आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने नीदरलैंड्स के खिलाफ ऐसा प्रदर्शन किया जिसने न सिर्फ टूर्नामेंट में उसकी दावेदारी मजबूत कर दी, बल्कि रिकॉर्ड बुक में भी कई नए अध्याय जोड़ दिए। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 209 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया और फिर शानदार गेंदबाजी के दम पर नीदरलैंड्स को 114 रन पर समेटते हुए 95 रन की बड़ी जीत दर्ज की। यह मुकाबला भारत के लिए केवल एक जीत नहीं बल्कि कई व्यक्तिगत और टीम रिकॉर्ड्स के नाम भी रहा। स्मृति मंधाना, शैफाली वर्मा, दीप्ति शर्मा और युवा गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन ने टीम इंडिया को वर्ल्ड कप में मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है।
स्मृति मंधाना और शैफाली वर्मा की तूफानी साझेदारी ने रखी जीत की मजबूत नींव
टॉस के बाद बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को स्मृति मंधाना और शैफाली वर्मा ने शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाया और नीदरलैंड्स के गेंदबाजों को संभलने का मौका नहीं दिया। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 70 गेंदों में 115 रन की विस्फोटक साझेदारी हुई। मंधाना ने 47 गेंदों में 74 रन की बेहतरीन पारी खेली, जबकि शैफाली ने 38 गेंदों में 55 रन बनाए। इस साझेदारी ने भारतीय पारी को उस स्थिति में पहुंचा दिया जहां से बड़े स्कोर की नींव पूरी तरह तैयार हो गई थी। दोनों बल्लेबाजों की आक्रामक बल्लेबाजी ने मैच का रुख शुरुआती ओवरों में ही भारत की ओर मोड़ दिया।
मिडिल ऑर्डर ने बनाए तेजी से रन, भारत ने पार किया 200 रन का ऐतिहासिक आंकड़ा
सलामी बल्लेबाजों के आउट होने के बाद भारतीय टीम की रनगति में कोई कमी नहीं आई। हालांकि जेमिमा रोड्रिग्स और कप्तान हरमनप्रीत कौर बड़ी पारी नहीं खेल सकीं, लेकिन अंतिम ओवरों में ऋचा घोष और दीप्ति शर्मा ने तेजी से रन जुटाकर स्कोर को 209/5 तक पहुंचा दिया। ऋचा ने केवल 8 गेंदों में 20 रन बनाए, जबकि दीप्ति ने 2 गेंदों पर 10 रन जोड़कर टीम को 200 रन के पार पहुंचाया। इसी के साथ भारत महिला टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में 200 से अधिक रन बनाने वाली दूसरी टीम बन गई। यह टूर्नामेंट में भारत का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर भी दर्ज हुआ।
भारतीय गेंदबाजों ने नीदरलैंड्स को नहीं दिया वापसी का कोई मौका
210 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी नीदरलैंड्स की टीम शुरुआत से ही दबाव में दिखाई दी। भारतीय गेंदबाजों ने लगातार सटीक लाइन-लेंथ से गेंदबाजी करते हुए विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का अवसर नहीं दिया। कप्तान बैबेट डी लीड ने 28 रन और स्ट्रे कालिस ने 18 रन बनाए, लेकिन अन्य बल्लेबाज भारतीय आक्रमण के सामने टिक नहीं सके। नई गेंद से लेकर स्पिन आक्रमण तक भारतीय गेंदबाजों ने पूरी तरह मुकाबले पर नियंत्रण बनाए रखा और डच टीम को 17.3 ओवर में 114 रन पर ऑलआउट कर दिया।
श्री चरानी और नंदनी शर्मा ने गेंद से मचाया कहर
भारतीय गेंदबाजी में स्पिनर श्री चरानी सबसे प्रभावशाली रहीं। उन्होंने मध्यक्रम और निचले क्रम के बल्लेबाजों को लगातार झटके देकर नीदरलैंड्स की उम्मीदें खत्म कर दीं। एक समय तो वह हैट्रिक के बेहद करीब पहुंच गई थीं। वहीं अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेल रहीं तेज गेंदबाज नंदनी शर्मा ने भी शानदार प्रदर्शन किया और अपना पहला आईसीसी विकेट हासिल कर यादगार शुरुआत की। दीप्ति शर्मा ने भी शुरुआती सफलता दिलाकर विपक्षी टीम पर दबाव बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
भारत की जीत के साथ बने कई बड़े रिकॉर्ड, अब दक्षिण अफ्रीका पर नजर
इस मुकाबले में भारत ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां अपने नाम कीं। 209/5 का स्कोर महिला टी20 वर्ल्ड कप इतिहास का तीसरा सबसे बड़ा स्कोर बन गया, जबकि यह टूर्नामेंट में भारत का सर्वोच्च स्कोर भी है। दीप्ति शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 355 विकेट पूरे कर भारत की दिग्गज गेंदबाज झूलन गोस्वामी की बराबरी कर ली। वहीं 95 रन की जीत महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत की पांचवीं सबसे बड़ी जीत के रूप में दर्ज हुई। हालांकि मैच के दौरान श्रेयांका पाटिल के टखने में चोट लगना टीम के लिए चिंता का विषय रहा। अब भारतीय टीम 21 जून को मैनचेस्टर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाले अहम मुकाबले की तैयारी में जुट गई है, जहां जीत उसे सेमीफाइनल की दौड़ में और मजबूत स्थिति दिला सकती है।





