Tamil Nadu Politics तमिलनाडु में सत्ता संग्राम तेज! विजय की TVK ने दी बड़े राजनीतिक भूचाल की चेतावनी, DMK-AIADMK पर लगाए गठजोड़ के आरोप

तमिलनाडु की राजनीति इस समय बेहद नाटकीय मोड़ पर पहुंच गई है। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिझगा वेत्री कझगम (TVK) ने साफ चेतावनी दी है कि अगर द्रविड़ मुनेत्र कड़गम या अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम सरकार बनाने की कोशिश करती हैं, तो पार्टी के सभी विधायक इस्तीफा दे देंगे। इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है।

सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा कर रही TVK, राज्यपाल के फैसले से बढ़ा विवाद

विधानसभा चुनाव में 107 सीटें जीतने वाली TVK खुद को सबसे बड़ी पार्टी बताते हुए सरकार बनाने का दावा कर रही है। पार्टी का कहना है कि संवैधानिक परंपरा के अनुसार सबसे पहले उसे सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए। हालांकि राज्यपाल आर. वी. अर्लेकर ने विजय को सरकार बनाने का निमंत्रण देने से इनकार कर दिया। राज्यपाल ने स्पष्ट कहा कि TVK के पास अभी बहुमत के लिए जरूरी 118 विधायकों का समर्थन नहीं है।

कांग्रेस के समर्थन के बावजूद बहुमत से दूर TVK, छोटे दलों से जारी बातचीत

TVK को फिलहाल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पांच विधायकों का समर्थन मिला हुआ है, लेकिन बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए पार्टी को अभी 10 और विधायकों की जरूरत है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी वामदलों और कुछ छोटे क्षेत्रीय दलों के संपर्क में है। वहीं अब TVK इस पूरे मामले को अदालत में ले जाने की तैयारी भी कर रही है।

DMK के भीतर भी मंथन तेज, AIADMK को बाहर से समर्थन देने पर चल रही चर्चा

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार DMK के भीतर भी कई विकल्पों पर चर्चा हो रही है। खबर है कि एक फार्मूले के तहत एम. के. स्टालिन की पार्टी AIADMK को बाहर से समर्थन देने पर विचार कर सकती है। पार्टी के युवा नेताओं को डर है कि अगर विजय सत्ता में आ गए तो वह पूर्व मुख्यमंत्री एम. जी. रामचंद्रन की तरह लंबे समय तक राजनीति पर छा सकते हैं। हालांकि पार्टी के वरिष्ठ नेता अभी इस प्रयोग को लेकर पूरी तरह सहमत नहीं बताए जा रहे।

AIADMK फिलहाल वेट एंड वॉच मोड में, लेकिन अंदरखाने जारी है सियासी गणित

दूसरी तरफ AIADMK ने भी अपने विधायकों को फिलहाल शांत रहने और स्थिति पर नजर बनाए रखने को कहा है। पार्टी के कुछ नेता TVK के साथ संभावित गठबंधन के पक्ष में बताए जा रहे हैं, लेकिन शीर्ष नेतृत्व ने फिलहाल इससे इनकार किया है। इस बीच अभिनेता कमल हासन समेत कई नेताओं ने विजय का समर्थन करते हुए राज्यपाल के रुख पर सवाल उठाए हैं।

 

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