पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। बुधवार को राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाइक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही एक सप्ताह के भीतर इस्तीफा देने वाले वे टीएमसी के तीसरे राज्यसभा सांसद बन गए हैं। इससे पहले सुखेंदु शेखर राय और सुष्मिता देव भी राज्यसभा सदस्यता छोड़ चुके हैं। लगातार हो रहे इस्तीफों के कारण राज्यसभा में टीएमसी की संख्या 13 से घटकर 10 रह गई है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आने वाले दिनों में पार्टी के कुछ और सांसद भी इस्तीफा दे सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक लोकसभा में भी टीएमसी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है। करीब 20 सांसदों के एक अलग गुट की चर्चा है, जिसमें कई बड़े नाम शामिल बताए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि यह गुट लोकसभा स्पीकर को पत्र सौंपकर एनडीए को समर्थन देने का ऐलान कर सकता है। हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक इन अटकलों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन लगातार हो रहे इस्तीफों और बगावत की खबरों ने ममता बनर्जी के नेतृत्व और टीएमसी की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।




