पश्चिम एशिया के तनाव और होर्मुज मार्ग में बाधा से बढ़ी चिंता, कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर के पार पहुंचने से बाजार पर दबाव
पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव का सीधा असर वैश्विक बाजारों के साथ भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते संघर्ष तथा तेल की सप्लाई के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रभावित होने की खबरों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई है। इसी दबाव के बीच घरेलू बाजार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई और सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 700 अंकों से अधिक नीचे दिखाई दिया। सेंसेक्स 74,309.16 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी ने 23,270.30 पर कारोबार की शुरुआत की।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स के सिर्फ चार शेयरों में तेजी दिखाई दी, जबकि 26 कंपनियों के शेयर लाल निशान में रहे
बाजार खुलने के कुछ ही मिनट बाद निवेशकों की बिकवाली का दबाव साफ नजर आया। सुबह 9:15 बजे सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में केवल चार शेयर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि 26 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। तेजी वाले शेयरों में एचसीएल टेक 1.09 प्रतिशत, टेक महिंद्रा 1.04 प्रतिशत, इन्फोसिस 0.82 प्रतिशत और टीसीएस 0.39 प्रतिशत ऊपर रहे। इसके विपरीत इंडिगो में सबसे ज्यादा 2.55 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली और यह 4,842.05 के स्तर पर लाल निशान में कारोबार करता दिखा।
इंडिगो के साथ बजाज फाइनेंस, टाटा स्टील और अल्ट्राटेक सीमेंट में भी जोरदार बिकवाली का दबाव
गिरावट वाले 26 शेयरों में कई बड़ी कंपनियों के नाम शामिल रहे। इंडिगो 2.55 प्रतिशत नीचे रहा, जबकि बजाज फाइनेंस में 2.39 प्रतिशत, टाटा स्टील में 2.37 प्रतिशत और अल्ट्राटेक सीमेंट में 2.20 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज हुई। एक्सिस बैंक का शेयर भी 1.98 प्रतिशत गिरा। शुरुआती कारोबार में इन कंपनियों पर बिकवाली का दबाव बाजार की कमजोर धारणा को दर्शाता रहा।
महंगा कच्चा तेल, कमजोर रुपया और बढ़ती बॉन्ड यील्ड ने बाजार की चिंता को और गहरा किया
शेयर बाजार में गिरावट के पीछे सिर्फ भू-राजनीतिक तनाव ही कारण नहीं है। कच्चे तेल की कीमत में तेज उछाल, बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और भारतीय रुपये में कमजोरी जैसे कारकों ने भी बाजार का मूड प्रभावित किया है। इसके अलावा निवेशकों का आईपीओ की ओर बढ़ता रुझान भी बाजार में उपलब्ध पूंजी के प्रवाह को प्रभावित करने वाला कारक माना जा रहा है। कच्चे तेल की कीमत 108 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने का उल्लेख भी बाजार के दबाव की प्रमुख वजहों में किया गया है।
एक दिन पहले सेंसेक्स में आई थी तेजी, 74,902.59 पर बंद हुआ था बाजार
10 सितंबर के कारोबारी सत्र में सेंसेक्स करीब 100 अंकों की बढ़त के साथ 74,742.54 पर खुला था। दिन के दौरान इसने 74,910.96 का उच्चतम और 74,598.47 का निचला स्तर दर्ज किया। कारोबार समाप्त होने पर सेंसेक्स 138.36 अंक यानी 0.19 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,902.59 पर बंद हुआ था। उस दिन सेंसेक्स की 30 कंपनियों में 15 शेयर बढ़त में और 15 शेयर गिरावट में रहे थे।





