तापमान 47 डिग्री: भारत में भीषण गर्मी का पाकिस्तान और थार रेगिस्तान का कनेक्शन

Pakistan and the Thar Desert

दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और महाराष्ट्र समेत पूरा उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है। कई शहरों में तापमान 44 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे दिन के समय हालात बेहद कठिन हो गए हैं।

मौसम विभाग का अलर्ट: लू का दौर जारी

भारतीय मौसम विभाग (India Meteorological Department) ने चेतावनी दी है कि 24 मई तक उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में लू से लेकर भीषण लू तक की स्थिति बनी रहेगी। कई राज्यों में लगातार कई दिनों तक तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहने की संभावना है।

बारिश की कमी बनी सबसे बड़ी वजह

विशेषज्ञों के अनुसार इस बार सबसे बड़ा कारण प्री-मॉनसून बारिश का न होना है। सामान्य रूप से मई में आंधी-तूफान और हल्की बारिश से तापमान नियंत्रित रहता है, लेकिन इस बार यह सिस्टम कमजोर पड़ गया है, जिससे गर्मी लगातार बढ़ रही है।

कमजोर मौसम सिस्टम से बढ़ा संकट

बंगाल की खाड़ी में बना मौसम सिस्टम म्यांमार की ओर चला गया है, जबकि अरब सागर से आने वाली नमी भी कमजोर हो गई है। इससे प्री-मॉनसून गतिविधियां लगभग खत्म हो गई हैं और गर्म हवाएं हावी हो गई हैं।

पाकिस्तान और थार रेगिस्तान का कनेक्शन

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पाकिस्तान और थार रेगिस्तान से आने वाली गर्म और शुष्क हवाएं उत्तर भारत के तापमान को और बढ़ा रही हैं। ये हवाएं पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य भारत तक लू की तीव्रता बढ़ा रही हैं।

कई राज्यों में सामान्य से ज्यादा तापमान

उत्तर भारत के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया गया है। जम्मू-कश्मीर से लेकर मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र तक कई इलाके असामान्य रूप से गर्म बने हुए हैं।

रातें भी नहीं दे रहीं राहत

राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में “हॉट नाइट” की स्थिति बनी हुई है, यानी रात का तापमान भी काफी ऊंचा है, जिससे शरीर को आराम नहीं मिल पा रहा है।

कब तक जारी रहेगा संकट?

फिलहाल अगले कुछ दिनों तक राहत की कोई उम्मीद नहीं है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्री-मॉनसून गतिविधियां अभी कमजोर रहेंगी और तापमान में गिरावट की संभावना बेहद कम है। कुछ विशेषज्ञ इस साल अल-नीनो की आशंका के कारण कम बारिश का भी अनुमान जता रहे हैं।

जलवायु असंतुलन का गंभीर संकेत

उत्तर भारत की यह भीषण गर्मी केवल मौसमी बदलाव नहीं, बल्कि जलवायु असंतुलन का संकेत भी है। बारिश की कमी, सूखी हवाएं और कमजोर मौसम सिस्टम मिलकर इस “आग बरसाती गर्मी” को और खतरनाक बना रहे हैं।

Exit mobile version