पेरिस ओलंपिक 2024 : जानें नीरज चोपड़ा ने गोल्ड हारकर भी जीत लिया कैसे जब सबका दिल…!

Neeraj Paris Silver Medal tokyo olympics 2020 gold medal

खेल के मैदान पर अपनी कड़ी प्रतिद्वंद्विता के लिए जाने जाने वाले नीरज चोपड़ा ऐसे सुपरस्टार हैं जो दिखावा नहीं करते या उन्हें यह करना पसंद नहीं है। भारत के लिए ओलंपिक में दो पदक जीतने वाले नीरज चोपडा पहले खिलाड़ी बन गये हैं। उन्होंने पेरिस ओलंपिक में जहां रजत पदक जीता वहीं इससे पहले 2020 टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड पर भाला फेंका था पेरिस में संवाददाता सम्मेलन में नीरज ने हाजिर जवाब के साथ वाकपटुता से सब पत्रकारों का दिल जीत लिया।

खेलने से बड़ी कोई खुशी नहीं-नीरज

नीरज ने कहा, खेलने से बड़ी कोई खुशी नहीं है। आप केवल प्रतिस्पर्धा करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। भगवान ने मुझे जो भी ताकत दी है मैं करता हूं। अपने खेल और ब्रांड एंडोर्समेंट के बारे में सामंज्य बिठाने के बारे में पूछे जाने पर नीरज ने ईमानदारी से कहा, तोक्यो के बाद उन्होंने अपने खेल को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा।र तोक्यो खेलों के बाद ही उन्हें कई ब्रांड के साथ जुड़ने का मौका मिला है। हमारे लिए यह मुश्किल है कि ब्रांड आपके पीछे आएं और अगर आपको मिल रहा है तो आप वह मौका क्यों छोड़ेंगे। उन्होंने कहा यह बच्चों यानी अगली पीढ़ी के लिए भी रास्ता खोलता है। नहीं तो शरीर ही टूटेगा खेल-खेल में आखिरी में कुछ नहीं रहेगा।
नीरज ने कहा इसलिए वे इसे संतुलित करते हैं। हालांकि प्राथमिकता खेल ही है। यह एक ओलंपिक वर्ष था। इसलिए उनकी जो भी प्रतिबद्धताएं थीं, उन्होंने छह महीने पहले ही पूरी कर ली थी।

मीडिया से 17 मिनट का उनका सत्र सवाल-जवाब से कही अधिक था। करीब 50 पत्रकारों से भरे हॉल में जब किसी ने नीरज चोपड़ा से यह पूछा कि आपका पहला थ्रो फाउल हो गया। दूसरा तो नीरज ने पत्रकार को यहीं पर रोकते हुए कहा सॉरी थ्रो फाउल थी, सर सिर्फ दूसरी ही ठीक थी। नीरज के इस जवाब से पत्रकारों के चेहरे पर भी मुस्कान तैर गयी। बता दें इस पत्रकार वार्ता के समय भारत और पाकिस्तान के पत्रकार ज्यादा संख्या में मौजूद थे। इसके चलते सवाल और जवाब का दौर भी काफी देर तक हिंदी में चलता रहा था। जब एक वालंटियर ने उनसे दूसरे देशों के पत्रकारों की समझ के लिए अंग्रेजी में जवाब देने की गुजारिश की तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा अब उन्हें खुद को अंग्रेजी में बोलने के लिए प्रेरित करने की जरूरत है। जैसे वे खुद को प्रतिस्पर्धा के लिए प्रेरित करते हैं।

एक विदेशी पत्रकार ने उनसे अंग्रेजी में जवाब देने के अनुरोध से साथ पूछा क्या आप अपने और नदीम को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच प्रतिस्पर्धा का वर्णन कर सकते हैं। इसके जवाब में नीरज ने कहा यह वास्तव में एक शानदार प्रतियोगिता थी। शायद इतिहास की सबसे बड़ी प्रतियोगिताओं में से एक। अरशद ने वाकई अच्छा थ्रो किया था। जबकि मैं अच्छी स्थिति में होने के बाद भी अच्छे से रनअप नहीं ले पा रहा था।

खुद को फिट रखने के लिए कई प्रतियोगिताओं से दूर रहे थे

पेरिस ओलंपिक 2024 से पहले नीरज खुद को फिट रखने के लिए कई प्रतियोगिताओं से दूर रहे थे और इस बारे में पूछे जाने पर नीरज ने कहा बेशक उन्हें अभी और अधिक खेलने की आवश्यकता है लेकिन वे सर्तकता सावधानी बरतते यानी चोट से बचते हुए इस प्रतियोगिताओं में भाग ले रहे थे। कुछ प्रतियोगिताओं में वे सिर्फ आयोजकों की खातिर खेले हैं ताकि उन्हें बुरा नहीं लगे। वे सोचते रहते हैं कि उन्होंने प्रतियोगिता में प्रवेश किया है और अगर वे नहीं गया, तो आयोजक कहेंगे कि वे बहाने बना रहे हैं।

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