विधानसभा चुनाव से पहले यूपी में स्थायी DGP नियुक्ति की प्रक्रिया तेज… UPSC को फिर से भेजा जाएगा पैनल…योगी का कृष्ण पर भरोसा कायम

up DGP Rajiv Krishna

विधानसभा चुनाव से पहले यूपी में स्थायी DGP नियुक्ति की प्रक्रिया तेज… UPSC को फिर से भेजा जाएगा इन नामों का पैनल

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अब प्रदेश में स्थायी डीजीपी की नियुक्ति को लेकर एक्टिव हो गई है। अगले साल 2027 में विधानसभा के चुनाव होना हैं। ऐसे में सरकार इससे पहल राज्य को एक स्थायी डीजीपी देना चाहती है। माना जा रहा है कि संशोधित प्रस्ताव बहुत जल्द संघ लोक सेवा आयोग को प्रेषित कर दिया जाएगा। जिसके बाद राज्य के तीन वरिष्ठ आईपीएस अफसरों का एक पैनल तय किया जाएगा। बता दें उत्तर प्रदेश में स्थायी पुलिस महानिदेशक को नियुक्त करने को लेकर पिछल लंबे अर्से से चलने वाली प्रक्रिया अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंचती नजर आ रही है। उत्तरप्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार एक बार फिर संशोधित प्रस्ताव तैयार कर संघ लोक सेवा आयोग को भेजने की तैयारी नजर आ रही है।
पार्टी सूत्रोंबताते हैं कि इस बार सरकार की ओर जो प्रस्ताव रखा जाएगा उसमें 1994 बैच तक के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम शामिल किए गए हैं। जिससे स्थायी डीजीपी के चयन प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा सके।

उत्तर प्रदेश में स्थायी डीजीपी की नियुक्ति को लेकर प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंचती नजर आ रही है। तय नियमों के अनुसार Union Public Service Commission (UPSC) राज्य सरकार द्वारा भेजे गए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नामों में से पात्रता और वरिष्ठता के आधार पर तीन नामों का पैनल तैयार करेगा। यह पैनल राज्य सरकार को वापस भेजा जाएगा, जिसके बाद इनमें से किसी एक अधिकारी को प्रदेश का स्थायी डीजीपी नियुक्त किया जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक, प्रशासनिक गलियारों में मौजूदा कार्यवाहक डीजीपी राजीव कृष्णा के नाम को लेकर चर्चाएं तेज हैं। माना जा रहा है कि सरकार का भरोसा उन पर कायम है और ऐसे में उन्हें स्थायी डीजीपी बनाए जाने की संभावना सबसे अधिक है। हालांकि अंतिम फैसला UPSC द्वारा भेजे गए पैनल के आधार पर ही लिया जाएगा, जिससे प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनी रहे।
इस पूरी नियुक्ति प्रक्रिया में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को निर्देश दिया है कि डीजीपी की नियुक्ति तय प्रक्रिया और समयसीमा के भीतर की जाए, ताकि पुलिस व्यवस्था में स्थिरता बनी रहे और बार-बार के बदलाव से बचा जा सके। यही वजह है कि इस बार देरी की गुंजाइश बेहद कम मानी जा रही है।
अगर प्रक्रिया तय समय पर पूरी होती है, तो उत्तर प्रदेश को जल्द ही स्थायी डीजीपी मिल सकता है। इससे पुलिस महकमे में न केवल स्थिरता आएगी, बल्कि प्रशासनिक स्पष्टता भी बढ़ेगी। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि UPSC कब तक पैनल तैयार कर राज्य सरकार को भेजता है और सरकार किस अधिकारी के नाम पर अंतिम मुहर लगाती है।

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