जेलेंस्की को बताया वर्ल्ड इकोनॉमी के लिए जरूरी है भारत का रूस से तेल खरीदना…जानें भारत आने को लेकर क्या बोले जेलेंस्की

PM Narendra Modi visits Ukraine Ukraine President Volodymyr Zelensky

पीएम नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार 23 अगस्त को यूक्रेन दौरे के दौरान राष्ट्रपति वलोदिमीर जेलेंस्की के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इसके बाद में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कीव में मीडिया ब्रीफिंग के दौरान सवाल जवाब के बीच कहा भारत और यूक्रेन दोनों देश के नेता पीएम नरेन्द्र मोदी और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की बीतचीत में रूस के साथ भारत के ऊर्जा कारोबार और संबंध पर भी चर्चा हुई। विदेश मंत्री ने कहा कि ‘भारत ने यूक्रेन पक्ष को यह समझाया है कि ऊर्जा बाजार का मौजूदा हाल कैसा है?

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोदिमीर जेलेंस्की को यहां भारत आने का न्योता दिया। जिस पर इस पर यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने खुशी जताई और कहा उन्हें महान देश की यात्रा करके बहुत खुशी होगी। बता दें पीएम नरेन्द्र मोदी कीव में लगभग नौ घंटे रहे। उनकी यह यात्रा पिछले तीन दशक पहले यूक्रेन के आजाद होने के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी।

भारत और यूक्रेन के दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कई सवालों के जवाब दिये और भारत ने यूक्रेन के साथ इंडिया के तेल सौदे पर यूक्रेन की चिंता से जुड़े सवालों का जवाब दिया है।

रूस के साथ भारत के ऊर्जा व्यापार पर यूक्रेन में चर्चा !

विदेश मंत्री एस जयशंकर के अनुसार भारत ने यूक्रेन को मौजूदा तेल मार्केट की स्थिति के साथ भारत पर पड़ने वाले आर्थिक प्रभार के साथ रूस से तेल खरीदने की भारत की रणनीतिक जरूरतों और विश्व र्थि व्यवस्था पर पड़ने वाले इसके असर को लेकर भी समझाया है। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा रूस के साथ भारत के ऊर्जा व्यापार पर यूक्रेन में चर्चा हुई है। मौजूदा दौर में कई ऊर्जा उत्पादकों पर प्रतिबंध लगाया गया हैं। जिससे विश्व बाजार की हालात संभावित रूप से बहुत मुश्किल भरी हो गई है। यह केवल विवशता नहीं है। उनका आशय है कि यह समग्र रूप से विश्व अर्थव्यवस्था के भी हित में है कि तेल के दाम उचित और स्थिर बने रहें।

वहीं भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण को लेकर जेलेंस्की ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा उन्हें भारत आकर खुशी होगी। क्योंकि जब आप रणनीतिक साझेदारी शुरू करते हैं। आप कुछ बातचीत का शुरू करते हैं तो उन्हें लगता है कि आपको समय नष्ट करने और बहुत देर तक रुकने की आवश्यकता नहीं होती है। लिहाजा उन्हें लगता है कि वे फिर से मिलते हैं तो यह अच्छा होगा।

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