“रात में शरीर दे ये संकेत, B12 की कमी तो नहीं?”
थकान से लेकर झनझनाहट तक, शरीर दे सकता है संकेत
विटामिन B12 शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है। इसकी कमी लंबे समय तक रहने पर खून की कमी के साथ-साथ तंत्रिका तंत्र पर भी असर पड़ सकता है। कमजोरी, अत्यधिक थकान, हाथ-पैर में झनझनाहट या सुन्नपन, मांसपेशियों की कमजोरी और याददाश्त से जुड़ी परेशानियां इसके संभावित संकेत हो सकते हैं।
हालांकि इन लक्षणों का रात में दिखाई देना अपने आप में B12 की कमी साबित नहीं करता। नींद, मांसपेशियों की थकान और पाचन संबंधी समस्याओं के कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं।
1. रात में पैरों में ऐंठन या कमजोरी
सोते समय पैरों में बार-बार ऐंठन, झनझनाहट या असामान्य कमजोरी महसूस हो तो इसे नजरअंदाज न करें। B12 की कमी तंत्रिका तंत्र को प्रभावित कर सकती है और मांसपेशियों की कमजोरी तथा झनझनाहट जैसे लक्षण पैदा कर सकती है।
2. पाचन से जुड़ी परेशानी
अपच, दस्त, भूख कम लगना और अन्य पाचन संबंधी लक्षण B12 की कमी के साथ दिखाई दे सकते हैं। लेकिन केवल गैस, कब्ज या पेट की समस्या को B12 की कमी का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
3. बार-बार सिरदर्द
सिरदर्द भी B12 या फोलेट की कमी से होने वाली एनीमिया में दिखाई देने वाला लक्षण हो सकता है। अगर सिरदर्द लगातार हो रहा है, तो इसके कई संभावित कारणों की जांच जरूरी है।
4. नींद में परेशानी
नींद न आने को सीधे B12 की कमी का निश्चित संकेत नहीं माना जाना चाहिए। अनिद्रा के कई कारण हो सकते हैं। यदि कई सप्ताह तक नींद लगातार खराब रहती है और साथ में कमजोरी, झनझनाहट या संतुलन की समस्या जैसे अन्य लक्षण भी हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।
5. हाथ-पैर में झनझनाहट या सुन्नपन
यह B12 की कमी से जुड़ा महत्वपूर्ण तंत्रिका संबंधी संकेत हो सकता है। लंबे समय तक B12 की कमी रहने पर तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंच सकता है और कुछ ऐसे मामलों में तो यह नुकसान शरीर में स्थायी भी हो सकता है।
सिर्फ लक्षण देखकर फैसला न करें
B12 की कमी की पुष्टि केवल लक्षणों से नहीं की जा सकती। डॉक्टर आमतौर पर लक्षणों के साथ ब्लड टेस्ट में B12 स्तर, हीमोग्लोबिन और लाल रक्त कोशिकाओं से जुड़े मानकों को देखते हैं। जरूरत पड़ने पर कमी के कारण की भी जांच की जाती है। खास तौर पर वे लोग अधिक जोखिम में हो सकते हैं जिन्हें B12 का अवशोषण प्रभावित करने वाली पेट या आंत की बीमारी है, कुछ प्रकार की सर्जरी हुई है, या जो पशु-आधारित खाद्य पदार्थ बहुत कम लेते हैं। कुछ दवाएं भी B12 के स्तर को प्रभावित कर सकती हैं।
जरूरी बात: B12 की कमी का समय पर पता लगना महत्वपूर्ण है, क्योंकि तंत्रिका तंत्र से जुड़े कुछ नुकसान लंबे समय तक कमी रहने पर स्थायी हो सकते हैं। इसलिए लगातार या कई लक्षण दिखाई देने पर खुद से सप्लीमेंट शुरू करने के बजाय डॉक्टर से जांच और सलाह लेना बेहतर है।