नई दिल्ली। लंबे समय से अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और केंद्र सरकार के बीच संवाद की दिशा में बड़ा कदम सामने आया है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने मेदांता अस्पताल पहुंचकर वांगचुक से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक चली बैठक में शिक्षा व्यवस्था, छात्रों की मांगों और संसद में चर्चा जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई।
- वांगचुक-नड्डा की अहम मुलाकात
- संसद में चर्चा का भरोसा
- छात्रों से शांति की अपील
- एक घंटे चली बंद कमरे में वार्ता
- शिक्षा सुधार पर सरकार का बड़ा संकेत
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार ने वांगचुक को भरोसा दिलाया है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़े मुद्दों पर संसद में चर्चा कराई जाएगी। साथ ही छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेकर आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन भी दिया गया।
संसद में चर्चा का भरोसा
बैठक के दौरान जेपी नड्डा ने वांगचुक से कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। सरकार चाहती है कि लोकतांत्रिक तरीके से सभी पक्ष अपनी बात रखें और समाधान की दिशा में आगे बढ़ा जाए। बताया जा रहा है कि सरकार संसद में इस विषय पर विस्तृत चर्चा कराने के पक्ष में है।
छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील
केंद्रीय मंत्रियों ने सोनम वांगचुक से आग्रह किया कि वे छात्रों से सरकार पर भरोसा बनाए रखने की अपील करें। साथ ही यह भी कहा गया कि किसी भी तरह के उग्र आंदोलन या टकराव की स्थिति से बचना चाहिए। सरकार का मानना है कि बातचीत और संसदीय प्रक्रिया के जरिए समाधान निकाला जा सकता है।
एक घंटे तक चली विस्तृत चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, मेदांता अस्पताल में हुई यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं थी। करीब एक घंटे से अधिक समय तक चली बातचीत में वांगचुक ने छात्रों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े अपने सुझाव विस्तार से रखे। सरकार की ओर से भी इन सुझावों पर सकारात्मक रुख दिखाया गया।
अमित शाह से भी हुई अहम बैठक
जानकारी के अनुसार, सोनम वांगचुक से मिलने से पहले केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच चार घंटे से अधिक समय तक बैठक चली, जिसमें पूरे घटनाक्रम और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। इसके बाद ही नड्डा और जितेंद्र सिंह मेदांता अस्पताल पहुंचे।
राहुल गांधी की भी हुई बातचीत
इसी बीच विपक्ष की ओर से भी गतिविधियां तेज रहीं। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से बातचीत की। इस दौरान रिजिजू ने जानकारी दी कि सरकार संसद में इस मुद्दे पर चर्चा कराने के प्रस्ताव पर सहमत हो गई है। इससे संसद में शिक्षा और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर व्यापक बहस की संभावना बढ़ गई है।
23 दिन से अनशन पर हैं वांगचुक
सोनम वांगचुक पिछले 23 दिनों से अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से भी उन्होंने अपना आंदोलन जारी रखा है। उनकी मांग है कि छात्रों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाए और ठोस सुधार किए जाएं।
राजनीतिक और सामाजिक नजरें टिकीं
वांगचुक और सरकार के बीच हुई यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब संसद में विपक्ष भी शिक्षा और छात्रों के मुद्दे पर लगातार सरकार को घेर रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि संसद में होने वाली चर्चा और सरकार के अगले कदम क्या रूप लेते हैं।