ओमान के तट के पास वाणिज्यिक जहाज MV Cape Dao पर हुए मिसाइल हमले में उत्तर प्रदेश के भारतीय नाविक सूरज यादव की मौत हो गई। जहाज पर कुल 20 भारतीय नाविक सवार थे, जिनमें से 19 को ओमान की रॉयल नेवी ने सुरक्षित निकाल लिया है। घटना ने पश्चिम एशिया के आसपास समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा और भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
1. मिसाइल हमले में भारतीय नाविक की मौत
एमवी केप डाओ, एंटीगुआ और बारबुडा के झंडे वाला बल्क कैरियर है। ओमान के पूर्वी तट के पास जहाज पर मिसाइल हमला हुआ। हमले में उत्तर प्रदेश के रहने वाले वाइपर सूरज यादव के सिर में गंभीर चोट आई और उनकी मौत हो गई। केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने उनके निधन पर शोक जताया है।
2. 19 भारतीय नाविक सुरक्षित निकाले गए
हमले के बाद ओमान की रॉयल नेवी ने जहाज पर मौजूद चालक दल को सुरक्षित बाहर निकाला। 20 भारतीय नाविकों में से 19 जीवित हैं और उन्हें सुरक्षित तट पर पहुंचा दिया गया है। सरकार अब इन नाविकों की भारत वापसी के लिए ओमानी अधिकारियों और जहाज प्रबंधन कंपनी के साथ समन्वय कर रही है।
3. सरकार ने शुरू किया सुरक्षित वापसी अभियान
सर्बानंद सोनोवाल ने कहा है कि जीवित बचे भारतीय नाविकों की तत्काल और सुरक्षित स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सूरज यादव के पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ भारत लाने और उनके परिवार को हरसंभव सहायता देने की बात कही गई है।
4. समुद्री रास्तों पर बढ़ता सुरक्षा दबाव
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब पश्चिम एशिया के आसपास समुद्री मार्गों पर व्यावसायिक जहाजों को सुरक्षा संबंधी जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है। वाणिज्यिक जहाज पर हमला केवल चालक दल की सुरक्षा का सवाल नहीं है, बल्कि वैश्विक व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला से भी जुड़ा मुद्दा है।
भारत के लिए यह चिंता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय नाविक अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों पर काम करते हैं। किसी भी प्रमुख समुद्री मार्ग पर तनाव बढ़ने से जहाजों के मार्ग, बीमा लागत, परिवहन समय और व्यापारिक आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।
5. भारत ने हमले की कड़ी निंदा की
विदेश मंत्रालय ने MV Cape Dao पर हमले की निंदा करते हुए कहा कि क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमले बेहद चिंताजनक हैं। मंत्रालय ने मृत भारतीय नागरिक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। इस घटना में एक भारतीय नाविक की जान गई, जबकि 19 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया। अब तत्काल चुनौती जीवित नाविकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी और मृतक के पार्थिव शरीर को भारत लाने की है। व्यापक स्तर पर यह घटना पश्चिम एशिया के समुद्री मार्गों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों पर बढ़ते जोखिम को फिर सामने लाती है।