उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। राजधानी दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान और छत्तीसगढ़ तक आसमान से मानो आग बरस रही है। कई राज्यों में तापमान 42 डिग्री से लेकर 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया है। तेज धूप और गर्म हवाओं ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। दोपहर के समय सड़कें सुनसान दिखाई दे रही हैं और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।
उत्तर भारत में गर्मी का कहर
48 डिग्री के पार पहुंचा पारा
बारिश से राहत की उम्मीद
दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में रेड अलर्ट
लू और गर्म हवाओं ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें
28 और 29 मई को बदल सकता है मौसम
डॉक्टरों ने हीट स्ट्रोक से बचने की दी सलाह
राजस्थान, यूपी और बिहार में सबसे ज्यादा असर
दिल्ली-एनसीआर में गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। मंगलवार दोपहर राजधानी में तापमान 42 डिग्री के पार पहुंच गया। सुबह से ही तेज धूप और उमस ने लोगों को परेशान किया। दोपहर के समय सड़कों पर निकलने वाले लोग सिर पर कपड़ा, टोपी या छाता लगाकर चलने को मजबूर दिखाई दिए। गर्म हवाओं के कारण लोगों को सांस लेने तक में परेशानी महसूस हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो दिन तक गर्मी का प्रकोप इसी तरह बना रह सकता है।
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, बिहार, झारखंड और आंध्र प्रदेश में तापमान सामान्य से तीन से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है। वहीं रात के तापमान में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। कई शहरों में रात का तापमान सामान्य से डेढ़ से तीन डिग्री तक अधिक बना हुआ है, जिससे लोगों को रात में भी राहत नहीं मिल पा रही। लगातार गर्म हवाएं और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं।
मौसम विभाग ने हालांकि राहत की उम्मीद भी जताई है। विभाग के अनुसार 28 और 29 मई को मौसम करवट ले सकता है। पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी गतिविधियों के प्रभाव से कई इलाकों में तेज आंधी और बारिश होने की संभावना है। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है और लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के बाद कई क्षेत्रों में तापमान तीन से पांच डिग्री तक कम हो सकता है।
उत्तर प्रदेश में भी हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर, वाराणसी और बुंदेलखंड के कई हिस्सों में पारा 45 डिग्री के आसपास पहुंच गया है। दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा नजर आ रहा है। बिहार और झारखंड में भी भीषण गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और मजदूर वर्ग पर इसका सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है।
राजस्थान में गर्मी का असर सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार राज्य के ज्यादातर हिस्सों में अगले दो से तीन दिन तक हीटवेव की स्थिति बनी रहेगी। कई शहरों में अधिकतम तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान के कुछ इलाकों में तापमान 48 डिग्री तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर में घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
भीषण गर्मी के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी और लू के कारण हीट स्ट्रोक का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। खासतौर पर बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग अधिक प्रभावित हो सकते हैं। चिकित्सकों ने लोगों से पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, ओआरएस और तरल पदार्थ का सेवन करने की अपील की है। साथ ही धूप में निकलते समय सिर ढंकने और हल्के रंग के कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी और बदलते मौसम पैटर्न जलवायु परिवर्तन के संकेत हैं। पिछले कुछ वर्षों में गर्मी की अवधि और तीव्रता दोनों में बढ़ोतरी देखी गई है। इसका असर खेती, जल संसाधनों और आम जनजीवन पर भी पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में पानी की कमी की समस्या भी गंभीर होती जा रही है।
फिलहाल पूरे उत्तर भारत की नजरें 28 और 29 मई के संभावित मौसम बदलाव पर टिकी हैं। यदि बारिश और आंधी की गतिविधियां तेज होती हैं तो लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। तब तक प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लोगों से सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की अपील कर रहे हैं।