नई दिल्ली। सावन के पावन महीने में लाखों श्रद्धालु कांवड़ यात्रा की तैयारी कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी पैदल यात्रा पर निकलने से पहले केवल धार्मिक तैयारियां ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य की जांच भी उतनी ही जरूरी है। कई किलोमीटर तक लगातार चलना, गर्मी और उमस शरीर पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं, इसलिए डॉक्टर यात्रा से पहले कुछ जरूरी मेडिकल जांच कराने की सलाह दे रहे हैं।
- डॉक्टरों ने बताए यात्रा से पहले जरूरी हेल्थ चेकअप
- बीपी, शुगर और ईसीजी की जांच को दी प्राथमिकता
- पैर, जोड़ों और मांसपेशियों की फिटनेस भी जरूरी
- सांस और किडनी की जांच से घटेगा स्वास्थ्य जोखिम
- तैयारी सिर्फ आस्था की नहीं, सेहत की भी जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और ईसीजी जैसी जांच सबसे पहले करानी चाहिए, ताकि हृदय और रक्तचाप से जुड़ी किसी छिपी समस्या का समय रहते पता चल सके। इसके अलावा पैरों, टखनों, घुटनों और मांसपेशियों की जांच भी आवश्यक है, क्योंकि लगातार पैदल चलने से इन हिस्सों पर सबसे अधिक दबाव पड़ता है।
जिन लोगों को अस्थमा, सांस लेने में परेशानी या फेफड़ों से जुड़ी बीमारी है, उन्हें रेस्पिरेटरी फंक्शन टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है। वहीं, डिहाइड्रेशन और गर्मी से होने वाली समस्याओं से बचने के लिए इलेक्ट्रोलाइट्स और किडनी फंक्शन टेस्ट भी उपयोगी माने जाते हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि यदि किसी श्रद्धालु को पहले से हृदय रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप या अन्य गंभीर बीमारी है, तो यात्रा शुरू करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें। सही स्वास्थ्य जांच, पर्याप्त पानी, संतुलित आहार, आरामदायक जूते और आवश्यक दवाइयों के साथ की गई तैयारी कांवड़ यात्रा को अधिक सुरक्षित, सहज और सफल बना सकती है।