NEET UG 2026 के रद्द होने से पूरे देश में मेडिकल की तैयारी कर रहे छात्रों के बीच भारी अनिश्चितता पैदा हो गई है। परीक्षा रदद् करने के पीछे का सबसे बड़ा कारण एग्ज़ाम से पहले जो सवालों का सेट सर्कुलेट होना रहा जो वह असल पेपर से काफ़ी मिलता-जुलता था।दो हफ़्तों से भी कम समय में, एक ऐसा एग्ज़ाम जो कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित किया गया था, गंभीर सवालों के घेरे में आ गया।
इस मामले में जैसे-जैसे जाँच का दायरा बढ़ा और लोगों का दबाव बढ़ा, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने आखिरकार 12 मई को एग्ज़ाम रद्द करने की घोषणा कर दी। बताते है आपको कि कैसे ये विवाद नौ दिनों में परीक्षा रद्द होने का कारण बना।
तारीख वार जाने कब कब क्या क्या हुआ
3 मई: 22 लाख से ज़्यादा छात्रों के लिए NEET UG 2026 आयोजित किया गया
NEET UG 2026, 3 मई को पूरे भारत में अलग-अलग सेंटर्स पर आयोजित किया गया था। NTA के अनुसार, एग्ज़ाम प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कई सुरक्षा इंतज़ाम किए गए थे। छात्रों ने बिना किसी बड़ी गड़बड़ी की तत्काल रिपोर्ट के एग्ज़ाम दिया।
एक्जाम के बाद सब कुछ सामान्य लग रहा था और कई छात्र संभावित कट-ऑफ और आंसर-की पर चर्चा करने लगे थे।
6-7 मई: सोशल मीडिया पर चर्चाओं से शक पैदा हुआ
एग्ज़ाम के कुछ ही दिनों के भीतर, छात्रों और कोचिंग ग्रुप्स ने ऑनलाइन एक तथाकथित “गेस पेपर” के बारे में चिंताएँ ज़ाहिर करना शुरू कर दिया। आरोप था कि इस पेपर में NEET UG 2026 में पूछे गए सवालों से मिलते-जुलते सवाल थे।
यह चर्चा तेज़ी से फैली, खासकर राजस्थान में, जहाँ ऐसी खबरें थीं कि परीक्षा की तारीख से पहले ही असली पेपर जैसा स्टडी मटीरियल सर्कुलेट हो रहा था।
7 मई: NTA ने शिकायतों को माना
जैसे-जैसे यह विवाद सुर्खियों में आया, NTA ने कहा कि उसे कुछ इलाकों, जिनमें राजस्थान और उत्तराखंड भी शामिल हैं, से संभावित गड़बड़ियों से जुड़ी जानकारी मिली है। हालाँकि अधिकारियों ने पेपर लीक की पुष्टि नहीं की, लेकिन एजेंसी ने माना कि शिकायतें इतनी गंभीर थीं कि उनकी आगे जाँच-पड़ताल ज़रूरी थी।
8 मई: केंद्रीय एजेंसियों से जाँच करने को कहा गया
8 मई को, इस मामले को जाँच को बढाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दिया गया। अधिकारियों ने यह जाँचना शुरू किया कि क्या ये समानताएँ महज़ इत्तेफ़ाक थीं या किसी संगठित गड़बड़ी से जुड़ी थीं। NTA ने जाँच में मदद के लिए जाँचकर्ताओं के साथ तकनीकी और परीक्षा से जुड़ी जानकारियाँ भी साझा कीं।
10 मई: राजस्थान SOG की जाँच पर सबका ध्यान गया
यह मामला तब और बढ़ गया जब राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने सार्वजनिक तौर पर पुष्टि की कि वह NEET UG 2026 से जुड़ी कथित गड़बड़ियों की जाँच कर रहा है।
खबरों के मुताबिक, जाँचकर्ताओं को सवालों का एक बड़ा सेट मिला, जिसे कथित तौर पर परीक्षा से पहले ही साझा कर दिया गया था। अधिकारियों ने दावा किया कि बायोलॉजी और केमिस्ट्री के कई सवाल असली पेपर में आए सवालों से लगभग मिलते-जुलते थे।
जैसे-जैसे जाँच का दायरा बढ़ा, अलग-अलग शहरों में तलाशी और पूछताछ की गई।
11 मई: सवालों के मेल खाने के दावों से देश भर में गुस्सा भड़का
यह विवाद तब और बढ़ गया जब ऐसी रिपोर्टें आईं कि सर्कुलेट किए गए मटीरियल में से काफ़ी संख्या में सवाल असली परीक्षा के पेपर से मेल खाते थे। इन आरोपों पर देश भर के छात्रों, अभिभावकों और कोचिंग संस्थानों से कड़ी प्रतिक्रियाएँ मिलीं।
इसके बाद मामला राजनैतिक होता चला गया। अधिकारियों पर देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं में से एक की शुचिता बनाए रखने में नाकाम रहने का आरोप लगाया।
जैसे-जैसे लोगों का गुस्सा बढ़ता गया, राजस्थान SOG ने कथित तौर पर उन कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिन पर जाँच के दायरे में आए मटीरियल को सर्कुलेट करने से जुड़े होने का शक था। हालाँकि, अधिकारियों का कहना था कि जाँच अभी भी जारी है और अंतिम निष्कर्ष अभी तक पूरे नहीं हुए हैं।
12 मई: NTA ने NEET UG 2026 रद्द किया
NTA ने 12 मई को आधिकारिक तौर पर NEET UG 2026 रद्द कर दिया। एजेंसी ने घोषणा की कि एक नई परीक्षा नई तारीखों पर आयोजित की जाएगी, जिनकी जानकारी बाद में दी जाएगी।