मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी का कहर जारी….कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार

Severe heat wave continues in Madhya Pradesh

मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी का कहर जारी

रतलाम 44 डिग्री के साथ सबसे गर्म, भोपाल-इंदौर समेत कई शहरों में पारा 40 के पार

भोपाल। मध्यप्रदेश में मई की शुरुआत के साथ ही भीषण गर्मी ने अपना असर और तेज कर दिया है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और दिन के समय तेज धूप तथा गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम मध्यप्रदेश के कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। रतलाम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। लगातार बढ़ती गर्मी के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है और दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा नजर आने लगा है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक उज्जैन में 42.5 डिग्री सेल्सियस और धार में 42.6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। इंदौर में भी गर्मी का असर काफी तेज रहा और यहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। राजधानी भोपाल में भी लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा, जहां पारा 41 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया। इसके अलावा खंडवा, खरगोन, गुना और आसपास के जिलों में भी तेज गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया।

प्रदेश में लगातार बढ़ रहे तापमान के चलते दिन के समय बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। दोपहर के समय बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही कम दिखाई दे रही है। गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण सबसे ज्यादा परेशानी दिहाड़ी मजदूरों, ट्रैफिक कर्मियों और बाहर काम करने वाले लोगों को उठानी पड़ रही है। कई शहरों में लोग गर्मी से बचने के लिए सिर ढंककर और पानी की बोतल साथ लेकर निकलते नजर आए।

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी मध्यप्रदेश में इस समय गर्म और शुष्क हवाओं का प्रभाव बना हुआ है, जिसके कारण तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल प्रदेश में किसी बड़े पश्चिमी विक्षोभ का असर नहीं दिख रहा है, इसलिए अगले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। हालांकि कुछ जिलों में हल्की बारिश और बादल छाने की स्थिति बनने से आंशिक राहत जरूर मिल सकती है।

जहां पश्चिमी मध्यप्रदेश में गर्मी का प्रकोप ज्यादा देखा गया, वहीं पूर्वी मध्यप्रदेश के कुछ जिलों में तापमान अपेक्षाकृत कम दर्ज किया गया। मंडला, बालाघाट और छिंदवाड़ा में अधिकतम तापमान 37 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। इन इलाकों में मौसम थोड़ा सामान्य बना रहा, जिससे लोगों को कुछ राहत महसूस हुई। वहीं उमरिया और मलाजखंड में हल्की बारिश भी दर्ज की गई। बारिश के चलते इन क्षेत्रों में तापमान में मामूली गिरावट देखने को मिली और मौसम कुछ देर के लिए सुहावना हो गया।

मौसम विभाग ने बताया कि प्रदेश के कई हिस्सों में हवा में नमी का स्तर भी बढ़ा है। नरसिंहपुर में सुबह के समय आर्द्रता 71 प्रतिशत रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा खरगोन और पचमढ़ी में भी नमी अधिक दर्ज की गई। बढ़ती नमी के कारण लोगों को गर्मी के साथ उमस का भी सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तापमान और नमी दोनों बढ़ जाते हैं तो शरीर को अधिक थकान महसूस होती है और लू लगने का खतरा भी बढ़ जाता है।

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क बना रहा और बारिश नहीं हुई। हालांकि मंडला, उमरिया, मलाजखंड और टीकमगढ़ में हल्की वर्षा रिकॉर्ड की गई। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में गर्मी और उमस का मिला-जुला असर बना रह सकता है। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि लगातार तेज धूप में रहने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जिससे डिहाइड्रेशन और लू लगने का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें।

मौसम विभाग ने नागरिकों से पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के और सूती कपड़े पहनने तथा धूप में निकलते समय सिर को ढंककर रखने की अपील की है। साथ ही बाहर निकलते समय छाता, टोपी या गमछे का उपयोग करने की सलाह दी गई है। प्रशासन भी लोगों को गर्मी और लू से बचाव के लिए जागरूक कर रहा है। प्रदेश में बढ़ती गर्मी ने साफ संकेत दे दिए हैं कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।

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