लगातार कई दिनों तक नरमी दिखाने के बाद सर्राफा बाजार में एक बार फिर रौनक लौटती नजर आ रही है। 13 जून को सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती दर्ज की गई है। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत, निवेशकों की बढ़ती खरीदारी और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग ने कीमती धातुओं को नई ताकत दी है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और आर्थिक संकेतकों के चलते आने वाले दिनों में सोने-चांदी की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
लगातार गिरावट के बाद बाजार में लौटे खरीदार, सोने को मिला नया सहारा
पिछले कुछ सत्रों में सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिली थी। इस गिरावट के बाद निवेशकों और ज्वेलर्स ने खरीदारी बढ़ा दी। बाजार में जैसे ही कीमतें नीचे आईं, बड़ी संख्या में खरीदार सक्रिय हो गए। यही वजह है कि शनिवार को सोना फिर मजबूती के साथ कारोबार करता दिखाई दिया।
आज 24 कैरेट सोने का भाव 1,48,580 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। वहीं 22 कैरेट सोना 1,36,200 से 1,37,230 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच कारोबार कर रहा है। 18 कैरेट सोने की कीमत 1,11,450 से 1,12,420 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गई है।
देश के प्रमुख शहरों में क्या हैं सोने के ताजा भाव, यहां देखें पूरी सूची
| शहर | 24 कैरेट सोना (10 ग्राम) |
|---|---|
| दिल्ली | ₹1,49,320 |
| मुंबई | ₹1,49,580 |
| कोलकाता | ₹1,49,380 |
| चेन्नई | ₹1,50,020 |
| हैदराबाद | ₹1,49,820 |
| अहमदाबाद | ₹1,49,780 |
| पटना | ₹1,48,910 |
| भोपाल | ₹1,49,050 |
भोपाल सहित अधिकांश शहरों में सोने की कीमतों में मजबूती बनी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार शादी-विवाह के सीजन और निवेशकों की बढ़ती रुचि के चलते मांग मजबूत बनी हुई है।
चांदी ने भी दिखाई ताकत, एक किलो का भाव फिर 2.60 लाख के करीब
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी अच्छा उछाल दर्ज किया गया है। बाजार में चांदी का भाव 260.10 रुपये प्रति ग्राम तक पहुंच गया है। इसके अनुसार एक किलो चांदी की कीमत लगभग 2.60 लाख रुपये के आसपास कारोबार कर रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि औद्योगिक मांग और निवेशकों की खरीदारी के कारण चांदी को भी लगातार समर्थन मिल रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर और ऑटोमोबाइल सेक्टर में बढ़ती खपत भी चांदी की कीमतों को मजबूती दे रही है।
वैश्विक घटनाक्रम और आर्थिक संकेतों ने बदला बुलियन बाजार का मूड
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को लेकर हाल के दिनों में कई सकारात्मक संकेत सामने आए हैं। सैन्य टकराव की आशंकाएं कुछ हद तक कम हुई हैं, लेकिन वैश्विक अनिश्चितता अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। इसी कारण निवेशक सोने और चांदी को सुरक्षित विकल्प के रूप में देख रहे हैं।
इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की संभावना भी चर्चा में है। यदि ब्याज दरें कम होती हैं तो डॉलर पर दबाव बढ़ सकता है, जिसका सीधा लाभ सोने-चांदी को मिलता है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी बुलियन की मांग मजबूत बनी हुई है।
सरकारी नीतियों और आयात लागत में बदलाव का भी दिख रहा असर
बाजार जानकारों के मुताबिक आयात मूल्य निर्धारण में हुए बदलावों और घरेलू बाजार में बढ़ती मांग ने भी कीमतों को सहारा दिया है। बड़े ज्वेलर्स और निवेशकों की खरीदारी बढ़ने से बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है।
हालांकि विशेषज्ञ यह भी सलाह दे रहे हैं कि निवेशक केवल तेजी देखकर जल्दबाजी में फैसला न लें। सोने और चांदी में निवेश करने से पहले बाजार की चाल, वैश्विक संकेत और अपनी वित्तीय जरूरतों का मूल्यांकन जरूर करें।
आने वाले दिनों में अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, डॉलर की स्थिति और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाएं सोने-चांदी की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। फिलहाल सर्राफा बाजार में तेजी का माहौल बना हुआ है और निवेशकों की नजर हर नए संकेत पर टिकी हुई है।