आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में वॉकिंग को सबसे आसान और प्रभावी व्यायाम माना जाता है। फिट रहने के लिए रोज कितने कदम चलना चाहिए, इसे लेकर लंबे समय से बहस होती रही है। कई लोग 10 हजार कदम के लक्ष्य को फिटनेस का मानक मानते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि हर व्यक्ति के लिए यह संख्या अलग हो सकती है। उम्र, स्वास्थ्य, वजन, फिटनेस स्तर और जीवनशैली के आधार पर वॉकिंग की जरूरत बदलती रहती है।
वॉकिंग बनी फिटनेस का आसान मंत्र
10 हजार कदम कोई जादुई आंकड़ा नहीं
7 हजार कदम से भी मिलते हैं बड़े फायदे
ज्यादा चलना पड़ सकता है भारी
शरीर के संकेतों को समझना जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक नियमित वॉकिंग हृदय को मजबूत बनाती है, रक्त संचार बेहतर करती है, वजन नियंत्रित रखने में मदद करती है और मानसिक तनाव को कम करती है। यही वजह है कि इसे सबसे सुरक्षित और लो-इम्पैक्ट एक्सरसाइज माना जाता है। नियमित रूप से चलने वाले लोगों में हृदय रोग, मधुमेह और मोटापे जैसी समस्याओं का खतरा भी कम देखा गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम तीव्रता की शारीरिक गतिविधि आवश्यक है। इसका अर्थ है कि सप्ताह में लगभग छह दिन 25 से 30 मिनट तेज चाल से चलना स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त माना जा सकता है। सामान्य तौर पर यह दूरी व्यक्ति की गति के अनुसार 2 से 3 किलोमीटर के आसपास होती है।
रोज 10 हजार कदम चलने का लक्ष्य दुनिया भर में लोकप्रिय है, लेकिन शोध बताते हैं कि यह कोई वैज्ञानिक रूप से तय अनिवार्य संख्या नहीं है। कई अध्ययनों में पाया गया है कि प्रतिदिन करीब 7 हजार कदम चलने से भी स्वास्थ्य को महत्वपूर्ण लाभ मिलते हैं। इससे समय से पहले मृत्यु का जोखिम कम होता है और शरीर की फिटनेस में सुधार देखा जाता है। हालांकि 10 हजार कदम या उससे अधिक चलने से अतिरिक्त लाभ मिल सकते हैं, लेकिन यह हर व्यक्ति के लिए जरूरी नहीं है।
हाल के वर्षों में 4 हजार कदम प्रतिदिन को लेकर भी चर्चा बढ़ी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति बिल्कुल निष्क्रिय है तो 4 हजार कदम भी उसके स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। लेकिन बेहतर स्वास्थ्य लाभ के लिए अधिकांश वयस्कों को 6 से 8 हजार कदम या उससे अधिक चलने का प्रयास करना चाहिए।
हालांकि जरूरत से ज्यादा वॉकिंग भी नुकसान पहुंचा सकती है। यदि शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिलता और लगातार अत्यधिक दूरी तय की जाती है तो ओवरट्रेनिंग की स्थिति बन सकती है। इससे मांसपेशियों की रिकवरी प्रभावित होती है और फिटनेस बढ़ने के बजाय घटने लगती है।
विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि यदि वॉक के बाद लंबे समय तक थकान बनी रहे, मांसपेशियों में दर्द हो, शरीर भारी महसूस हो या बार-बार चोट लगने लगे तो यह संकेत है कि आप अपनी क्षमता से अधिक चल रहे हैं। चिड़चिड़ापन, भूख कम लगना, नींद में परेशानी और बार-बार बीमार पड़ना भी अत्यधिक शारीरिक दबाव के संकेत हो सकते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी निश्चित संख्या का पीछा करने के बजाय नियमित रूप से सक्रिय रहना ज्यादा महत्वपूर्ण है। शुरुआती लोग धीरे-धीरे अपने कदम और दूरी बढ़ाएं, जबकि फिट लोग अपनी क्षमता के अनुसार लक्ष्य तय करें। सबसे जरूरी बात यह है कि शरीर की जरूरत और संकेतों को समझते हुए संतुलित वॉकिंग की जाए, तभी इसका पूरा लाभ मिल सकता है।