वन नेशन, वन हेल्पलाइन’ से मध्यप्रदेश में महिला-बाल सुरक्षा को नई मजबूती
मध्यप्रदेश में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार का फोकस अब और तेज़ और तकनीक-आधारित हो गया है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में “वन नेशन, वन हेल्पलाइन” पहल ने राज्य के सुरक्षा तंत्र को और मजबूत किया है।
महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि किसी भी समाज की प्रगति महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और समान अवसर पर निर्भर करती है। राज्य सरकार इसी दिशा में योजनाओं, जागरूकता अभियानों और तकनीकी सेवाओं को लगातार सशक्त कर रही है, ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें और सुरक्षित माहौल में आगे बढ़ें।
181, 1098 और 112 का एकीकृत सिस्टम
भारत सरकार की “वन नेशन, वन हेल्पलाइन” पहल के तहत महिला हेल्पलाइन 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को Emergency Response Support System (ERSS-112) से जोड़ा गया है। 31 अगस्त 2023 को स्थापित राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम के माध्यम से अब कोई भी महिला या बच्चा 24×7, 181, 1098 या 112 पर कॉल कर तत्काल सहायता प्राप्त कर सकता है।
महिला हेल्पलाइन 181: संकट में सहारा
महिला हेल्पलाइन 181 को प्रदेश के वन स्टॉप सेंटर से जोड़ा गया है, जहां से पीड़ित महिलाओं को पुलिस, अस्पताल, एम्बुलेंस, कानूनी सहायता और काउंसलिंग जैसी सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलती हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 29 जनवरी 2026 तक करीब 1.28 लाख महिलाओं को इस सेवा से मदद मिल चुकी है, जो इसकी प्रभावशीलता को दर्शाता है।
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098: बच्चों की सुरक्षा की ढाल
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के जरिए संकटग्रस्त बच्चों को त्वरित सहायता, संरक्षण, काउंसलिंग और पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसी अवधि में 26,974 बच्चों को सहायता प्रदान की गई, जिससे यह प्रणाली बच्चों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच बनकर उभरी है।
तकनीक से बढ़ा भरोसा
हेल्पलाइन सेवाओं का ERSS-112 से एकीकरण न केवल त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि सरकार महिला और बाल सुरक्षा के प्रति कितनी संवेदनशील और प्रतिबद्ध है। “वन नेशन, वन हेल्पलाइन” पहल के जरिए मध्यप्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था अधिक संगठित, तेज़ और भरोसेमंद बनी है—जहां हर जरूरतमंद महिला और बच्चे को समय पर मदद मिल रही है।