कौन है मोहम्मद अल-सादी? जो ट्रंप की बेटी इवांका को मारना चाहता था..क्या है अल सादी का ईरान से कनेक्शन

Donald Trump daughter Ivanka

कौन है मोहम्मद अल-सादी? जो अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका को मारना चाहता था..क्या है अल सादी का ईरान से संबंध

कौन है मोहम्मद अल-सादी?
इराकी नागरिक मोहम्मद बाकर साद दाऊद अल-सादी को अमेरिका और यूरोप में कई आतंकी साजिशों से जुड़ा बड़ा चेहरा माना जा रहा है। अमेरिकी जांच एजेंसियों के मुताबिक वह ईरान समर्थित नेटवर्क और खासतौर पर IRGC से प्रभावित था। हाल ही में उसे तुर्की से गिरफ्तार कर अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया, जहां उससे कई अंतरराष्ट्रीय हमलों को लेकर पूछताछ चल रही है।

इवांका ट्रंप को बनाया था निशाना
रिपोर्ट्स के अनुसार अल-सादी ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की बेटी Ivanka Trump को निशाना बनाने की साजिश रची थी। बताया गया कि उसने फ्लोरिडा स्थित इवांका के घर की निगरानी की और सोशल मीडिया पर घर का नक्शा साझा कर धमकी भरे संदेश भी पोस्ट किए।

IRGC से क्या है संबंध?
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अल-सादी ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स यानी IRGC से जुड़ा हुआ था। उसे IRGC का प्रशिक्षित कमांडर बताया जा रहा है। जांच एजेंसियों का मानना है कि वह ईरान समर्थित ऑपरेशन के तहत पश्चिमी देशों और अमेरिकी हितों को निशाना बनाने की योजना पर काम कर रहा था।

कासिम सुलेमानी की मौत का बदला?
रिपोर्ट के मुताबिक अल-सादी, ईरानी सैन्य कमांडर Qasem Soleimani को अपना गुरु मानता था। वर्ष 2020 में बगदाद में अमेरिकी ड्रोन हमले में सुलेमानी की मौत के बाद वह बेहद कट्टर हो गया था। कहा जा रहा है कि वह ट्रंप परिवार पर हमला कर उसी का बदला लेना चाहता था।

अमेरिका और यहूदी ठिकानों पर भी आरोप
अमेरिकी न्याय विभाग ने अल-सादी पर यूरोप और उत्तरी अमेरिका में कई हमलों और साजिशों का आरोप लगाया है। इनमें नीदरलैंड, ब्रिटेन और कनाडा में अमेरिकी और यहूदी ठिकानों को निशाना बनाने के मामले शामिल बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि वह अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क के संपर्क में था।

तुर्की से गिरफ्तारी, अमेरिका में जांच तेज
अल-सादी को 15 मई को तुर्की में गिरफ्तार किया गया था। बाद में उसे अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया। अमेरिकी एजेंसियां अब उसके नेटवर्क, फंडिंग और IRGC से कथित संपर्कों की गहराई से जांच कर रही हैं। इस मामले ने अमेरिका-ईरान तनाव को फिर से बढ़ा दिया है।

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