डिंपल यादव के बयान पर केशव मौर्य का पलटवार, बोले- “12 साल में आत्मनिर्भर भारत की नींव मजबूत हुई”

Keshav Maurya counterattack on Dimple Yadav

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार 12 वर्ष के कार्यकाल को लेकर समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भाजपा सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और विपक्ष पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का 12 वर्षों का कार्यकाल देश के लिए परिवर्तनकारी साबित हुआ है और इसी अवधि में भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा है।

1. डिंपल यादव के आरोपों पर केशव मौर्य का करारा जवाब

2. पीएम मोदी के 12 साल के कार्यकाल का किया बचाव
3. सपा-कांग्रेस को बताया सत्ता से बाहर होने के बाद ‘बेरोजगार’
4. गाय और सनातन के मुद्दे पर भी सपा पर साधा निशाना
5. 2027 और 2029 में फिर भाजपा सरकार बनने का दावा

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि एक समय देश जिन वस्तुओं के लिए विदेशी बाजारों पर निर्भर था, आज वही सामान भारत में तैयार हो रहा है। उनके अनुसार केंद्र सरकार की नीतियों के कारण देश में उत्पादन बढ़ा है, उद्योगों को मजबूती मिली है और आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि इससे उन लोगों की भूमिका खत्म हुई है जो विदेशी खरीद और बिचौलिया व्यवस्था से लाभ उठाते थे।

डिप्टी सीएम ने विपक्ष द्वारा बेरोजगारी को लेकर लगाए जा रहे आरोपों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि आज जो राजनीतिक दल सरकार पर बेरोजगारी का आरोप लगा रहे हैं, वे स्वयं सत्ता से बाहर होने के कारण राजनीतिक रूप से बेरोजगार हो गए हैं। उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल और तृणमूल कांग्रेस का नाम लेते हुए कहा कि जनता ने इन दलों को नकार दिया है, इसलिए ये लगातार सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि केंद्र में भाजपा सरकार के 12 वर्षों और उत्तर प्रदेश में भाजपा शासन के 9 वर्षों के दौरान विकास कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ किए गए हैं। सड़क, बिजली, आवास, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में हुए कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचा है। उनके अनुसार युवाओं, किसानों और महिलाओं के लिए सरकार द्वारा चलाई गई योजनाओं ने व्यापक बदलाव लाया है।

राजनीतिक बयानबाजी के दौरान केशव मौर्य ने समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav और सांसद Dimple Yadav की हालिया धार्मिक गतिविधियों पर भी सवाल उठाए। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य से उनकी मुलाकात का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा से गौ संरक्षण और सनातन मूल्यों की पक्षधर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा नेताओं द्वारा गाय और सनातन के मुद्दों पर किया जा रहा राजनीतिक अभियान केवल दिखावा है।

उपमुख्यमंत्री ने अतीत का हवाला देते हुए कहा कि जिन सरकारों के कार्यकाल में गौ तस्करी और गौ हत्या के मामले चर्चा में रहते थे, वे आज गौ संरक्षण की बात कर रहे हैं। उन्होंने विपक्षी दलों को अवसरवादी राजनीति करने वाला करार दिया और कहा कि जनता अब इन दावों और बयानों की वास्तविकता को समझ चुकी है।

डिंपल यादव द्वारा मुख्यमंत्री Yogi Adityanath को लेकर दिए गए कथित बयान पर भी केशव मौर्य ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे अनुचित और अमर्यादित टिप्पणी बताते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पहले डिंपल यादव इस प्रकार की बयानबाजी नहीं करती थीं, लेकिन अब उनकी भाषा में बदलाव दिखाई दे रहा है।

राजनीतिक भविष्य को लेकर भी केशव मौर्य ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल वर्तमान की नहीं बल्कि भविष्य की भी पार्टी है। उनका कहना था कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा फिर सत्ता में लौटेगी और 2029 के लोकसभा चुनाव में भी केंद्र में भाजपा सरकार बनेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी की नीतियों और संगठन की मजबूती के कारण जनता का समर्थन लगातार बढ़ रहा है।

भाजपा प्रदेश संगठन की रणनीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को अभी से आगामी चुनावों की तैयारी में जुटने का संदेश दिया गया है। उनका दावा था कि भाजपा केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों में भी अपनी राजनीतिक स्थिति को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।

इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में सियासी तापमान और बढ़ गया है। एक ओर भाजपा अपने 12 वर्षों के शासनकाल की उपलब्धियों को जनता के सामने रख रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में आने वाले चुनावी वर्षों में दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत दिखाई दे रहे हैं।

Exit mobile version