मोदी सरकार की बड़ी जनकल्याणकारी योजनाएं… किसान से लेकर गरीब परिवार तक, किसे और कैसे मिल रहा है फायदा?

major public welfare schemes of the Modi government From farmers to poor families

देश में सरकार की योजनाएं सिर्फ सरकारी घोषणाएं नहीं, बल्कि करोड़ों परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी हैं। किसी योजना के जरिए किसान को खेती के लिए आर्थिक मदद मिल रही है, तो किसी के माध्यम से गरीब परिवारों को महंगे इलाज से राहत देने की कोशिश हो रही है। कहीं ग्रामीणों को रोजगार देने का प्रावधान है, तो कहीं पक्के मकान का सपना पूरा करने की पहल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की कई ऐसी योजनाएं हैं, जिनका उद्देश्य गरीब, किसान, मजदूर, महिलाएं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा देना है। लेकिन इन योजनाओं का उद्देश्य क्या है? किसे लाभ मिलता है? कितनी आर्थिक सहायता दी जाती है? और आम आदमी की जिंदगी में इनका क्या महत्व है?आइए एक-एक करके समझते हैं देश की पांच प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं का पूरा गणित।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना

किसानों को हर साल 6 हजार रुपये की आर्थिक मदद

भारत एक कृषि प्रधान देश है और किसानों की आर्थिक स्थिति खेती की लागत, मौसम और बाजार भाव पर निर्भर करती है। कई बार बुवाई से लेकर खाद, बीज और दूसरी जरूरतों के लिए किसानों को पैसों की कमी का सामना करना पड़ता है। 

इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की।

योजना कब शुरू हुई?

इस योजना की शुरुआत 24 फरवरी 2019 को हुई थी। इसका लाभ पात्र किसान परिवारों को दिया जाता है।

कितनी मिलती है सहायता?

किसे मिलता है लाभ?

योजना के पात्र भूमिधारक किसान परिवारों को इसका लाभ मिलता है। हालांकि कुछ श्रेणियों के लोग, जैसे संस्थागत भूमिधारक और निर्धारित आयकरदाता एवं उच्च पदों पर रहे कुछ व्यक्ति, इसके पात्र नहीं हैं।

किसान सम्मान निधि की सबसे बड़ी खासियत यह है कि किसान को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए सीधे आर्थिक सहायता मिलती है। यह राशि खाद, बीज और खेती से जुड़े खर्चों में मददगार हो सकती है। हालांकि 6 हजार रुपये सालाना से खेती की पूरी लागत पूरी नहीं होती, लेकिन छोटे किसानों के लिए यह अतिरिक्त आर्थिक सहारा जरूर है।

इस योजना की असली चुनौती यह है कि पात्र किसानों तक समय पर किस्त पहुंचे और कोई भी योग्य किसान दस्तावेजी या तकनीकी परेशानी के कारण लाभ से वंचित न रहे।

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना

गरीब परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक के इलाज की सुरक्षा

बीमारी किसी भी परिवार की आर्थिक स्थिति बिगाड़ सकती है। खासकर गरीब परिवारों के लिए बड़े अस्पताल में इलाज कराना बड़ी चुनौती बन जाता है। कई बार इलाज का खर्च उठाने के लिए लोगों को कर्ज तक लेना पड़ता है। इसी समस्या को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शुरू की।

योजना कब शुरू हुई?

23 सितंबर 2018 को इस योजना की शुरुआत की गई थी।

कितना मिलता है लाभ?

कौन ले सकता है लाभ?

मूल योजना में सामाजिक-आर्थिक जनगणना के निर्धारित मानकों के आधार पर पात्र परिवार शामिल किए गए हैं। इसके अलावा 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी आय की परवाह किए बिना आयुष्मान वय वंदना कार्ड के तहत स्वास्थ्य कवर का प्रावधान किया गया है।

एक्सक्लूसिव एनालिसिस

आयुष्मान भारत योजना का महत्व सिर्फ 5 लाख रुपये के स्वास्थ्य कवर तक सीमित नहीं है। इसका सबसे बड़ा उद्देश्य गरीब परिवारों को इलाज के लिए अपनी जमा पूंजी खत्म करने या कर्ज लेने की नौबत से बचाना है।

इस योजना से निजी अस्पतालों में भी पात्र लोगों को इलाज की सुविधा मिल सकती है।

लेकिन यहां सबसे अहम सवाल है कि जरूरत के समय अस्पताल में सुविधा मिले, अस्पताल योजना के तहत इलाज देने से इनकार न करें और मरीजों को समय पर उपचार मिल सके। क्योंकि स्वास्थ्य सुरक्षा का वास्तविक अर्थ तभी पूरा होगा, जब आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद किसी व्यक्ति का इलाज न रुके।

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा)

ग्रामीण परिवारों को साल में 100 दिन रोजगार की गारंटी

ग्रामीण भारत में रोजगार की समस्या लंबे समय से बड़ी चुनौती रही है। गांवों में खेती के अलावा काम के अवसर सीमित होने के कारण कई परिवारों को दूसरे शहरों की ओर पलायन करना पड़ता है।

इसी समस्या को दूर करने के उद्देश्य से मनरेगा कानून बनाया गया।

योजना कब शुरू हुई?

इस कानून को वर्ष 2005 में लागू किया गया और 2 फरवरी 2006 से इसका क्रियान्वयन शुरू हुआ।

क्या है योजना का प्रावधान?

किस तरह के काम होते हैं?

तालाब निर्माण, जल संरक्षण, ग्रामीण सड़क, मिट्टी संरक्षण और दूसरी सार्वजनिक उपयोग की परिसंपत्तियों से जुड़े काम कराए जाते हैं।

मनरेगा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह केवल रोजगार योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों को काम मांगने का कानूनी अधिकार देती है। इससे गांवों में रोजगार के अवसर पैदा होते हैं और जल संरक्षण, तालाब तथा ग्रामीण संसाधनों का विकास भी होता है। हालांकि समय पर मजदूरी भुगतान, काम की उपलब्धता और योजनाओं में पारदर्शिता आज भी महत्वपूर्ण चुनौतियां हैं। इस योजना की सफलता इस बात से तय होगी कि ग्रामीण मजदूरों को समय पर काम और उनकी मेहनत का पूरा भुगतान मिले।

प्रधानमंत्री आवास योजना

हर गरीब परिवार का सपना, अपना पक्का मकान

हर इंसान का सपना होता है कि उसके परिवार के पास अपना सुरक्षित घर हो। लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए पक्का मकान बनाना आसान नहीं होता।

इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना चला रही है। इसके दो प्रमुख हिस्से हैं- ग्रामीण और शहरी।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी

शहरी क्षेत्रों के पात्र परिवारों को घर बनाने, खरीदने या आवास उपलब्ध कराने के लिए निर्धारित घटकों के तहत सहायता दी जाती है।

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत पात्र परिवारों के लिए नए आवासीय अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

एक्सक्लूसिव एनालिसिस

आवास योजना का महत्व सिर्फ छत उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। पक्का मकान मिलने से परिवार को सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व मिलता है।

खासतौर पर महिलाओं के लिए घर का मालिकाना हक सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा का माध्यम बन सकता है।

लेकिन योजना की सफलता के लिए जरूरी है कि पात्र परिवारों का चयन पारदर्शी हो, निर्माण समय पर पूरा हो और सहायता की राशि सही लाभार्थी तक पहुंचे।

क्योंकि मकान तभी बनेगा, जब सरकारी सहायता के साथ परिवार को निर्माण के लिए जरूरी दूसरी सुविधाएं भी मिलेंगी।

प्रधानमंत्री जनधन योजना

हर नागरिक को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने की पहल

एक समय था जब देश के करोड़ों गरीब परिवार बैंकिंग व्यवस्था से बाहर थे। लोगों के पास बैंक खाता नहीं था और सरकारी सहायता का पैसा उन तक पहुंचाने में भी मुश्किलें आती थीं।  इस स्थिति को बदलने के लिए प्रधानमंत्री जनधन योजना शुरू की गई।

योजना कब शुरू हुई?

28 अगस्त 2014 को इस योजना की शुरुआत हुई थी।

क्या हैं इसके प्रमुख फायदे?

किसे मिलता है लाभ?

ऐसे नागरिक जिनके पास बैंक खाता नहीं है, वे निर्धारित केवाईसी और बैंकिंग नियमों के अनुसार जनधन खाता खुलवा सकते हैं।

एक्सक्लूसिव एनालिसिस

जनधन योजना को देश में वित्तीय समावेशन की बड़ी पहल माना जाता है। इसका मतलब है कि गरीब से गरीब व्यक्ति भी बैंकिंग व्यवस्था का हिस्सा बन सके।

इस योजना ने सरकारी सहायता को सीधे बैंक खातों तक पहुंचाने के लिए आधार तैयार किया। किसान सम्मान निधि, पेंशन और दूसरी योजनाओं की राशि सीधे खातों में भेजने की व्यवस्था में बैंक खाते महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसका अगला लक्ष्य सिर्फ खाते खोलना नहीं, बल्कि खातों का नियमित इस्तेमाल बढ़ाना और लोगों को बचत, बीमा तथा दूसरी बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ना है।

योजनाओं का तुलनात्मक विश्लेषण

योजना मुख्य उद्देश्य प्रमुख लाभ
किसान सम्मान निधि किसान सहायता ₹6,000 सालाना
आयुष्मान भारत स्वास्थ्य सुरक्षा ₹5 लाख सालाना तक कवर
मनरेगा ग्रामीण रोजगार 100 दिन रोजगार की गारंटी
प्रधानमंत्री आवास आवास सुविधा पक्का मकान बनाने में सहायता
जनधन योजना बैंकिंग सुविधा बिना न्यूनतम राशि का खाता

योजनाओं का असली इम्तिहान जमीन पर

किसान को आर्थिक मदद, गरीब को इलाज, मजदूर को रोजगार, बेघर को मकान और आम नागरिक को बैंकिंग सुविधा… इन पांच योजनाओं का उद्देश्य देश के अलग-अलग वर्गों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा देना है। इन योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में सरकारी सहायता पहुंचाने का रास्ता बनाया है। लेकिन किसी भी योजना की असली सफलता सिर्फ बजट, घोषणाओं या लाभार्थियों की संख्या से तय नहीं होती। सबसे बड़ा सवाल है कि क्या सही व्यक्ति तक सही समय पर लाभ पहुंच रहा है? क्या लोगों को योजनाओं की  जानकारी है? क्या आवेदन और दस्तावेजों की प्रक्रिया आसान है? और क्या शिकायतों का समय पर समाधान हो रहा है?  क्योंकि सरकार की योजना तभी सफल मानी जाएगी, जब उसका लाभ कागजों से निकलकर आम आदमी के जीवन में बदलाव लाएगा। (प्रकाश कुमार पांडेय)

Exit mobile version