कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन तय: सिद्धारमैया देंगे इस्तीफा, डीके शिवकुमार होंगे नए मुख्यमंत्री

कर्नाटक की राजनीति में लंबे समय से चल रही नेतृत्व की खींचतान अब खत्म होती नजर आ रही है। Siddaramaiah ने साफ कर दिया है कि वह मुख्यमंत्री पद छोड़ेंगे और उनकी जगह D. K. Shivakumar राज्य की कमान संभालेंगे। कांग्रेस हाईकमान की ओर से हुए इस फैसले के बाद पार्टी के भीतर तीन साल से चल रहा सत्ता संघर्ष आखिरकार समाप्त हो गया है। बेंगलुरु में आयोजित एक अहम ब्रेकफास्ट मीटिंग में सिद्धारमैया ने खुद इस बदलाव की पुष्टि की।

कांग्रेस हाईकमान के फैसले के बाद सिद्धारमैया ने पद छोड़ने पर जताई सहमति

बेंगलुरु स्थित अपने आवास पर वरिष्ठ मंत्रियों और नेताओं के साथ हुई बैठक में सिद्धारमैया ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने डीके शिवकुमार को अगला मुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव रखा है, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। इस बैठक में डीके शिवकुमार भी मौजूद रहे। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक पिछले दो दिनों से दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ लगातार चर्चा चल रही थी और वहीं इस नेतृत्व परिवर्तन पर अंतिम मुहर लगी।

गले मिलते दिखे सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार, कांग्रेस ने दिया एकता का संदेश

सत्ता परिवर्तन की घोषणा के साथ कांग्रेस ने पार्टी में एकजुटता दिखाने की भी कोशिश की। सोशल मीडिया पर दोनों नेताओं की तस्वीरें साझा की गईं, जिनमें सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार एक-दूसरे को गले लगाते दिखाई दिए। कांग्रेस ने संदेश दिया कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और जनता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध रहेगी। इस दौरान डीके शिवकुमार ने सिद्धारमैया के पैर छूकर उनका आशीर्वाद भी लिया, जिसकी तस्वीरें तेजी से वायरल हो गईं।

दिल्ली में चली लंबी राजनीतिक बातचीत के बाद सामने आया फॉर्मूला

सूत्रों के अनुसार पिछले 48 घंटों में दिल्ली में कई दौर की अहम बैठकें हुईं। Mallikarjun Kharge, Rahul Gandhi, Priyanka Gandhi Vadra और K. C. Venugopal के साथ अलग-अलग और संयुक्त बैठकों में सत्ता परिवर्तन को लेकर रणनीति बनाई गई। बताया जा रहा है कि सिद्धारमैया को मनाने के लिए राज्यसभा सीट सहित कई राजनीतिक विकल्पों पर भी चर्चा हुई।

2023 चुनाव के बाद से ही चल रही थी ढाई-ढाई साल वाले फॉर्मूले की चर्चा

कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 में कांग्रेस की जीत के बाद से ही यह चर्चा थी कि मुख्यमंत्री पद को लेकर दोनों नेताओं के बीच समझौता हुआ है। राजनीतिक गलियारों में लगातार यह कहा जाता रहा कि सिद्धारमैया पहले ढाई साल मुख्यमंत्री रहेंगे और उसके बाद डीके शिवकुमार को मौका दिया जाएगा। हालांकि पार्टी ने कभी आधिकारिक रूप से इस फॉर्मूले की पुष्टि नहीं की, लेकिन अब हुए घटनाक्रम ने इन चर्चाओं को लगभग सही साबित कर दिया है।

डीके शिवकुमार के समर्थकों में जश्न, कांग्रेस अब 2028 की तैयारी में जुटी

सिद्धारमैया के इस्तीफे की खबर सामने आते ही डीके शिवकुमार समर्थकों में उत्साह देखने को मिला। बेंगलुरु में उनके आवास के बाहर समर्थकों ने मिठाइयां बांटी और जश्न मनाया। पार्टी अब डीके शिवकुमार के नेतृत्व में 2028 विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू करने जा रही है। कांग्रेस को उम्मीद है कि नेतृत्व परिवर्तन से पार्टी संगठन और सरकार दोनों को नई ऊर्जा मिलेगी तथा विपक्ष के हमलों का जवाब भी मजबूती से दिया जा सकेगा।

 

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