नियम-कानूनों से लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए… NDA सांसदों को पीएम मोदी ने क्या-क्या मंत्र दिए?

People should not face any problems

नियम-कानूनों से लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए… NDA सांसदों को पीएम मोदी ने क्या-क्या मंत्र दिए?

संसद भवन में मंगलवार को आयोजित एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सांसदों को संबोधित किया और उन्हें कई महत्वपूर्ण संदेश दिए। बैठक में एनडीए सांसदों के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों से खासतौर पर कानूनों और नियमों के सुधार पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उनका कहना था कि नियम और कानून जनता के हित में होना चाहिए, लेकिन उनका उद्देश्य लोगों के जीवन को सरल बनाना होना चाहिए, न कि उन्हें परेशान करना।

समाज और देश के हित में सुधार की आवश्यकता

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में जोर दिया कि हर क्षेत्र में सुधारों की आवश्यकता है, और यह सुधार केवल आर्थिक मोर्चे तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उनका मानना था कि प्रशासनिक, कानूनी और सामाजिक क्षेत्रों में भी सुधार की आवश्यकता है ताकि जनता को आसानी हो। उन्होंने सांसदों से कहा, “हमारे द्वारा बनाए गए कानूनों का उद्देश्य जनता के जीवन को सरल बनाना होना चाहिए।”

पीएम ने सांसदों को यह भी कहा कि वे अपने-अपने चुनाव क्षेत्रों में काम करते हुए स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता दें। उनका कहना था कि हर सांसद का यह कर्तव्य है कि वह अपने क्षेत्र के विकास के लिए काम करें और जनता की समस्याओं का समाधान करें। इसके साथ ही, पीएम मोदी ने सांसदों से कहा कि वे युवाओं के बीच जाकर उनके विचारों और आकांक्षाओं को समझें और उन्हें सक्रिय रूप से समाज की प्रगति में शामिल करें।

कानूनों का उद्देश्य: जनता की सुविधा

प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में साफ तौर पर यह कहा कि नियम और कानून अच्छे होते हुए भी यदि लोगों के लिए परेशानी का कारण बनते हैं, तो उनका उद्देश्य पूरा नहीं हो पाता। कानूनों का उद्देश्‍य जनता की भलाई और उनके जीवन को सरल बनाना होना चाहिए, न कि उसे जटिल करना। उदाहरण के तौर पर, उन्होंने खेलकूद और युवा कार्यक्रमों के बारे में भी बात की और सांसदों से कहा कि इस क्षेत्र में तेजी से काम करने की आवश्यकता है ताकि देश में खेलों को बढ़ावा मिल सके और युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने के अवसर मिल सकें।

रिफॉर्म्स पर जोर

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने हर क्षेत्र में सुधार की बात की। खासकर, उन्होंने यह सुझाव दिया कि सांसदों को केवल अपने-अपने चुनाव क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें पूरे देश में सुधार की दिशा में काम करना चाहिए। किरेन रिजिजू ने कहा, “प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों से कहा कि वे अपने-अपने राज्य और क्षेत्र के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं।”

इसके साथ ही, उन्होंने सांसदों से यह भी कहा कि सुधारों का ध्यान केवल आर्थिक विकास पर नहीं होना चाहिए, बल्कि सामाजिक, प्रशासनिक और शैक्षिक सुधारों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।

वंदे मातरम् पर चर्चा का मुद्दा

संसदीय बैठक में एक और महत्वपूर्ण मुद्दा सामने आया, जो था वंदे मातरम् की चर्चा। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि लोकसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा शुरू हो रही है, जबकि राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह वंदे मातरम् पर 2 दिन की चर्चा का नेतृत्व करेंगे। इस पर कुछ विपक्षी नेताओं ने आपत्ति जताई थी और कहा था कि वंदे मातरम् की चर्चा चुनाव के मद्देनजर हो रही है। इस पर रिजिजू ने जवाब दिया कि वंदे मातरम् के 150 साल पूरे हो रहे हैं, और यह एक ऐतिहासिक घटना है, जिसे राजनीति से जोड़ना गलत है।

उन्होंने कहा, “वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने का यह मौका एक ऐतिहासिक घटना है और इस पर चर्चा करना आवश्यक है। यह किसी चुनावी मुद्दे से जुड़ा हुआ नहीं है।” उनका मानना था कि इस मुद्दे को राजनीति से दूर रखकर देश की सांस्कृतिक धरोहर के रूप में इसे मनाना चाहिए।
संसद भवन में आयोजित एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों को अनेक अहम दिशा-निर्देश दिए। उनका मुख्य संदेश यह था कि कानूनों और नियमों का उद्देश्य जनता को असुविधा नहीं, बल्कि उनकी जिंदगी को सरल बनाना होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने हर क्षेत्र में सुधारों की आवश्यकता को स्वीकार करते हुए सांसदों से जनता से जुड़ने और उनके मुद्दों पर ध्यान देने की अपील की। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सांसदों को अपने चुनाव क्षेत्रों में सक्रिय रहते हुए राष्ट्रीय विकास में योगदान देना चाहिए। उनके इस संबोधन ने यह स्पष्ट कर दिया कि वे न केवल सरकार के लिए, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक के लिए काम करने की बात कर रहे हैं।

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