तेजी से बढ़ रहा सोलर क्रांति का दायरा
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ देशभर में तेजी से आगे बढ़ रही है। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा सचिव संतोष कुमार सारंगी के अनुसार, अब हर सप्ताह करीब एक लाख घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा रहे हैं। सरकार को भरोसा है कि मार्च 2027 तक एक करोड़ परिवारों तक इस योजना का लाभ पहुंचा दिया जाएगा।
46.5 लाख परिवारों को मिल चुका फायदा
13 जुलाई तक के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में 46.5 लाख से अधिक परिवार इस योजना से जुड़ चुके हैं। गुजरात 10.6 लाख लाभार्थियों के साथ पहले स्थान पर है, जबकि महाराष्ट्र (10.4 लाख) और उत्तर प्रदेश (6.76 लाख) दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। इसके अलावा केरल, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा और असम में भी योजना को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।
₹78 हजार तक की मिल रही सब्सिडी
फरवरी 2024 में शुरू हुई इस योजना के तहत 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता वाले सोलर सिस्टम पर केंद्र सरकार 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी दे रही है। सरकार का उद्देश्य न सिर्फ बिजली बिल कम करना है, बल्कि लोगों को स्वच्छ ऊर्जा से जोड़ना भी है। योजना की लोकप्रियता बढ़ाने में लाभार्थियों के अनुभव और जागरूकता अभियानों ने भी अहम भूमिका निभाई है।
2030 के ऊर्जा लक्ष्य को मिलेगा बल
विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना भारत को 2030 तक 500 गीगावाट नॉन-फॉसिल फ्यूल ऊर्जा क्षमता हासिल करने में मदद करेगी। हालांकि, शहरी क्षेत्रों में जगह की कमी और सब्सिडी प्रक्रिया को और सरल बनाने जैसी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। इसके बावजूद सोलर सेक्टर में आई यह रफ्तार भारत की ऊर्जा तस्वीर बदलने की ओर बड़ा कदम मानी जा रही है।