प्री-मानसून का असर: मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर तेज, 29 जिलों में अलर्ट; 25 जून तक मानसून पहुंचने की उम्मीद

Pre-monsoon

मध्य प्रदेश में मानसून से पहले मौसम ने दिखाई सक्रियता

मध्य प्रदेश में मानसून भले ही अभी पूरी तरह दस्तक न दे पाया हो, लेकिन प्री-मानसून गतिविधियों ने पूरे प्रदेश का मौसम सुहावना बना दिया है। शनिवार को राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर और धार सहित कई जिलों में बारिश दर्ज की गई, जिससे भीषण गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिली।

भोपाल-इंदौर समेत कई शहरों में झमाझम बारिश

60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है आंधी

विदिशा, राजगढ़, रायसेन और गुना में विशेष सतर्कता

प्रदेश में 8 से 10 दिन देरी से पहुंच सकता है मानसून

प्री-मानसून गतिविधियों से बदला मौसम का मिजाज

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। विभाग ने विशेष रूप से विदिशा, राजगढ़, गुना और रायसेन जिलों के लिए तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है।

29 जिलों में जारी हुआ मौसम अलर्ट

मौसम वैज्ञानिकों ने प्रदेश के 29 जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई है। इन जिलों में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, श्योपुर, गुना, राजगढ़, सीहोर, देवास, शाजापुर, अशोकनगर, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल समेत कई जिले शामिल हैं। विभाग का अनुमान है कि अगले 12 घंटों के दौरान कुछ क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

कई जिलों में दर्ज हुई बारिश

शनिवार को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, झाबुआ, रतलाम, नीमच, आगर, राजगढ़, विदिशा, सागर और दमोह जिलों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हुई।

बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। कई स्थानों पर तेज हवाओं के कारण पेड़ और बिजली के खंभे भी प्रभावित हुए।

मानसून की रफ्तार हुई धीमी

सामान्य तौर पर मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून 15 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार इसकी गति धीमी बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून फिलहाल तेलंगाना क्षेत्र में रुका हुआ है और 8 जून के बाद इसकी प्रगति में खास तेजी नहीं देखी गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले एक-दो दिनों में मानसून सक्रिय होता है और उसकी गति बढ़ती है, तो वह 25 जून के आसपास मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। यानी इस बार मानसून प्रदेश में लगभग 8 से 10 दिन की देरी से पहुंच सकता है।

किसानों के लिए राहत और चिंता दोनों

प्री-मानसून बारिश ने किसानों को खरीफ फसलों की तैयारी के लिए राहत दी है। खेतों में नमी बढ़ने से बुवाई की तैयारियां तेज हो सकती हैं। हालांकि मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि तेज आंधी और अस्थिर मौसम के कारण किसानों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

विशेष रूप से खुले में रखी कृषि उपज, सब्जियों और फलदार फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

आगे कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के मुताबिक अगले 4 से 5 दिनों तक प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी। कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का दौर बना रह सकता है। तापमान में बड़ी बढ़ोतरी की संभावना फिलहाल नहीं है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलती रहेगी।

प्रदेशवासियों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें, बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों से दूर रहें और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर बनाए रखें।

मध्य प्रदेश में मानसून की औपचारिक एंट्री भले ही अभी बाकी हो, लेकिन प्री-मानसून बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। अगले कुछ दिनों तक आंधी, बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं प्रशासन और किसानों के लिए सतर्क रहने का समय भी है। 25 जून तक मानसून की दस्तक प्रदेश को पूरी तरह तरबतर कर सकती है।

Exit mobile version