विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का हरित अधोसंरचना पर जोर
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में सड़क और परिवहन अधोसंरचना का विकास पर्यावरणीय संतुलन और सतत विकास की अवधारणा के साथ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक सड़क नेटवर्क के निर्माण के साथ प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और हरित विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने अयोध्या बायपास चौड़ीकरण परियोजना को विकास और पर्यावरण संरक्षण के संतुलित मॉडल का उदाहरण बताते हुए कहा कि परियोजना के दौरान कटने वाले 7,871 वृक्षों की प्रतिपूर्ति के लिए लगभग 80 हजार पौधों का रोपण किया जाएगा। इनमें से 10 हजार पौधे अयोध्या बायपास के दोनों ओर लगाए जाएंगे, जिससे यह मार्ग भविष्य में एक आकर्षक ग्रीन कॉरिडोर के रूप में विकसित होगा।
उन्होंने कहा कि झिरनिया और झगरिया खुर्द क्षेत्रों में भी लगभग 70 हजार पौधों के रोपण की तैयारी पूरी कर ली गई है। आगामी मानसून में बड़े स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा, जिससे भोपाल क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ेगा और पर्यावरणीय संतुलन मजबूत होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल बेहतर सड़कें बनाना नहीं है, बल्कि ऐसी परियोजनाएं विकसित करना है जो आर्थिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों को भी पूरा करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अयोध्या बायपास परियोजना प्रदेश में सतत और समावेशी विकास का मॉडल बनेगी। इसी क्रम में मुख्य सचिव Anurag Jain ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा National Highways Authority of India के अधिकारियों के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा करने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में बताया गया कि अयोध्या बायपास की वर्तमान डिजाइन क्षमता लगभग 40 हजार वाहन प्रतिदिन की है, जबकि वर्तमान में इस मार्ग से करीब 45 हजार वाहन प्रतिदिन गुजर रहे हैं। भोपाल के तेजी से विस्तार और बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए बायपास का चौड़ीकरण आवश्यक हो गया है।
परियोजना के तहत पौधों की सुरक्षा और रखरखाव की जिम्मेदारी अगले 15 वर्षों तक NHAI निभाएगा। इसके लिए लगभग 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही पेयजल आपूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए भोपाल नगर निगम और NHAI के बीच समन्वय स्थापित कर चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार की गई है। राज्य सरकार का मानना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं प्रदेश में क्षेत्रीय संपर्क, निवेश, पर्यटन, उद्योग और आर्थिक गतिविधियों को नई गति देंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन अधोसंरचना के निर्माण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।