चीन के आधुनिकीकरण: बहुआयामी विकास उपलब्धियां और नई यात्रा

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वर्ष 2026 चीन की विकास प्रक्रिया में विशेष महत्व रखता है। यह वर्ष न केवल
चीन लोक गणराज्य की स्थापना की 77वीं वर्षगांठ है, बल्कि ऐतिहासिक 15वीं
पंचवर्षीय योजना की शुरुआत और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की स्थापना
की 105वीं वर्षगांठ का भी प्रतीक है।
इस महत्वपूर्ण मोड़ पर, चीन पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने दूसरे शताब्दी
लक्ष्य की ओर मजबूती से बढ़ रहा है और हर पहलू में एक आधुनिक समाजवादी
देश के निर्माण की एक नई और भव्य यात्रा पर निकल पड़ा है।
ऐतिहासिक आधारशिला: खड़े होने से समृद्ध बनने तक
1 अक्टूबर, 1949 को जब चीन के दिवंगत नेता माओ त्सेतुंग ने थ्येनआनमन
चौक से चीन लोक गणराज्य की स्थापना की ऐतिहासिक घोषणा की, तो यह
केवल एक नए देश का जन्म नहीं था, बल्कि एक सदी के राष्ट्रीय अपमान का अंत
था। उस दिन उस अपमानजनक इतिहास का निर्णायक अंत हो गया।
उस ऐतिहासिक क्षण से, सीपीसी के दृढ़ नेतृत्व में, देश ने क्रांति, निर्माण और
सुधार की असाधारण यात्रा शुरू की। इस पूरी यात्रा में जो एक बात अडिग रही, वह
है सीपीसी का मूल दर्शन – जनता के मौलिक हितों को सभी कार्यों के केंद्र में
रखना। जनता को केंद्र में रखने की इसी प्रतिबद्धता ने चीन को सिर्फ खड़ा होने से
लेकर समृद्ध बनने तक का मार्ग दिखाया है, और एक आधुनिक समाजवादी देश
के निर्माण तथा चीनी राष्ट्र के महान पुनरुत्थान को साकार करने के लिए एक
अटूट नींव रखी है।
आर्थिक उड़ान: एक पिछड़े कृषि प्रधान राष्ट्र से विश्व की दूसरी सबसे बड़ी
अर्थव्यवस्था तक
पिछले 77 वर्षों में सीपीसी के नेतृत्व में चीन ने ऐतिहासिक कायापलट किया है —
1953 में पहली पंचवर्षीय योजना से लेकर एक गरीब कृषि प्रधान राष्ट्र से दुनिया
की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और सबसे बड़ी विनिर्माण महाशक्ति बनने

तक।
1978 के सुधार और खुलेपन के बाद से यह उड़ान निरंतर रही है। 2025 में चीन की
जीडीपी 140.19 ट्रिलियन युआन (लगभग 20.28 ट्रिलियन डॉलर) तक पहुंच गई,
जिसमें 5% की मजबूत वृद्धि हुई। प्रति व्यक्ति जीडीपी 13,953 डॉलर रही, जो
लगातार तीन वर्षों से 13,000 डॉलर से ऊपर है।
आज भारत सहित 157 देशों के लिए चीन शीर्ष तीन व्यापारिक भागीदारों में
है।1980 के बाद से चीन की अर्थव्यवस्था 40 गुना बढ़ी है। वैश्विक विकास में
लगभग 30% योगदान के साथ, चीन विश्व अर्थव्यवस्था का स्थिरीकरणकर्ता
और इंजन बन गया है, जहां विनिर्माण मूल्यवर्धन 34.7 ट्रिलियन युआन यानी
जीडीपी का 25% है।
गरीबी उन्मूलन : मानव इतिहास में गरीबी घटाने का अभूतपूर्व चमत्कार
पूर्ण गरीबी समाप्त करने में चीन ने ऐतिहासिक चमत्कार किया है। 2020 में चीन
ने पूर्ण गरीबी उन्मूलन की घोषणा कर संयुक्त राष्ट्र के 2030 एजेंडा के लक्ष्य को
10 साल पहले हासिल कर लिया।
इसके ठोस परिणाम हैं। पूर्व गरीब ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति आय 2020 में
12,588 युआन से बढ़कर 2025 में 18,627 युआन हो गई, जिसमें 8.2% वार्षिक
वृद्धि रही। 3.2 करोड़ से अधिक गरीबी-मुक्त लोगों को स्थिर रोजगार मिला है।
यह इसलिए संभव हुआ क्योंकि सीपीसी का विश्वास है कि सत्ता केवल जनता की
सेवा के लिए है। चीन ने शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य की दुनिया की
सबसे बड़ी प्रणालियां बनाईं। आज बुनियादी पेंशन एक अरब से अधिक लोगों को,
चिकित्सा बीमा 95% आबादी को कवर करता है और औसत आयु 78.2 वर्ष हो गई
है। मातृत्व बीमा 26 करोड़ लोगों तक है और सहायक प्रजनन तकनीक को बीमा
में शामिल करने से 16 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिला है। ग्रामीण क्षेत्रों में
99 प्रतिशत से अधिक कम आय वाली और गरीब आबादी चिकित्सा बीमा के
दायरे में है।

तकनीकी नवाचार : अनुसरण से वैश्विक नेतृत्व तक
विज्ञान और प्रौद्योगिकी में चीन की सफलताएं उसके विकास की दिशा को नया
आकार दे रही हैं। 2025 तक चीन का अनुसंधान एवं विकास व्यय 3.9 ट्रिलियन
युआन तक पहुंचने वाला है, जो सालाना 8.1 प्रतिशत की वृद्धि है और सकल
घरेलू उत्पाद का 2.8 प्रतिशत है। उच्च तकनीक विनिर्माण का अतिरिक्त मूल्य
9.4 प्रतिशत बढ़ेगा, जो निर्धारित आकार से ऊपर के उद्योगों के उत्पादन का 17.1
प्रतिशत होगा।
निर्यात के नए तीन स्तंभ यानी इलेक्ट्रिक वाहन, फोटोवोल्टिक उत्पाद और
लिथियम बैटरी का निर्यात 1.3 ट्रिलियन युआन के करीब पहुंचेगा, जिसमें 27.1
प्रतिशत की जोरदार वृद्धि दर्ज होगी। आज दुनिया की एक तिहाई से अधिक
यूनिकॉर्न कंपनियां चीन में हैं, जो जैव प्रौद्योगिकी और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में
अपनी असाधारण ताकत का प्रदर्शन कर रही हैं।
हरित परिवर्तन : नई ऊर्जा विकास ने बनाया नया रिकॉर्ड
चीन का हरित परिवर्तन अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ रहा है। 2025 में पवन और
सौर ऊर्जा की नई स्थापित क्षमता 43 करोड़ किलोवाट से अधिक रही, जो सालाना
आधार पर 22 प्रतिशत की वृद्धि है और एक नया रिकॉर्ड है। पवन और सौर ऊर्जा
की कुल ग्रिड से जुड़ी स्थापित क्षमता 1.84 अरब किलोवाट तक पहुंच गई है, जो
देश की कुल स्थापित क्षमता का 47.3 प्रतिशत है और इतिहास में पहली बार
तापीय ऊर्जा को पीछे छोड़ दिया है। अब पवन और सौर ऊर्जा देश के कुल बिजली
उत्पादन में 22 प्रतिशत का योगदान दे रही हैं, जबकि समग्र रूप से नवीकरणीय
ऊर्जा देश के कुल बिजली उत्पादन का लगभग 40 प्रतिशत है।
खुलेपन की ताकत: चीन की व्यापारिक शक्ति और मजबूत
पश्चिमी मीडिया ने कई बार चीन के व्यापार के अंत की भविष्यवाणी की है।
लेकिन आंकड़े हर बार उन्हें गलत साबित करते हैं। 2025 में चीन का कुल व्यापार
45.47 ट्रिलियन युआन तक पहुंच गया, जो 3.8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ

लगातार नौवें साल की बढ़त है। यह कोई संयोग नहीं, बल्कि एक बढ़ते बाजार की
लचीलापन है। निर्यात 6.1 प्रतिशत बढ़कर 26.99 ट्रिलियन युआन हो गया,
जिसकी ताकत इलेक्ट्रिक वाहन, लिथियम बैटरी और हाई-एंड विनिर्माण बने।
आयात रिकॉर्ड 18.48 ट्रिलियन युआन तक पहुंचा, और चीन लगातार 17वें साल
दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा आयात बाजार बना रहा।
14वीं पंचवर्षीय योजना की अवधि में चीन का कुल व्यापार 200 ट्रिलियन युआन
से अधिक रहा, जो पिछली योजना से 40 प्रतिशत अधिक है। यह गति जारी है।
जनरल एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ कस्टम्स के अनुसार, जनवरी से अगस्त 2026 के
दौरान देश का कुल वस्तु व्यापार सालाना आधार पर 17.6 प्रतिशत बढ़कर 34.78
ट्रिलियन युआन (लगभग 5.13 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर) तक पहुंच गया।
यह दर्शाता है कि घरेलू मांग मजबूत हो रही है और चीन अपना बाजार बंद नहीं,
बल्कि और अधिक खोल रहा है। वैश्विक साझेदारों के लिए यह खतरा नहीं, बल्कि
अवसर है, एक विशाल और बढ़ता हुआ बाजार जो टकराव के बजाय सहयोग को
पुरस्कृत करता है।
नई यात्रा: 15वीं पंचवर्षीय योजना में आधुनिकीकरण का नया अध्याय
मार्च 2026 में चीन ने 15वीं पंचवर्षीय योजना के तहत 2026-2030 के लिए अपना
विकास खाका मंजूर किया, जिसके केंद्र में उच्च गुणवत्ता वाला विकास है,
आधुनिक औद्योगिक प्रणाली का निर्माण, तकनीकी आत्मनिर्भरता, घरेलू मांग
का विस्तार और हरित परिवर्तन। यह अवधि 14वीं पंचवर्षीय योजना को 2035
तक समाजवादी आधुनिकीकरण के लक्ष्य से जोड़ने वाला अहम चरण है।
चीन की उपलब्धियां उपहार में नहीं मिलीं, बल्कि हर कठिनाई को पार कर लोगों
के अथक संघर्ष से हासिल हुई हैं। शांतिपूर्ण विकास के मार्ग पर चलते हुए और
वर्चस्व को नकारते हुए, चीन बेल्ट एंड रोड पहल और वैश्विक विकास, सुरक्षा व
सभ्यता पहलों के जरिए मानवता के साझा भविष्य वाले समुदाय का निर्माण कर
रहा है।

दुनिया को चीन के विकास में नई संभावनाओं को पहचानने की जरूरत है। बाहरी
दुनिया चाहे जैसे भी बदले, आधुनिक समाजवादी महाशक्ति बनने का चीन का
लक्ष्य अटल है।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग) (लेखक— रविशंकर बसु)

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