भारत को मंदिरों और सनातन संस्कृति की भूमि कहा जाता है। देश के लगभग हर शहर, कस्बे और गांव में किसी न किसी देवी-देवता का प्राचीन मंदिर देखने को मिल जाता है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि भारत की सीमाओं से बाहर भी कई ऐसे भव्य और ऐतिहासिक हिंदू मंदिर मौजूद हैं, जो न केवल करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं, बल्कि विश्व पर्यटन के प्रमुख आकर्षण भी हैं। इन मंदिरों में भारतीय संस्कृति, वास्तुकला और धार्मिक परंपराओं की अद्भुत झलक देखने को मिलती है। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ प्रसिद्ध हिंदू मंदिरों के बारे में।
अंगकोर वाट, कंबोडिया
कंबोडिया के अंकोर क्षेत्र में स्थित अंगकोर वाट दुनिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर और सबसे विशाल धार्मिक स्मारक माना जाता है। भगवान विष्णु को समर्पित इस मंदिर का निर्माण 12वीं शताब्दी में खमेर सम्राट सूर्यवर्मन द्वितीय ने कराया था।
यह मंदिर अपनी भव्य वास्तुकला, विशाल परिसर और उत्कृष्ट शिल्पकला के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। मंदिर की दीवारों पर रामायण, महाभारत और समुद्र मंथन जैसे प्रसंगों को अत्यंत सुंदर ढंग से उकेरा गया है। अप्सराओं की नृत्य मुद्राएं और बारीक नक्काशी इसकी विशेष पहचान हैं। वर्ष 1992 में इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया। अंगकोर वाट कंबोडिया का राष्ट्रीय प्रतीक भी है और इसकी तस्वीर देश के राष्ट्रीय ध्वज पर अंकित है।
वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर, अमेरिका
अमेरिका के जॉर्जिया राज्य में स्थित वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर दक्षिण भारतीय मंदिर वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है। वर्ष 1990 में निर्मित इस मंदिर परिसर में भगवान वेंकटेश्वर के साथ भगवान शिव का भी मंदिर स्थित है।
दक्षिण भारतीय शैली में निर्मित यह मंदिर अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां पूरे वर्ष धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-अर्चना और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
प्रम्बानन मंदिर, इंडोनेशिया
इंडोनेशिया में स्थित प्रम्बानन मंदिर नौवीं शताब्दी का एक भव्य हिंदू मंदिर है। इसे दक्षिण-पूर्व एशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिरों में गिना जाता है।
यह मंदिर मुख्य रूप से भगवान शिव, भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा को समर्पित है। इसकी ऊंची मीनारें और अद्भुत नक्काशी इसे विश्वभर के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाती हैं। यूनेस्को ने इसे भी विश्व धरोहर का दर्जा दिया है।
कटास राज मंदिर, पाकिस्तान
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के चकवाल जिले में स्थित कटास राज मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक अत्यंत प्राचीन मंदिर है। माना जाता है कि इसका निर्माण छठी से नौवीं शताब्दी के बीच हुआ था।
इस मंदिर का संबंध महाभारत काल से भी जोड़ा जाता है। मान्यता है कि पांडवों ने अपने वनवास के दौरान यहां कुछ समय बिताया था। कटास राज मंदिर आज भी हिंदू श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल माना जाता है।
पशुपतिनाथ मंदिर, नेपाल
नेपाल की राजधानी काठमांडू में बागमती नदी के किनारे स्थित पशुपतिनाथ मंदिर विश्व के सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध शिव मंदिरों में से एक है। यहां भगवान शिव के पशुपति स्वरूप की पूजा की जाती है।
मंदिर के गर्भगृह में भगवान शिव की चार मुखों वाली प्रतिमा स्थापित है। यह मंदिर न केवल नेपाल बल्कि भारत सहित दुनिया भर के शिव भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यूनेस्को ने इसे भी विश्व धरोहर स्थल घोषित किया है।
मुन्नेश्वरम मंदिर, श्रीलंका
श्रीलंका के मुन्नेश्वर गांव में स्थित यह मंदिर भगवान शिव और देवी काली सहित पांच मंदिरों का एक विशाल परिसर है। इसकी मान्यता रामायण काल से जुड़ी हुई है।
कहा जाता है कि रावण वध के बाद भगवान श्रीराम ने ब्रह्महत्या दोष से मुक्ति पाने के लिए इसी स्थान पर भगवान शिव की आराधना की थी। द्रविड़ शैली में निर्मित यह मंदिर श्रीलंका और भारत दोनों देशों के श्रद्धालुओं के बीच अत्यंत लोकप्रिय है।
सागर शिव मंदिर, मॉरिशस
मॉरिशस में स्थित सागर शिव मंदिर हिंदू धर्मावलंबियों का प्रमुख धार्मिक स्थल है। वर्ष 2007 में निर्मित इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहां स्थापित भगवान शिव की 108 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा है।
महाशिवरात्रि सहित अन्य प्रमुख धार्मिक अवसरों पर यहां लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यह मंदिर मॉरिशस में भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का प्रतीक माना जाता है।
मुरुगन मंदिर, ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में स्थित भगवान मुरुगन का यह भव्य मंदिर न्यू साउथ वेल्स की पहाड़ियों पर बना हुआ है। भगवान मुरुगन को पर्वतों का देवता माना जाता है, इसलिए मंदिर का स्थान भी विशेष महत्व रखता है।
‘सिडनी मुरुगन मंदिर’ के नाम से प्रसिद्ध यह धार्मिक स्थल ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले हिंदू समुदाय की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां नियमित पूजा-अर्चना के साथ कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
विदेशों में भी जीवंत है सनातन संस्कृति
दुनिया के अलग-अलग देशों में स्थित ये हिंदू मंदिर इस बात का प्रमाण हैं कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की जड़ें वैश्विक स्तर पर कितनी मजबूत हैं। ये मंदिर केवल पूजा-अर्चना के स्थान नहीं हैं, बल्कि भारतीय कला, वास्तुकला, इतिहास और आध्यात्मिक विरासत के जीवंत प्रतीक भी हैं। यदि आपको कभी इन देशों की यात्रा का अवसर मिले, तो इन भव्य मंदिरों के दर्शन अवश्य करें।