मध्यप्रदेश में मौसम का बदला मिजाज
कई शहरों में गर्मी से राहत
पश्चिमी मध्यप्रदेश में खरगोन सबसे गर्म
भोपाल। मध्यप्रदेश में मौसम इन दिनों लगातार करवट बदल रहा है। पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, जिससे लोगों को कहीं गर्मी तो कहीं हल्की राहत का एहसास हो रहा है।
पश्चिमी मध्यप्रदेश की बात करें तो खरगोन सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। खंडवा और रतलाम में भी तापमान 35 डिग्री से ऊपर रहा, जिससे दिन में तेज गर्मी का असर बना रहा। वहीं भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन जैसे शहरों में तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिली। पचमढ़ी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 28.6 डिग्री दर्ज हुआ।
न्यूनतम तापमान की बात करें तो पश्चिमी हिस्सों में यह 16 से 23 डिग्री के बीच रहा। कई जिलों में रात के तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई। जिससे सुबह-शाम मौसम सुहावना बना रहा। वहीं पूर्वी मध्यप्रदेश में भी मौसम का मिलाजुला असर देखने को मिला। नरसिंहपुर और मंडला जैसे जिलों में तापमान 36 से 37 डिग्री तक पहुंच गया। जिससे गर्मी का असर बढ़ा। जबलपुर, दमोह और छिंदवाड़ा में तापमान सामान्य के आसपास रहा, जबकि नौगांव में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
पूर्वी हिस्सों में न्यूनतम तापमान 17 से 22 डिग्री के बीच रहा। कई जिलों में रात के तापमान में गिरावट से लोगों को राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार कुछ स्थानों पर 24 घंटे में तापमान में 2 से 5 डिग्री तक का उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है। आर्द्रता के स्तर में भी अंतर देखा गया है। कुछ शहरों में सुबह के समय नमी अधिक रही, जिससे उमस महसूस हुई, जबकि दिन में सूखी गर्म हवाएं चलने से तापमान का प्रभाव और बढ़ गया।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल प्रदेश में कोई बड़ा सिस्टम सक्रिय नहीं है, लेकिन स्थानीय प्रभावों के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। आने वाले दिनों में कुछ क्षेत्रों में हल्के बादल और तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे तापमान में मामूली गिरावट संभव है।
कुल मिलाकर मध्यप्रदेश में इस समय मौसम का मिला-जुला असर बना हुआ है। जहां दिन में गर्मी और सुबह-शाम हल्की ठंडक का अनुभव हो रहा है। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर की तेज धूप से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है, ताकि स्वास्थ्य पर मौसम का असर कम हो।