Sports News Update: रोहित शर्मा की एक बात ने बदल दी संजू सैमसन की सोच, फिर खेली विश्व कप की सबसे यादगार पारी

टीम इंडिया के विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने खुलासा किया है कि ICC पुरुष टी20 विश्व कप 2026 के दौरान उनका आत्मविश्वास पूरी तरह डगमगा गया था। न्यूजीलैंड टी20 सीरीज के बाद उन्हें लगातार प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा गया, जिससे वह मानसिक रूप से काफी निराश हो गए थे। संजू ने बताया कि उस समय कप्तान रोहित शर्मा ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि विश्व कप में उनका रोल अभी खत्म नहीं हुआ है, लेकिन उस वक्त उन्हें इस बात पर विश्वास नहीं हुआ। हालांकि बाद में वही भरोसा उनके करियर की सबसे अहम पारियों में से एक की वजह बना।

न्यूजीलैंड सीरीज के बाद मानसिक संघर्ष से गुजर रहे थे संजू

संजू ने बताया कि टीम से बाहर रहने का असर उनके मन पर साफ दिखाई दे रहा था। उन्होंने कहा कि वह अपनी भावनाओं को छिपा नहीं पाते और इसलिए उनकी निराशा चेहरे पर भी नजर आती थी। विश्व कप शुरू होने के शुरुआती दिनों तक वह इस झटके से उबर नहीं पाए थे और खुद को संभालने में उन्हें कई दिन लगे।

खुद से सवाल पूछे और फिर बदली पूरी सोच

संजू ने कहा कि मुश्किल दौर ने उन्हें खुद को नए सिरे से समझने का मौका दिया। उन्होंने खुद से पूछा कि आखिर वह क्रिकेट क्यों खेलते हैं और उनका असली उद्देश्य क्या है। इसी आत्ममंथन ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाया। उन्होंने महसूस किया कि जब खिलाड़ी सबसे नीचे होता है, तब उसके पास आगे बढ़ने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता।

वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली करियर की सबसे यादगार पारी

विश्व कप के अहम मुकाबले में वेस्टइंडीज के खिलाफ संजू ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए भारत की जीत में बड़ी भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि उस मैच से पहले उन्होंने खुद को बेहतर तरीके से तैयार किया था और मैदान पर सब कुछ उनके पक्ष में जाता महसूस हो रहा था। उनके अनुसार कुछ पारियां ऐसी होती हैं, जब हर शॉट सही जगह लगता है और वही दिन उनके लिए भी था।

भावुक जश्न के पीछे बताया असली कारण

संजू ने अपनी भावुक प्रतिक्रिया पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत उपलब्धि का जश्न नहीं था, बल्कि ईश्वर के प्रति आभार व्यक्त करने का तरीका था। उनका मानना है कि कई शॉट ऐसे थे जिन्हें देखकर उन्हें खुद भी हैरानी हुई। उन्होंने कहा कि यदि वह टीम की जीत में योगदान दे सके, तो वही उनके क्रिकेट करियर का सबसे बड़ा संतोष है और यह पल हमेशा उनके दिल में रहेगा।

 

 

 

 

 

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