ईरान में सत्ता, सुरक्षा और उत्तराधिकार पर बढ़ीं अटकलें: अली खामेनेई के जनाजे से मोजतबा की दूरी ने उठाए नए सवाल

Khamenei

जनाजे में गैरमौजूदगी बनी चर्चा का विषय

ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से पहले एक नया सवाल अंतरराष्ट्रीय मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। रिपोर्टों के अनुसार, उनके बेटे मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से जनाजे में शामिल नहीं होंगे। ऐसे में उनके इस फैसले को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, ईरानी अधिकारियों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ईरान में सत्ता, सुरक्षा और उत्तराधिकार पर बढ़ीं अटकलें: अली खामेनेई के जनाजे से मोजतबा की दूरी ने उठाए नए सवाल

सुरक्षा चिंताओं को बताया जा रहा बड़ी वजह

विश्लेषकों का मानना है कि मोजतबा खामेनेई की गैरमौजूदगी के पीछे सबसे बड़ी वजह सुरक्षा हो सकती है। हाल के महीनों में ईरान और इजरायल के बीच बढ़े तनाव, सैन्य हमलों और शीर्ष अधिकारियों पर हुए हमलों के बाद ईरान अपने वरिष्ठ नेतृत्व की सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि किसी बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी सुरक्षा जोखिम बढ़ा सकती है।

हालांकि, यह केवल विश्लेषकों का आकलन है। इजरायल की ओर से इस तरह के किसी संभावित खतरे को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

उत्तराधिकार को लेकर पहले से चल रही है चर्चा

मोजतबा खामेनेई का नाम लंबे समय से ईरान के संभावित उत्तराधिकारियों में लिया जाता रहा है। यद्यपि ईरान में सर्वोच्च नेता का चयन संवैधानिक प्रक्रिया के तहत विशेषज्ञों की परिषद (Assembly of Experts) करती है, फिर भी राजनीतिक हलकों में मोजतबा को प्रभावशाली धार्मिक और राजनीतिक व्यक्तित्व माना जाता है।

इसी कारण उनकी हर सार्वजनिक गतिविधि या अनुपस्थिति पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर रहती है। अंतिम संस्कार में शामिल न होने की खबर ने उत्तराधिकार को लेकर चल रही चर्चाओं को भी नया बल दिया है।

ईरान की प्राथमिकता फिलहाल सुरक्षा व्यवस्था

ईरानी सुरक्षा एजेंसियां इस समय पूरे देश में हाई अलर्ट पर हैं। महत्वपूर्ण सरकारी भवनों, सैन्य प्रतिष्ठानों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अंतिम संस्कार के दौरान भी असाधारण सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को टाला जा सके। विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान क्षेत्रीय परिस्थितियों में ईरान सार्वजनिक आयोजनों के दौरान अपने शीर्ष नेताओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।

आधिकारिक पुष्टि का इंतजार, अटकलों का दौर जारी

मोजतबा खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने या न होने को लेकर अभी तक ईरान की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में इजरायली हमले के डर या किसी अन्य कारण को लेकर लगाई जा रही अटकलों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यदि ईरानी नेतृत्व इस मुद्दे पर आधिकारिक जानकारी साझा करता है, तभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल इस घटनाक्रम ने मध्य-पूर्व की राजनीति, ईरान की आंतरिक सत्ता व्यवस्था और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई बहस जरूर छेड़ दी है।

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