घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार के दौरान निवेशकों को उतार-चढ़ाव भरा माहौल देखने को मिला। सप्ताहिक एक्सपायरी के दिन बाजार सीमित दायरे में घूमता रहा और किसी एक दिशा में स्पष्ट रुख नहीं दिखा पाया। एक ओर बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के चुनिंदा शेयरों ने बाजार को सहारा दिया, वहीं दूसरी तरफ कुछ दिग्गज कंपनियों में बिकवाली के कारण प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बना रहा। कारोबार के दौरान निफ्टी 24,058.85 से 24,133.35 के दायरे में रहा, जबकि सेंसेक्स 77,044.39 और 77,281.83 अंकों के बीच कारोबार करता दिखाई दिया।
वैश्विक संकेतों और घरेलू कारकों के बीच फंसा रहा निवेशकों का रुख
गुरुवार को निवेशकों का मूड पूरी तरह सतर्क नजर आया। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ब्याज दरों को लेकर जारी अनिश्चितता और वैश्विक आर्थिक संकेतों ने निवेशकों को बड़े दांव लगाने से रोके रखा। हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है, लेकिन विदेशी बाजारों से मिश्रित संकेत मिलने के कारण निवेशक संतुलित रणनीति अपनाते दिखाई दिए। यही वजह रही कि पूरे दिन बाजार में खरीदारी और बिकवाली का क्रम जारी रहा।
HDFC Bank और L&T की मजबूती ने बाजार को गिरने से बचाया
आज के कारोबार में बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर निवेशकों की पसंद बने रहे। HDFC Bank और Larsen & Toubro (L&T) के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इन दोनों कंपनियों के मजबूत प्रदर्शन ने बाजार को महत्वपूर्ण समर्थन दिया और सूचकांकों को बड़ी गिरावट से बचाने में अहम भूमिका निभाई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में निवेशकों का भरोसा अभी भी कायम है।
Reliance और Infosys में कमजोरी से बाजार पर बना दबाव
जहां कुछ शेयरों ने मजबूती दिखाई, वहीं Reliance Industries और Infosys जैसे हैवीवेट शेयरों में कमजोरी देखने को मिली। इन कंपनियों का प्रमुख सूचकांकों में बड़ा योगदान होने के कारण इनकी गिरावट का असर पूरे बाजार पर पड़ा। आईटी सेक्टर में सीमित खरीदारी और कुछ निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली के चलते Infosys दबाव में रही, जबकि Reliance में भी निवेशकों का रुख कमजोर दिखाई दिया।
विदेशी निवेशकों और कच्चे तेल की चाल पर टिकी बाजार की नजर
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियां और कच्चे तेल की कीमतें बाजार की दिशा तय कर सकती हैं। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्थिरता बनी रहती है और विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है, तो घरेलू बाजार को आगे भी समर्थन मिल सकता है। इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व और अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है।
निवेशकों के लिए विशेषज्ञों ने दी संयमित रणनीति अपनाने की सलाह
हाल के दिनों में बाजार में लगातार तेजी देखने को मिली है, ऐसे में कई शेयरों में मुनाफावसूली की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। विशेषज्ञों का सुझाव है कि निवेशक जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय मजबूत वित्तीय स्थिति और बेहतर ग्रोथ क्षमता वाली कंपनियों पर ध्यान केंद्रित करें। मौजूदा बाजार परिस्थितियों में संतुलित निवेश रणनीति अपनाना अधिक फायदेमंद साबित हो सकता है।





