तमिलनाडु में थलपति विजय ने 9वें मुख्यमंत्री के रूप में ली शपथ…सिनेमा से सत्ता तक का सफर

Thalapathy Vijay takes oath as 9th Chief Minister

तमिलनाडु में बना नया इतिहास, थलपति विजय ने 9वें मुख्यमंत्री के रूप में ली शपथ

द्रविड़ राजनीति के बीच पहली बार गैर-डीएमके और एआईएडीएमके सरकार का गठन

तमिलनाडु की राजनीति में शनिवार को एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया, जब थलपति विजय ने राज्य के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। चेन्नई स्थित जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) प्रमुख विजय की ताजपोशी के साथ ही राज्य में द्रविड़ राजनीति के लंबे दौर के बाद पहली बार ऐसा हुआ है, जब डीएमके और एआईएडीएमके के बाहर की किसी पार्टी ने सत्ता हासिल की है।

पहली बार चुनाव लड़कर TVK ने बनाया रिकॉर्ड

तमिलगा वेत्री कड़गम ने अपने पहले ही विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें जीतकर नया रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद कांग्रेस, सीपीआई, सीपीएम, वीसीके और आईयूएमएल जैसे दलों के समर्थन से पार्टी को कुल 120 विधायकों का समर्थन हासिल हुआ।

तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 118 है। विजय ने सरकार बनाने का दावा पेश करते हुए राज्यपाल को 121 विधायकों के समर्थन पत्र सौंपे थे।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह जीत तमिलनाडु की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत है, जहां दशकों से डीएमके और एआईएडीएमके का दबदबा रहा है।

विजय के साथ 9 मंत्रियों ने भी ली शपथ

मुख्यमंत्री विजय के साथ नौ अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण की। इनमें ‘बुस्सी’ एन आनंद, आधव अर्जुना, के ए सेंगोट्टैयन, के जी अरुणराज, पी वेंकटरमणन, सीटीआर निर्मल कुमार, ए राजमोहन, कीर्तन और के टी प्रभु शामिल हैं।

नई कैबिनेट में एस कीर्तन एकमात्र महिला मंत्री बनी हैं। शपथ ग्रहण समारोह में फिल्म जगत, राजनीति और उद्योग जगत की कई बड़ी हस्तियां मौजूद रहीं। समारोह के दौरान विजय के समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिला। स्टेडियम के बाहर हजारों समर्थक पार्टी के झंडे और पोस्टर लेकर पहुंचे थे।

13 मई तक सदन में बहुमत साबित करेंगे विजय

मुख्यमंत्री बनने के बाद अब विजय को 13 मई या उससे पहले विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर अपनी सरकार का बहुमत साबित करना होगा। हालांकि सहयोगी दलों के समर्थन के चलते सरकार को फिलहाल कोई खतरा नजर नहीं आ रहा है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार विजय की सरकार तमिलनाडु में नई राजनीतिक धारा को जन्म दे सकती है। विजय खुद को पारंपरिक द्रविड़ दलों के विकल्प के रूप में पेश करते रहे हैं।

सिनेमा से सत्ता तक का सफर

थलपति विजय लंबे समय तक तमिल फिल्म इंडस्ट्री के सबसे लोकप्रिय सितारों में गिने जाते रहे हैं। करोड़ों प्रशंसकों के बीच उनकी छवि एक बड़े जननेता जैसी रही है।

राजनीति में आने के बाद विजय ने युवाओं, रोजगार, शिक्षा और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उनकी पार्टी TVK ने चुनाव प्रचार के दौरान खुद को बदलाव की राजनीति का चेहरा बताया था।

विजय की लोकप्रियता का असर चुनाव में भी साफ दिखाई दिया और पहली बार चुनाव लड़ने के बावजूद उनकी पार्टी सत्ता तक पहुंच गई।

तमिलनाडु की सियासत में नया दौर

1967 के बाद यह पहला मौका है जब तमिलनाडु की सत्ता किसी ऐसे नेता के हाथ में गई है, जो डीएमके या एआईएडीएमके गठबंधन से बाहर का है। यही वजह है कि विजय का मुख्यमंत्री बनना सिर्फ राजनीतिक बदलाव नहीं बल्कि राज्य की राजनीति में एक बड़े परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है।

अब पूरे देश की नजर विजय सरकार की नीतियों और फैसलों पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि फिल्मी दुनिया से राजनीति में आए विजय प्रशासनिक मोर्चे पर कितना सफल प्रदर्शन कर पाते हैं।

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