समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव आज 24 सितंबर को रायबरेली से पार्टी के ‘PDA रथ’ की शुरुआत कर रहे हैं। बछरावां के चुरुआ से रथ पर सवार होकर वे रायबरेली शहर पहुंचेंगे और हरचंदपुर के सपा विधायक राहुल लोधी के घर जाकर उनसे मुलाकात करेंगे। इसके बाद स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक बैठकें होंगी।
1. रायबरेली ही क्यों चुना?
PDA रथ के लिए रायबरेली का चयन राजनीतिक रूप से कई संदेशों वाला है। यह लोकसभा सीट कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रतिनिधित्व वाली सीट है। ऐसे में यहां से यात्रा शुरू करना सपा-कांग्रेस के रिश्तों के संदर्भ में भी चर्चा का विषय बना है। दोनों दल 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए संभावित सीट-बंटवारे को लेकर आगे बातचीत कर सकते हैं।
2. राहुल लोधी के घर चाय का संदेश
अखिलेश यादव का हरचंदपुर विधायक राहुल लोधी के घर जाना इस दौरे का अहम हिस्सा है। 17 सितंबर को फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज में समाजवादी छात्र सभा और एबीवीपी से जुड़े छात्रों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद लोधी ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए थे, जबकि पुलिस ने उनके आरोपों से इनकार किया। अखिलेश ने इसके बाद रायबरेली आने और लोधी से मिलने की घोषणा की थी।
3. PDA के सामाजिक समीकरण पर फोकस
सपा की PDA रणनीति में पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समूह प्रमुख हैं। रायबरेली में लोधी और पासी जैसे सामाजिक समूहों की राजनीतिक मौजूदगी को देखते हुए पार्टी के लिए यह दौरा संगठन और सामाजिक पहुंच, दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण है। जिले में मौजूदा सपा विधायकों की सामाजिक पृष्ठभूमि भी इस समीकरण को चर्चा में रखती है।
4. रथ सिर्फ रायबरेली तक नहीं
24 सितंबर का कार्यक्रम केवल एक जिले का दौरा नहीं, बल्कि सपा की 2027 की तैयारी में PDA रणनीति को जमीन पर ले जाने की शुरुआत के तौर पर पेश किया जा रहा है। पार्टी के रथ पर डॉ. भीमराव आंबेडकर, राम मनोहर लोहिया, जनेश्वर मिश्र, मुलायम सिंह यादव और बेनी प्रसाद वर्मा जैसे नेताओं की तस्वीरें और सामाजिक न्याय से जुड़े संदेश हैं।
5. संगठन की असली परीक्षा बूथ पर
रायबरेली पहुंचकर अखिलेश यादव स्थानीय कार्यकर्ताओं, जिला पदाधिकारियों और नेताओं के साथ संगठनात्मक चर्चा भी करेंगे। सपा ने अमेठी और रायबरेली में बूथ समितियों के गठन के लिए वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी दी है। इसलिए PDA रथ का अगला चरण केवल जनसंपर्क नहीं, बल्कि बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने की कवायद से भी जुड़ा दिखाई देता है।
बड़ी तस्वीर: रायबरेली से PDA रथ का आगाज एक साथ तीन स्तरों पर सपा की तैयारी को सामने लाता है—सामाजिक समीकरण, संगठन की सक्रियता और सहयोगी दलों के साथ चुनावी तालमेल। आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि रथ यात्रा किस तरह प्रदेश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचती है और सपा अपने PDA संदेश को स्थानीय मुद्दों व संगठनात्मक ढांचे से कैसे जोड़ती है।