पश्चिम बंगाल: सीएम पद की शपथ लेंगे शुभेंदु…दिलीष घोष बनेंगे मंत्री…बंगाल में आज से बीजेपी ही ‘सरकार’
15 साल बाद बदली सत्ता, पहली बार बंगाल में बीजेपी सरकार
पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है और बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस के गढ़ रहे बंगाल में सत्ता परिवर्तन को राष्ट्रीय राजनीति के सबसे बड़े घटनाक्रमों में माना जा रहा है।
कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाले भव्य शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इसके साथ ही विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय स्तर के कई सहयोगी दलों के नेता भी समारोह में मौजूद रहेंगे। बीजेपी विधायक दल की बैठक में शुभेंदु अधिकारी को सर्वसम्मति से नेता चुना गया। इसके बाद उन्होंने राज्यपाल आर.एन. रवि से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। राज्यपाल ने उन्हें सरकार गठन के लिए आमंत्रित किया, जिसके बाद आज शपथ ग्रहण का कार्यक्रम तय हुआ।
भवानीपुर की जीत ने बदल दी बंगाल की राजनीति
इस चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा भवानीपुर सीट की रही, जहां शुभेंदु अधिकारी ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। यह जीत केवल एक सीट की जीत नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे बंगाल की बदलती राजनीतिक दिशा का संकेत माना जा रहा है।
राज्य विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 207 सीटों पर जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया, जबकि तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों पर सिमट गई। करीब डेढ़ दशक तक सत्ता में रहने वाली टीएमसी की हार ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी और केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन में कथित बाधाओं जैसे मुद्दों ने इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाई। बीजेपी ने चुनाव प्रचार के दौरान “परिवर्तन” को मुख्य मुद्दा बनाया था, जिसका असर नतीजों में साफ दिखाई दिया।
दिलीप घोष भी बन सकते हैं सरकार का अहम चेहरा
नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में केवल मुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि मंत्रिपरिषद के कई सदस्य भी शपथ लेने वाले हैं। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष का नाम संभावित मंत्रियों की सूची में प्रमुखता से सामने आ रहा है। सूत्रों के अनुसार, कई विधायकों को फोन कर शपथ ग्रहण के लिए तैयार रहने को कहा गया है। माना जा रहा है कि बीजेपी संगठन और सरकार के बीच संतुलन बनाने के लिए अनुभवी नेताओं को मंत्रिमंडल में अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है। दिलीप घोष लंबे समय से बंगाल में बीजेपी का प्रमुख चेहरा रहे हैं और संगठन विस्तार में उनकी भूमिका को काफी अहम माना जाता है। ऐसे में उन्हें नई सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है।
राष्ट्रीय नेताओं की मौजूदगी से बढ़ा समारोह का महत्व
शपथ ग्रहण समारोह को बीजेपी राष्ट्रीय स्तर पर शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देख रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की मौजूदगी इस कार्यक्रम को और ज्यादा महत्वपूर्ण बना रही है। इसके अलावा बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी और राष्ट्रीय लोक दल के अध्यक्ष जयंत चौधरी भी कोलकाता पहुंच चुके हैं। बीजेपी इस समारोह के जरिए यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि बंगाल में उसकी जीत केवल क्षेत्रीय सफलता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा बदलाव है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे शुभेंदु अधिकारी के आवास और शपथ ग्रहण स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। कोलकाता पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के जवान बड़ी संख्या में तैनात किए गए हैं। ब्रिगेड परेड ग्राउंड के आसपास कई स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है। वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए ट्रैफिक व्यवस्था में भी बदलाव किए गए हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि समारोह के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए गए हैं।
केंद्र और राज्य के रिश्तों में आ सकता है नया दौर
बीजेपी सरकार बनने के बाद अब केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के संबंधों में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार ने उन केंद्रीय योजनाओं और परियोजनाओं की सूची तैयार करना शुरू कर दिया है, जो पिछले कई वर्षों से लंबित थीं। बताया जा रहा है कि विभिन्न मंत्रालयों से ऐसी परियोजनाओं का ब्यौरा मांगा गया है, जिनमें प्रशासनिक या राजनीतिक कारणों से देरी हुई थी। केंद्र सरकार अब इन योजनाओं को तेजी से लागू करने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को इस पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी दी गई है। माना जा रहा है कि बुनियादी ढांचे, रेलवे, बंदरगाह, उद्योग और ग्रामीण विकास से जुड़ी कई परियोजनाओं को जल्द गति मिल सकती है।
बंगाल की राजनीति…नया दौर शुरु
शुभेंदु अधिकारी की ताजपोशी के साथ ही पश्चिम बंगाल में राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। बीजेपी के लिए यह जीत केवल एक राज्य में सरकार बनाना नहीं, बल्कि पूर्वी भारत में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने का अवसर भी है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि नई सरकार चुनावी वादों को किस तरह जमीन पर उतारती है और राज्य की राजनीतिक संस्कृति में कितना बदलाव ला पाती है। बंगाल की जनता ने जिस बदलाव की उम्मीद के साथ सत्ता सौंपी है, उस पर खरा उतरना अब शुभेंदु सरकार की सबसे बड़ी चुनौती होगी।