ISRO में इस्तीफों पर बोले जितेंद्र सिंह
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने ISRO में हाल ही में जारी उस मेमो पर सफाई दी है, जिसमें गगनयान और अन्य महत्वपूर्ण मिशनों से जुड़े वैज्ञानिकों के इस्तीफे और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) को लेकर सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने कहा कि यह फैसला केवल प्रशासनिक कारणों से लिया गया है और इसे किसी विवाद से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
“ISRO की कार्य संस्कृति अलग है”
जितेंद्र सिंह ने कहा कि ISRO में वैज्ञानिकों का आना-जाना सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने कहा, “कई लोग गए हैं, कई नए लोग भी आए हैं।” उन्होंने पूर्व ISRO प्रमुख एस. सोमनाथ का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके रिटायर होने के बावजूद गगनयान मिशन प्रभावित नहीं हुआ है। ISRO में पूर्व वैज्ञानिक भी परियोजनाओं से जुड़े रहते हैं।
कुडनकुलम परमाणु परियोजना पर भी दिया जवाब
केंद्रीय मंत्री ने तमिलनाडु स्थित कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट (KKNPP) में कथित डेटा लीक की खबरों को भी खारिज किया। NPCIL पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि संवेदनशील डेटा से कोई समझौता नहीं हुआ है। मामले की जांच NPCIL और CERT-In कर रहे हैं।
भारत के भविष्य के मिशन जारी
कुडनकुलम में वर्तमान में दो 1000 मेगावाट के रिएक्टर संचालित हैं, जबकि चार नए रिएक्टर निर्माणाधीन हैं। इनके पूरा होने के बाद यह 6000 मेगावाट क्षमता वाला भारत का सबसे बड़ा परमाणु ऊर्जा पार्क बन जाएगा। वहीं, ISRO गगनयान सहित अपने सभी महत्वाकांक्षी मिशनों पर लगातार काम कर रहा है।