भोपाल में शनिवार को शिक्षा, युवा विकास और सुशासन से जुड़े मुद्दों पर महत्वपूर्ण चर्चा देखने को मिली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर शिक्षा सुधार, युवाओं के भविष्य और राज्य के विकास से जुड़े कई विषयों पर विचार-विमर्श किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के साझा विकास एजेंडे को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा की।
मुख्यमंत्री निवास पर हुई मुलाकात, विकास और सुशासन पर हुई विस्तृत बातचीत
भोपाल प्रवास के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आधिकारिक निवास पहुंचे। मुख्यमंत्री ने उनका पारंपरिक सम्मान करते हुए पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंट किया। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था, युवाओं के कौशल विकास, प्रशासनिक सुधार और विकास परियोजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्वच्छता अभियान में शामिल होकर दिया जनभागीदारी का संदेश
अपने दौरे की शुरुआत में धर्मेंद्र प्रधान ने सूरज नगर स्थित नागेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने नागरिकों से स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जन आंदोलन है और विकसित भारत की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
भोपाल शूटिंग अकादमी में खिलाड़ियों से मिले, खेल और शिक्षा को साथ बढ़ाने पर दिया जोर
स्वच्छता कार्यक्रम के बाद केंद्रीय मंत्री ने खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के साथ भोपाल की शूटिंग अकादमी का दौरा किया। यहां उन्होंने खिलाड़ियों से मुलाकात की और उनकी तैयारियों की जानकारी ली। खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश में खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने खिलाड़ियों को शिक्षा और खेल दोनों क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
नई शिक्षा नीति में खेलों को मुख्यधारा से जोड़ने की तैयारी तेज
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत खेल और शारीरिक शिक्षा को विशेष महत्व दिया गया है। सरकार ऐसी व्यवस्था विकसित कर रही है जिसमें विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों और खेल उपलब्धियों को एक साथ जोड़ा जा सके। उन्होंने बताया कि APAAR ID के माध्यम से छात्रों के खेल रिकॉर्ड को भी अकादमिक पहचान से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही क्रेडिट आधारित शिक्षा प्रणाली में खेल गतिविधियों को शामिल करने की दिशा में भी काम चल रहा है।
2036 ओलंपिक और विकसित भारत 2047 का लक्ष्य बताया राष्ट्रीय संकल्प
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत अगले दो दशकों में आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने 2036 ओलंपिक की मेजबानी को देश का बड़ा सपना बताया और कहा कि इसके लिए खेल ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक भारत विकसित राष्ट्र के रूप में दुनिया के सामने खड़ा होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को साकार करने में युवा शक्ति सबसे बड़ी भूमिका निभाएगी।