ब्रिटेन ने डिजिटल दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल Google पर नई शर्तें लागू कर दी हैं। इन नियमों का मकसद समाचार वेबसाइटों, मीडिया संस्थानों और अन्य कंटेंट पब्लिशर्स को अधिक अधिकार देना है। लंबे समय से यह शिकायत उठ रही थी कि AI आधारित सर्च फीचर्स के कारण वेबसाइटों पर आने वाला ट्रैफिक घट रहा है और कंटेंट का उपयोग बिना पर्याप्त नियंत्रण के किया जा रहा है। अब ब्रिटेन के प्रतिस्पर्धा नियामक ने इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए Google के लिए नए आचार नियम तय किए हैं।
ब्रिटेन के नियामक ने Google की बाजार में मजबूत पकड़ पर जताई चिंता
ब्रिटेन की प्रतिस्पर्धा और बाजार प्राधिकरण (CMA) ने Google को “स्ट्रैटेजिक मार्केट स्टेटस” वाली कंपनी के रूप में चिह्नित किया है। इसका अर्थ है कि कंपनी की बाजार में इतनी बड़ी हिस्सेदारी है कि उसके लिए विशेष नियम बनाए जा सकते हैं। ब्रिटेन में ऑनलाइन सर्च के अधिकांश हिस्से पर Google का नियंत्रण है और यही कारण है कि नियामक संस्था उसकी गतिविधियों पर अधिक निगरानी रखना चाहती है।
अब पब्लिशर्स खुद तय करेंगे AI में उनका कंटेंट इस्तेमाल होगा या नहीं
नए नियमों के तहत समाचार संस्थानों और वेबसाइट संचालकों को यह अधिकार मिलेगा कि वे अपने कंटेंट के AI आधारित उपयोग को नियंत्रित कर सकें। यदि कोई प्रकाशक नहीं चाहता कि उसका लेख, रिपोर्ट या अन्य सामग्री Google के AI फीचर्स में दिखाई जाए, तो वह इसके लिए अलग विकल्प चुन सकेगा। इससे कंटेंट निर्माताओं को अपने बौद्धिक संसाधनों पर अधिक नियंत्रण मिलेगा।
AI ओवरव्यू के कारण वेबसाइट ट्रैफिक में आई गिरावट बनी चिंता का विषय
हाल के वर्षों में AI आधारित सर्च परिणामों के बढ़ते उपयोग ने कई मीडिया संस्थानों की चिंता बढ़ाई है। जब उपयोगकर्ताओं को सर्च पेज पर ही सारांश या उत्तर मिल जाता है, तो वे मूल वेबसाइट पर कम जाते हैं। इससे वेबसाइटों की क्लिक संख्या और विज्ञापन आय प्रभावित होती है। इसी समस्या को देखते हुए ब्रिटेन ने ऐसे नियम लागू करने का फैसला किया है जो डिजिटल प्लेटफॉर्म और पब्लिशर्स के बीच संतुलन बना सकें।
Google ने भी किए बड़े बदलाव, वेबसाइट मालिकों को देगा नए नियंत्रण
Google ने कहा है कि वह वेबसाइट संचालकों के लिए नए टूल और कंट्रोल विकसित कर रहा है। कंपनी के अनुसार पब्लिशर्स यह तय कर सकेंगे कि उनके लिंक और सामग्री AI आधारित सर्च फीचर्स में किस तरह दिखाई दें। साथ ही AI जवाबों में अधिक लिंक जोड़ने और वेबसाइट मालिकों को अतिरिक्त डेटा उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
दुनियाभर में बढ़ रही है Google पर नियामकीय निगरानी
ब्रिटेन का यह कदम ऐसे समय आया है जब अमेरिका और यूरोपीय संघ सहित कई देशों में Google की कारोबारी नीतियों की जांच चल रही है। AI तकनीक के तेजी से विस्तार के बीच सरकारें यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि बड़ी टेक कंपनियां पारदर्शी तरीके से काम करें और कंटेंट निर्माताओं के अधिकारों की रक्षा हो। विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रिटेन का यह फैसला भविष्य में वैश्विक डिजिटल नियमों के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकता है।