Wednesday, July 22, 2026
  • Contact
India News
  • मुख्य समाचार
  • राजनीति
  • संपादक की पसंद
  • शहर और राज्य
    • उत्तर प्रदेश
      • आगरा
      • कानपुर
      • लखनऊ
      • मेरठ
    • छत्तीसगढ
      • जगदलपुर
      • बिलासपुर
      • भिलाई
      • रायपुर
    • दिल्ली
    • बिहार
      • पटना
    • मध्य प्रदेश
      • इंदौर
      • ग्वालियर
      • जबलपुर
      • भोपाल
    • महाराष्ट्र
      • नागपुर
      • नासिको
      • पुणे
      • मुंबई
    • राजस्थान
      • अजमेर
      • कोटा
      • जयपुर
      • जैसलमेर
      • जोधपुर
  • स्टार्टअप
  • कृषि
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • धर्म
  • ऑटो
  • सरकारी नौकरी
  • वीडियो
No Result
View All Result
India News
Home शहर और राज्य दिल्ली

देवभूमि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता:, बीजेपी की धामी सरकार ने विधानसभा में पेश किया UCC बिल

DigitalDesk by DigitalDesk
February 6, 2024
in दिल्ली, मुख्य समाचार, राजनीति, स्पेशल
0
Devbhoomi Uttarakhand Uniform Civil Code BJP Dhami Government Assembly UCC Bill
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterWhatsapp

देवभूमि उत्तराखंड में इन दिनों बर्फबारी के बीच मौसम भले ही ठंडा हो लेकिन सियायत जमकर गरमा रही है। दरअसल राज्य के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को राज्य विधानसभा में समान नागरिक संहिता यानि यूसीसी विधेयक पेश कर दिया है। विधानसभा द्वारा इसे पारित किये जाने और अधिनियम बनने के बाद उत्तराखंड यूसीसी को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा।

  • उत्तराखंड विधानसभा में यूसीसी का मसौदा किया पेश
  • यूसीसी लागू करन वाला पहला राज्य होगा उत्तराखंड
  • विधानसभा में सीएम धामी ने पेश किया यूसीसी
  • अनुसूचित जनजातियों को विधेयक के दायरे से दी गई छूट
  • सभी धर्म की लड़कियों के विवाह के लिए समान आयु
  • लड़का लड़की दोनों के लिए समान विरासत अधिकार
  • लिव इन रिलेशनशिप में रहने वालों के लिए पंजीकरण अनिवार्य
  • बहुविवाह, हलाला, इद्दत और बाल विवाह को किया प्रतिबंधित

इससे पहले सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लियाा कि देवभूमि उत्तराखंड के नागरिकों को समान अधिकार देने के उद्देश्य से ही विधानसभा में एक समान नागरिक संहिता विधेयक पेश किया जा रहा है। यह राज्य के सभी नागरिकों के लिए गर्व का क्षण है। सीएम ने लिखा उत्तराखंड यूसीसी को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ने वाला देश का पहला राज्य बनने जा रहा है।

Related posts

UCC passed in MP framework of personal laws to change Madhya Pradesh moves towards One Nation One Law

एमपी में UCC पास, बदलेगा निजी कानूनों का ढांचा….एक देश, एक कानून की ओर मध्यप्रदेश

July 21, 2026
Share Market News Update: लगातार दूसरे दिन लाल निशान में बंद हुआ शेयर बाजार, IT और PSU बैंकिंग शेयरों में बिकवाली से सेंसेक्स-निफ्टी फिसले

Share Market News Update: लगातार दूसरे दिन लाल निशान में बंद हुआ शेयर बाजार, IT और PSU बैंकिंग शेयरों में बिकवाली से सेंसेक्स-निफ्टी फिसले

July 21, 2026

बता दें पिछले हफ्ते उत्तराखंड की सरकार ने सीएम पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी की मसौदा रिपोर्ट को मंजूरी दी थी। सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजन प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली यूसीसी मसौदा समिति ने पिछले दिनों 2 फरवरी को 740 पन्नों की यह रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। इस रिपोर्ट को चार खंडों में बांटा गया था।
मसौदा प्रेश करने के साथ ही लगभग दो साल की प्रक्रिया समाप्त हो गई जो 27 मई 2022 को प्रारंभ की गई थी। समिति द्वारा रखे गए कुछ प्रमुख प्रस्तावों में बहुविवाह, हलाला, इद्दत और बाल विवाह को प्रतिबंधित किया गया है। वहीं सभी धर्मों में लड़कियों के विवाह के लिए समान आयु , लड़का लड़की दोनों के लिए समान विरासत अधिकार के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहने वालों के लिए अनिवार्य पंजीकरण शामिल है। हालांकि अनुसूचित जनजातियों को विधेयक के दायरे से छूट दी गई है। बता दें देवभूमि उत्तराखंड में जनजातीय आबादी लगभग 3 प्रतिशत है। यह आबादी उन्हें दिए गए विशेष दर्जे के मद्देनजर यूसीसी के खिलाफ अपनी असहमति जता रही थी।

अवैध संतान भी संपत्ति की हकदार

यूसीसी के तहत अब वैध और अवैध संतान के बीच की दूरियां खत्म होंगी। यूसीसी बिल का उद्देश्य भी यही है। संपत्ति के अधिकार के संबंध में वैध और अवैध संतान के बीच के अंतर को खत्म करना है। अवैध संबंध से होने वाली संतान को भी अब संपत्ति में बराबर के हक मिलेगा। इतना ही नहीं ऐसे बच्चों को जैविक संतान के रूप में पहचान मिलेगी। नाजायज बच्चों को संबंधित दंपति की जैविक संतान माना गया है।
इसी तरह गोद लिए गए और बायोलॉजिकली रूप से जन्म लेने वाले बच्चों को भी अधिकार दिए गए हैं। समानता समान नागरिक संहिता विधेयक में गोद लिए गए बच्चे ही नहीं सरोगेसी के जरिए पैदा हुए , सहायक प्रजनन तकनीक के जरिए से पैदा हुए बच्चों के बीच कोई अंतर नहीं होगा। ऐसे बचचों को अन्य बायोलॉजिकली बच्चों की तरह जैविक बच्चा माना है। उन्हें समान अधिकार दिए गए हैं।

Post Views: 448
Tags: #Assembly UCC Bill#Dhami Government#Uniform Civil CodeBJPDevbhoomiuttarakhand
LIVE India News

लाइव इंडिया न्यूज 2016 से आप तक खबरें पंहुचा रहा है। लाइव इंडिया वेबसाइट का मकसद ब्रेकिंग, नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, बिजनेस और अर्थतंत्र से जुड़े हर अपडेट्स सही समय पर देना है। देश के हिंदी भाषी राज्यों से रोजमर्रा की खबरों से लेकर राजनीति नेशनल व इंटरनेशनल मुद्दों से जुडी खबरें और उनके पीछे छुपे सवालों को बेधड़क सामने लाना, देश-विदेश के राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों का विश्लेषण बेबाकी से करना हमारा मकसद है।

Vihan Limelite Event & Entertainment Pvt Ltd
Regd Office Flat No 1
Mig 3 E 6
Arera Colony Bhopal

Branch Office
Main Road. Tikraparaa
Raipur CG

Director Deepti Chaurasia
Mobile No 7725016291

Email id - liveindianewsandviews@gmail.com

Currently Playing

क्यों लगातार फेल हो रही टीम इंडिया? मोहम्मद कैफ ने टीम मैनेजमेंट के फैसलों पर उठाए बड़े सवाल

क्यों लगातार फेल हो रही टीम इंडिया? मोहम्मद कैफ ने टीम मैनेजमेंट के फैसलों पर उठाए बड़े सवाल

क्यों लगातार फेल हो रही टीम इंडिया? मोहम्मद कैफ ने टीम मैनेजमेंट के फैसलों पर उठाए बड़े सवाल

मुख्य समाचार
T20 मुकाबले में भारतीय टीम की शर्मनाक हार  हर्षित राणा को क्यों दिया जा रहा मौका!

T20 मुकाबले में भारतीय टीम की शर्मनाक हार हर्षित राणा को क्यों दिया जा रहा मौका!

मुख्य समाचार
Ram Temple donation theft 3 दिन के अंदर अयोध्या छोड़े चपंत राय अयोध्या बार एसोसिएशन

Ram Temple donation theft 3 दिन के अंदर अयोध्या छोड़े चपंत राय अयोध्या बार एसोसिएशन

उत्तर प्रदेश

RSS Unknown Feed

  • Contact

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

No Result
View All Result
  • Home
  • मुख्य समाचार
  • शहर और राज्य
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • संपादक की पसंद
  • मनोरंजन
  • स्टार्टअप
  • धर्म
  • कृषि

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

Go to mobile version