लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के साथ दो नई सड़क परियोजनाओं का होगा शिलान्यास
उत्तर प्रदेश में सड़क संपर्क और तेज यातायात व्यवस्था को नई गति मिलने वाली है। गंगा एक्सप्रेसवे समेत कई बड़ी परियोजनाओं के बाद अब राज्य को एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। जल्द ही प्रधानमंत्री Narendra Modi लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही कानपुर-कबरई ग्रीन फील्ड हाईवे और बाराबंकी-बहराइच फोर लेन हाईवे परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया जाएगा। इन परियोजनाओं से प्रदेश के कई जिलों में आवागमन आसान होने के साथ व्यापार, उद्योग और आर्थिक गतिविधियों को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अनुसार लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पूरी तरह तैयार हो चुका है और इसे जल्द आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। माना जा रहा है कि जून महीने में इसका उद्घाटन हो सकता है। हालांकि आधिकारिक तारीख की घोषणा अभी नहीं हुई है।
लखनऊ-कानपुर के बीच सफर होगा आधे घंटे का
करीब 63 किलोमीटर लंबा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे लगभग 4700 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इसमें 42 किलोमीटर लंबा ग्रीन फील्ड कॉरिडोर भी शामिल है। वर्तमान में राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर भारी ट्रैफिक और जाम के कारण कानपुर से लखनऊ पहुंचने में ढाई से तीन घंटे तक का समय लग जाता है। एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद यह दूरी मात्र 30 से 45 मिनट में तय की जा सकेगी।
एक्सप्रेसवे पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दौड़ सकेंगे। प्रस्तावित टोल दरों के अनुसार कार चालकों को एक तरफ के सफर के लिए लगभग 275 रुपये का भुगतान करना होगा, जबकि 24 घंटे के भीतर वापसी करने पर कुल 415 रुपये टोल देना पड़ सकता है।
कानपुर-कबरई ग्रीन फील्ड हाईवे को मिली मंजूरी
प्रधानमंत्री जिस दूसरी बड़ी परियोजना का शिलान्यास करेंगे, वह कानपुर-कबरई ग्रीन फील्ड हाईवे है। यह हाईवे करीब 112 किलोमीटर लंबा होगा और इसके निर्माण पर 3 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है।
यह नया हाईवे कानपुर से शुरू होकर फतेहपुर और हमीरपुर होते हुए कबरई तक पहुंचेगा। परियोजना को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है और इसके लिए वित्तीय स्वीकृति भी प्रदान की जा चुकी है। हाईवे बनने के बाद बुंदेलखंड क्षेत्र की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा।
बाराबंकी-बहराइच मार्ग होगा फोर लेन
तीसरी बड़ी परियोजना बाराबंकी-बहराइच हाईवे का चौड़ीकरण है। वर्तमान में दो लेन वाले इस मार्ग को चार लेन में विकसित किया जाएगा। केंद्र सरकार ने इस परियोजना के लिए लगभग 7 हजार करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।
हाईवे विस्तार के लिए बाराबंकी और बहराइच जिलों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार बहराइच में करीब 140 एकड़ और बाराबंकी में लगभग 110 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद पूर्वांचल और तराई क्षेत्र के लोगों को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा।
आठ जिलों को मिलेगा सीधा लाभ
इन परियोजनाओं का लाभ लखनऊ, कानपुर नगर, उन्नाव, फतेहपुर, हमीरपुर, महोबा, बाराबंकी और बहराइच समेत कई जिलों को मिलेगा। बेहतर सड़क नेटवर्क से माल परिवहन की लागत घटेगी, यात्रा समय कम होगा और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे।
क्या होता है ग्रीन फील्ड हाईवे?
ग्रीन फील्ड हाईवे वह सड़क परियोजना होती है जिसे पूरी तरह नए मार्ग पर विकसित किया जाता है। ऐसे मार्ग पहले से किसी सड़क या घनी आबादी वाले क्षेत्र से नहीं गुजरते। इससे भूमि अधिग्रहण की जटिलताएं कम होती हैं और हाईवे को आधुनिक मानकों के अनुरूप बनाया जा सकता है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए सड़क के दोनों ओर बड़े पैमाने पर पौधारोपण भी किया जाता है।
आर्थिक विकास को मिलेगी रफ्तार
विशेषज्ञों का मानना है कि ये परियोजनाएं उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देंगी। औद्योगिक क्षेत्रों, कृषि मंडियों और प्रमुख शहरों के बीच तेज संपर्क से व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। राज्य में तेजी से विकसित हो रहे एक्सप्रेसवे नेटवर्क के बीच लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे और दो नई हाईवे परियोजनाएं उत्तर प्रदेश को देश के सबसे बेहतर सड़क नेटवर्क वाले राज्यों में शामिल करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।