सम्राट चौधरी बनेंगे बिहार के नए मुख्यमंत्री: नितीश कुमार के इस्तीफे के बाद NDA ने नए चेहरे पर लगाई मुहर

बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे Nitish Kumar ने मंगलवार 14 अप्रैल 2026 को अपनी आखिरी कैबिनेट बैठक के बाद राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिया। इसके तुरंत बाद एनडीए विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें Samrat Choudhary को सर्वसम्मति से नेता चुना गया। इस फैसले के साथ ही यह लगभग तय हो गया है कि सम्राट चौधरी ही बिहार के अगले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। माना जा रहा है कि बुधवार को पटना के लोकभवन में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा।

नितीश कुमार के इस्तीफे के बाद NDA ने नए नेतृत्व पर जताया भरोसा और सम्राट चौधरी के नाम पर सहमति बनी

बिहार में लंबे समय से नेतृत्व परिवर्तन को लेकर अटकलें चल रही थीं। मंगलवार को नितीश कुमार द्वारा मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई। एनडीए की बैठक में सभी सहयोगी दलों ने एकमत से सम्राट चौधरी के नाम का समर्थन किया। यह निर्णय बिहार की राजनीति में नई दिशा का संकेत माना जा रहा है। पार्टी का मानना है कि नए नेतृत्व से संगठन और सरकार दोनों को मजबूती मिलेगी।

केंद्रीय नेतृत्व की मौजूदगी में हुई अहम बैठक, कई वरिष्ठ नेताओं ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

नेतृत्व चयन की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए केंद्रीय मंत्री Shivraj Singh Chouhan पर्यवेक्षक के रूप में पटना पहुंचे थे। इस दौरान संगठन से जुड़े कई बड़े नेता मौजूद रहे और सभी ने एकमत होकर सम्राट चौधरी के नाम पर सहमति जताई। इस बैठक को बिहार की राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे आगामी रणनीति का भी संकेत मिलता है।

छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर, कई दलों में रहकर हासिल किया लंबा राजनीतिक अनुभव

सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर करीब तीन दशक पुराना है। उन्होंने वर्ष 1990 के आसपास सक्रिय राजनीति में कदम रखा और धीरे-धीरे राज्य की राजनीति में मजबूत पहचान बनाई। वे पहले आरजेडी से जुड़े रहे और वर्ष 1999 में राबड़ी देवी सरकार में कृषि मंत्री भी बने। बाद में उन्होंने अलग-अलग दलों के साथ काम करते हुए व्यापक अनुभव हासिल किया और संगठनात्मक स्तर पर भी अपनी पकड़ मजबूत की।

जेडीयू से लेकर बीजेपी तक का सफर, संगठन और सरकार दोनों में निभाई अहम जिम्मेदारियां

राजनीतिक जीवन के दौरान सम्राट चौधरी ने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। वर्ष 2014 में वे जेडीयू में शामिल हुए और जीतन राम मांझी सरकार में मंत्री बने। इसके बाद 2018 में उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया। वे बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे और एनडीए सरकार में पंचायती राज मंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभा चुके हैं। वर्तमान में वे उपमुख्यमंत्री और गृह विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

बिहार की राजनीति में नई पारी की शुरुआत, शपथ ग्रहण के बाद बदल सकती है राजनीतिक दिशा

सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही बिहार की राजनीति में नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नए नेतृत्व के साथ सरकार की प्राथमिकताओं और कार्यशैली में बदलाव देखने को मिल सकता है। विकास, कानून व्यवस्था और संगठन को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा सकता है। अब सभी की नजर शपथ ग्रहण समारोह और नई कैबिनेट के गठन पर टिकी हुई है।

 

 

 

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