बीच अच्छे पड़ोसी संबंधों और पारस्परिक लाभ का एक आदर्श बन गए हैं।
दोनों देश पारस्परिक लाभ वाले सहयोग और जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ रहे हैं।
वैश्विक आर्थिक विकास की सुस्ती के बावजूद द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग में स्थिर और
प्रगतिशील विकास का रुझान बना हुआ है। कई वर्षों से चीन, किर्गिस्तान का सबसे बड़ा व्यापारिक
साझेदार और विदेशी निवेश का सबसे बड़ा स्रोत रहा है।
इसके साथ ही, दोनों देशों के लोग लगातार आपसी संपर्क और विचारों के आदान-प्रदान के जरिए
एक-दूसरे से सीख रहे हैं। हाल के वर्षों में चीन ने किर्गिस्तान में एक लुबान कार्यशाला, चार
कन्फ्यूशियस संस्थान और 21 कन्फ्यूशियस कक्षाएं स्थापित की हैं। इससे स्थानीय लोगों को चीनी
भाषा और व्यावसायिक कौशल सीखने में मदद मिली है। पिछले वर्ष दोनों देशों के बीच लोगों का
आदान-प्रदान 4 लाख से अधिक रहा। वहीं, 30 सहयोगी प्रांतों और शहरों ने भी घनिष्ठ संबंध बनाए
रखे हैं। इससे चीन और किर्गिस्तान के बीच स्थायी मित्रता की नींव और मजबूत हुई है।
शी चिनफिंग ने यह भी कहा कि चीन और किर्गिस्तान एकजुट होकर एक-दूसरे के साथ खड़े हैं और
जोखिमों तथा चुनौतियों का मिलकर सामना करते हैं। जटिल और अस्थिर अंतरराष्ट्रीय तथा क्षेत्रीय
स्थिति के बीच दोनों देशों ने बहुपक्षीय ढांचों के भीतर मिलकर काम किया है, एक-दूसरे की प्रमुख
पहलों का सक्रिय रूप से समर्थन किया है और संयुक्त रूप से न्यायसंगत व व्यवस्थित बहुध्रुवीय
दुनिया तथा समावेशी आर्थिक वैश्वीकरण को बढ़ावा दिया है।
शी ने कहा कि वर्ष 2026 चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना की 105वीं वर्षगांठ है। साथ ही, यह
चीन की "15वीं पंचवर्षीय योजना" का पहला वर्ष भी है। वहीं, किर्गिस्तान "2030 तक राष्ट्रीय विकास
कार्यक्रम" लागू कर रहा है और "नए किर्गिस्तान" के निर्माण को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास
कर रहा है। दोनों पक्षों को साझा भविष्य वाले चीन-किर्गिस्तान समुदाय के निर्माण में ठोस प्रगति
करनी चाहिए, ताकि दोनों देशों के लोगों को बेहतर लाभ मिल सके और क्षेत्रीय व वैश्विक शांति,
स्थिरता और समृद्धि में अधिक योगदान दिया जा सके।
इसके अलावा, अपने लेख में राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने चीन और किर्गिस्तान के बीच अच्छे पड़ोसी
संबंधों को मजबूत करने, आपसी लाभ और उभय जीत पर कायम रहने, पारंपरिक मित्रता को आगे
बढ़ाने और बहुपक्षवाद का अभ्यास करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि SCO की स्थापना को 25 साल हो चुके हैं और यह दुनिया का सबसे बड़ा, सबसे
अधिक आबादी वाला और सबसे आशाजनक व्यापक क्षेत्रीय सहयोग संगठन बन गया है। संगठन की
घूर्णनशील अध्यक्षता संभालने के बाद से किर्गिस्तान ने "स्थायी शांति, विकास और समृद्धि की
दिशा में मिलकर काम करने" के विषय को बरकरार रखा है। उसने सदस्य देशों के बीच आम सहमति
बनाने और व्यावहारिक सहयोग को बढ़ावा देने में प्रभावी काम किया है, जिसकी चीन बहुत सराहना
करता है।
अपने लेख के अंत में शी चिनफिंग ने विश्वास जताया कि सभी पक्षों के संयुक्त प्रयासों से यह शिखर
सम्मेलन निश्चित रूप से पूरी तरह सफल होगा। इससे सभी पक्षों को "शांगहाई भावना" को आगे
बढ़ाने और साझा भविष्य वाले SCO समुदाय के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए नई प्रेरणा मिलेगी।
शी चिनफिंग ने कहा कि चीन, किर्गिस्तान के साथ मिलकर विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को चरणबद्ध
तरीके से आगे बढ़ाना चाहता है। दोनों देशों के लोगों के बीच मित्रता की बहती धाराओं को मित्रता की
एक विशाल नदी में बदलते हुए चीन हाथ मिलाकर द्विपक्षीय संबंधों में उच्च गुणवत्ता वाले विकास
का नया परिदृश्य बनाने के लिए तैयार है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)





