Properties of the Scindia Royal Family:सिंधिया फैमिली सेटलमेंट में नया मोड़, फुफेरी बहन ने कोर्ट में जताया हिस्सेदारी का दावा

Properties of the Scindia Royal Family

सिंधिया राजपरिवार की संपत्तियों को लेकर चल रहे बहुचर्चित फैमिली सेटलमेंट मामले में नया मोड़ आ गया है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की फुफेरी बहन प्रतिमा देवी ने एक रिश्तेदार के माध्यम से अदालत में कैविट (Caveat) दायर कर प्रस्तावित पारिवारिक समझौते पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि अदालत के समक्ष फैमिली सेटलमेंट की पूरी और सही जानकारी प्रस्तुत नहीं की गई तथा इस समझौते में उनके वैधानिक अधिकारों की अनदेखी की गई है।

  • प्रतिमा देवी ने फैमिली सेटलमेंट पर उठाए सवाल
  • ‘कोर्ट में पूरी जानकारी नहीं दी गई’ का आरोप
  • वैधानिक हिस्सेदारी नहीं मिलने का किया दावा
  • फैसले से पहले आपत्तियों पर सुनवाई की मांग
  • सिंधिया संपत्ति विवाद के 15 से ज्यादा केस लंबित

प्रतिमा देवी ने अपने आवेदन में कहा है कि प्रस्तावित समझौते पर कोई भी आदेश पारित करने से पहले उनकी आपत्तियों को सुना जाए। उनका आरोप है कि उन्हें परिवार की संपत्तियों में उनका वैधानिक हिस्सा नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि उनके नाम से जारी पावर ऑफ अटॉर्नी 24 जून तक प्रभावी थी, इसके बावजूद पूरी प्रक्रिया में इसका उचित और पारदर्शी उपयोग नहीं किया गया।

प्रतिमा देवी, ज्योतिरादित्य सिंधिया की बड़ी बुआ पद्मावती राजे की बड़ी बेटी हैं। पद्मावती राजे का विवाह त्रिपुरा राजपरिवार में हुआ था। इस संपत्ति विवाद में प्रतिमा देवी के साथ उनकी बहन कनिका देवी भी पक्षकार हैं। दोनों का कहना है कि पारिवारिक समझौते में सभी वैधानिक दावेदारों के हितों का समुचित ध्यान नहीं रखा गया।

गौरतलब है कि सिंधिया राजपरिवार की संपत्तियों को लेकर विभिन्न अदालतों में डेढ़ दर्जन से अधिक मुकदमे लंबित हैं। इन विवादों का स्थायी समाधान निकालने के लिए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सहित अन्य पक्षकारों ने अदालतों में फैमिली सेटलमेंट के आधार पर लंबित मामलों के निपटारे के लिए आवेदन दिए हैं।

प्रतिमा देवी की कैविट दाखिल होने के बाद यह मामला कानूनी रूप से और महत्वपूर्ण हो गया है। अब अदालत यह तय करेगी कि प्रस्तावित फैमिली सेटलमेंट पर आगे बढ़ने से पहले सभी पक्षों की आपत्तियों और दावों पर किस प्रकार सुनवाई की जाएगी। इस घटनाक्रम से लंबे समय से चले आ रहे सिंधिया परिवार के संपत्ति विवाद में एक नया अध्याय जुड़ गया है।

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